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ताड़ीघाट-बारा रोड की बढ़ेगी चौड़ाई
संवाददाता/ अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Mon, 21 Sep 2015 11:55 PM IST
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उत्तर प्रदेश को बिहार से जोड़ने वाली जर्जर ताड़ीघाट-बारा रोड के दिन जल्द बहुरने वाले हैं। प्रदेश सरकार ने 40 किमी लंबी इस सड़क का निर्माण कर चौड़ा बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए सड़क की दोनों पटरियों पर स्थित पेड़ों को
चिह्नित कर उन्हें काटने का आदेश शासन ने वन विभाग के प्रमुख सचिव को दिया है। इसके बाद प्रमुख सचिव वन ने जिले के वन विभाग को पेड़ काटने का कार्य दो माह में पूरा करने की हिदायत दी है। विभागीय अधिकारी पेड़ चिह्नित
करने का कार्य शुरू कर चुके हैं। दो दशक से भी अधिक समय से दम तोड़ चुके ताड़ीघाट-बारा मार्ग हमेशा उपेक्षित रहा। परिणाम यह रहा कि टूटती-टूटती यह सड़क कच्ची सड़क से भी बदतर हालत में बदल गई। इस सड़क की मरम्मत की
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जिम्मेदारी पहले उत्तर प्रदेश राज्य सड़क प्राधिकरण (उपसा) की थी। सड़क की लगातार हो रही दयनीय दशा के चलते अगस्त माह में शासन ने उपसा से जिम्मेदारी लेकर निर्माण और मरम्मत की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दे दी है। पिछले
दिनों शासन स्तर पर 145 करोड़ की लागत से टीबी रोड का कायाकल्प करने की घोषणा की गई थी। टीबी रोड के किनारे स्थित पुराने और विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों की छंटाई शुरू कर दी गई। इसके बाद पेड़ों की कटाई होगी और सड़क
निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। ताड़ीघाट-बारा मार्ग पर हमीद सेतु से लेकर कर्मनाशा पुल तक कुल 40 किमी के दायरे में सड़क की दोनों पटरियों पर कुल 6800 पेड़ हैं। सड़क को चौड़ा बनाने में जो पेड़ काटे जाने वाले हैं, उनके कई
पुराने और विशालकाय भी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर एक व्यक्ति को पौधे रोप कर पर्यावरण को पहुंचने वाले संकट को दूर किया जा सकता है।
ताड़ीघाट-बारा मार्ग की मरम्मत के लिए प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क प्राधिकरण (उपसा) को 2 करोड़ 84 लाख रुपये दिए थे लेकिन कोई काम नहीं हुआ। ऐसा आरोप एमएलसी विजय यादव ने विगत दिनों लगाया था। उन्होंने
मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने जांच का निर्देश दे दिया। एमएलसी ने बताया कि जांच में उपसा ने 2 करोड़ 71 लाख रुपये सिर्फ टीबी रोड पर पेड़ों की कटाई और 15 लाख रुपये का खर्च कार्यालय एवं
आवागमन खर्च दिखाया है। उन्होंने बताया कि जांच चल रही है। जल्द ही दाषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कोट =
सड़क के चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले पेड़ों को काटने का निर्देश मिला है। मध्य सड़क से 20 - 20 फुट के दायरे में आने वाले पेड़ों की छंटाई के बाद उसकी कटाई शुरू होगी। ताड़ीघाट-बारा मार्ग पर हमीद सेतु से कर्मनाशा पुल तक कुल 40 किमी के दायरे में 6800 पेड़ हैं। पेड़ों को काटने से पहले पर्यावरण व प्रदूषण विभाग से अनुमति ले ली जाएगी।
-अरुण उपाध्याय, वन दरोगा।
कोट =
