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राज्य कर्मचारियों ने मनाया विरोध दिवस
ब्यूरो/अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Fri, 27 Nov 2015 11:32 PM IST
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राज्य कर्मचारियों ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को कर्मचारी विरोधी बताते हुए शुक्रवार को काला दिवस मनाया। विकास भवन सहित जिले के विकास खंडों और कार्यालयों में कार्यरत राज्य कर्मचारियों ने बांह पर काला फीता बांधकर विरोध जताया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर शुक्रवार को राज्य कर्मचारियों ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को एक सिरे से खारिज करते हुए बांह पर काला फीता बांधकर विरोध जताया। कर्मचारी शिक्षक संगठन के
वरिष्ठ पदाधिकारियों ने जिलेेे के सभी राजकीय कार्यालयों में भ्रमण करते हुए सांकेतिक विरोध आंदोलन के प्रथम चरण की शुरुआत की। इस मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका दूबे ने सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट को
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कर्मचारी विरोधी बताते हुए कहा कि वेतन आयोग ने पहले से सुविधा का लाभ ले रहे अधिकारियों को ही अधिक सुविधा प्रदान करने की संस्तुति की गई। निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में कोई सुविधा नहीं
दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्रीय कर्मचारियों के साथ मिलकर संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले भविष्य में व्यापक स्तर पर आंदोलन करने की रणनीति बनाई जाएगी। इस अवसर पर मुक्तेश्वर श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दुर्गेश
श्रीवास्तव, अनंत सिंह, प्रमोद उपाध्याय, डा. दुर्गेश सिंह, राकेश सिंह, अभय सिंह, चंद्रिका यादव, होरीलाल, सीताराम ओझा, सौरभ पांडेय, जितेंद्र सिंह, गोपाल खरवार, बृजेश यादव, नागेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
उधर, संयुक्त कर्मचारी परिषद के आह्वान पर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के विरोध में स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्मचारी संघ के बैनर तले विरोध जताया गया। संगठन के पीजी कालेज के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह शम्मी के नेतृत्व
में कर्मचारियों ने कालेज परिसर में काला फीता लगाकर विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में तब्दीली करते हुए कर्मचारी हितों को ध्यान में नहीं रखा तो कर्मचारी उग्र विरोध करेंगे। इस मौके पर विजय सिंह, अरुण सिंह, अनिल पांडेय, कृत्यानंद ताती, अमितेश सिंह, सुनील सिंह, विनोद कुमार, केदार राम, त्रिलोकी राम, डा. अरविंद मिश्र, डॉ. कमलेश राम आदि मौजूद रहे।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर शुक्रवार को राज्य कर्मचारियों ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को एक सिरे से खारिज करते हुए बांह पर काला फीता बांधकर विरोध जताया। कर्मचारी शिक्षक संगठन के
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वरिष्ठ पदाधिकारियों ने जिलेेे के सभी राजकीय कार्यालयों में भ्रमण करते हुए सांकेतिक विरोध आंदोलन के प्रथम चरण की शुरुआत की। इस मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका दूबे ने सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट को
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कर्मचारी विरोधी बताते हुए कहा कि वेतन आयोग ने पहले से सुविधा का लाभ ले रहे अधिकारियों को ही अधिक सुविधा प्रदान करने की संस्तुति की गई। निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में कोई सुविधा नहीं
दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्रीय कर्मचारियों के साथ मिलकर संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले भविष्य में व्यापक स्तर पर आंदोलन करने की रणनीति बनाई जाएगी। इस अवसर पर मुक्तेश्वर श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दुर्गेश
श्रीवास्तव, अनंत सिंह, प्रमोद उपाध्याय, डा. दुर्गेश सिंह, राकेश सिंह, अभय सिंह, चंद्रिका यादव, होरीलाल, सीताराम ओझा, सौरभ पांडेय, जितेंद्र सिंह, गोपाल खरवार, बृजेश यादव, नागेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
उधर, संयुक्त कर्मचारी परिषद के आह्वान पर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के विरोध में स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्मचारी संघ के बैनर तले विरोध जताया गया। संगठन के पीजी कालेज के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह शम्मी के नेतृत्व
में कर्मचारियों ने कालेज परिसर में काला फीता लगाकर विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में तब्दीली करते हुए कर्मचारी हितों को ध्यान में नहीं रखा तो कर्मचारी उग्र विरोध करेंगे। इस मौके पर विजय सिंह, अरुण सिंह, अनिल पांडेय, कृत्यानंद ताती, अमितेश सिंह, सुनील सिंह, विनोद कुमार, केदार राम, त्रिलोकी राम, डा. अरविंद मिश्र, डॉ. कमलेश राम आदि मौजूद रहे।