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सड़कों और बाजार में पसर जाता है सन्नाटा

Wed, 14 Dec 2016 07:01 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,गाजीपुर
ब्यूरो,अमर उजाला,गाजीपुर Updated Wed, 14 Dec 2016 07:01 PM IST
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thand ka kahar sadakon aur bazar me sannata
ठंड में स्‍कूल जाते बच्‍चे।
कड़ाके की ठंड और कोहरे ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। हर कोई हाड़कंपा देने वाली ठंड से परेशान हैं। सुबह और शाम सड़कें सुनी हो जा रही हैं और  बाजारों से चहल-पहल खत्म हो जा रही है। ग्रामीण इलाके में देर शाम के बाद सभी दूकानें बंद हो जा रही हैं। आलम यह है कि सुबह और शाम गुलजार रहने वाली चट्टियों पर भी सन्नाटा छा जा रहा है। बुधवार को सर्दी और गलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। शाम ढलने के साथ ही फिर से सर्द हवा के साथ सर्दी बढ़ गई और आधी रात होते-होते ठंड बढ़ गई। 
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शहर के मिश्र बाजार, महुआबाग, लालदरवाजा, शीशनाथ तथा एमएएस इंटर कालेज के पास लगने वाला सब्जी बाजार में पूरा सन्नाटा रहा। आम  दिनों में इन बाजारों में सुबह से ही चहल-पहल देखने को मिलती थी, पर कड़ाके  की ठंढ के कारण बहुत कम लोग बाजारों का रुख कर रहे हैं। ऐसे में सब्जी दूकानदारों के सामने भी समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में सब्जी और फलों के दामों में भी काफी कमी आई है।

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लोगों  का कहना है कि यह दिसंबर की शुरूआत है। अभी ठंड और ज्यादा बढ़ने की संभावना है। अगर ऐसी ही स्थिति  रही तो सब्जी दूकानदारों के व्यवसाय पर काफी असर पड़ सकता है। नगर के दूकानदार राजेंद्र प्रसाद वर्मा, संजय वर्मा, कालीचरण, राकेश आदि का कहना है कि अब तक नोटबंदी ने व्यवसाय को प्रभावित किया था और अब ठंड के कारण धंधा चौपट हो रहा है।

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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवाओं का रुख बदलने के बाद ही सर्दी कम होगी। जनपद में सर्द भरी हवाओं ने शरीर में सिरहन पैदा कर दी  है। लोगों की दिनचर्या गड़बड़ा गई है। ग्रामीण अंचलों में अलाव के सहारे लोगों ने दिन गुजारा। खेती की दृष्टि से इस तरह की सर्दी को कुछ फसलों के लिए नुकसानदायक तो कुछ के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।

 

किसानों ने आशंका भी व्यक्त की है कि अगर पाला इसी तरह पड़ता रहा तो दलहनी फसल को भारी नुकसान हो सकता है।  इसी के साथ चना, गेहूं और सरसों के लिए यह मौसम अभी तक लाभदायक है। कुछ किसानों का कहना है कि खेती के दृष्टि से सामान्य ठंडे का मौसम आगामी फरवरी तक बने रहना जरूरी  है।

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