अनापत्ति प्रमाण पत्र लखनऊ पर्यावरण व प्रदूषण बोर्ड से कोई आदेश नहीं आया है। आदेश की प्रति आने के बाद संबंधित जिले के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी के विचार के बाद पेड़ों को काटने की अनुमति दी जाएगी। - एएन सिंह, सहायक पर्यावरण अभियंत्रण प्रवर्तन बोर्ड वाराणसी
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चिह्नित कर उन्हें काटने का आदेश शासन ने वन विभाग के प्रमुख सचिव को दिया है। इसके बाद प्रमुख सचिव वन ने जिले के वन विभाग को पेड़ काटने का कार्य दो माह में पूरा करने की हिदायत दी है। विभागीय अधिकारी पेड़ चिह्नित
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करने का कार्य शुरू कर चुके हैं। दो दशक से भी अधिक समय से दम तोड़ चुके ताड़ीघाट-बारा मार्ग हमेशा उपेक्षित रहा। परिणाम यह रहा कि टूटती-टूटती यह सड़क कच्ची सड़क से भी बदतर हालत में बदल गई। इस सड़क की मरम्मत की
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जिम्मेदारी पहले उत्तर प्रदेश राज्य सड़क प्राधिकरण (उपसा) की थी। सड़क की लगातार हो रही दयनीय दशा के चलते अगस्त माह में शासन ने उपसा से जिम्मेदारी लेकर निर्माण और मरम्मत की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दे दी है। पिछले
दिनों शासन स्तर पर 145 करोड़ की लागत से टीबी रोड का कायाकल्प करने की घोषणा की गई थी। टीबी रोड के किनारे स्थित पुराने और विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों की छंटाई शुरू कर दी गई। इसके बाद पेड़ों की कटाई होगी और सड़क
निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। ताड़ीघाट-बारा मार्ग पर हमीद सेतु से लेकर कर्मनाशा पुल तक कुल 40 किमी के दायरे में सड़क की दोनों पटरियों पर कुल 6800 पेड़ हैं। सड़क को चौड़ा बनाने में जो पेड़ काटे जाने वाले हैं, उनके कई
पुराने और विशालकाय भी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर एक व्यक्ति को पौधे रोप कर पर्यावरण को पहुंचने वाले संकट को दूर किया जा सकता है।
ताड़ीघाट-बारा मार्ग की मरम्मत के लिए प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क प्राधिकरण (उपसा) को 2 करोड़ 84 लाख रुपये दिए थे लेकिन कोई काम नहीं हुआ। ऐसा आरोप एमएलसी विजय यादव ने विगत दिनों लगाया था। उन्होंने
मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने जांच का निर्देश दे दिया। एमएलसी ने बताया कि जांच में उपसा ने 2 करोड़ 71 लाख रुपये सिर्फ टीबी रोड पर पेड़ों की कटाई और 15 लाख रुपये का खर्च कार्यालय एवं
आवागमन खर्च दिखाया है। उन्होंने बताया कि जांच चल रही है। जल्द ही दाषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कोट =
सड़क के चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले पेड़ों को काटने का निर्देश मिला है। मध्य सड़क से 20 - 20 फुट के दायरे में आने वाले पेड़ों की छंटाई के बाद उसकी कटाई शुरू होगी। ताड़ीघाट-बारा मार्ग पर हमीद सेतु से कर्मनाशा पुल तक कुल 40 किमी के दायरे में 6800 पेड़ हैं। पेड़ों को काटने से पहले पर्यावरण व प्रदूषण विभाग से अनुमति ले ली जाएगी।
-अरुण उपाध्याय, वन दरोगा।
कोट =
अनापत्ति प्रमाण पत्र लखनऊ पर्यावरण व प्रदूषण बोर्ड से कोई आदेश नहीं आया है। आदेश की प्रति आने के बाद संबंधित जिले के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी के विचार के बाद पेड़ों को काटने की अनुमति दी जाएगी। - एएन सिंह, सहायक पर्यावरण अभियंत्रण प्रवर्तन बोर्ड वाराणसी