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श्री राम ने लिया जन्म
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Thu, 29 Sep 2016 12:45 AM IST
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श्री राम ने लिया जन्म
प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की रामलीला में मंगलवार की रात श्रीराम जन्म एवं ताड़का वध की लीला हुई जो श्री महादेव आदर्श रामलीला मंडल के पात्रों द्वारा की गई। लीला में श्री राम के जन्म लेते ही ढोल नगाड़े बजने लगे। महिलाएं मंगल गीत और सोहर गाने लगी तथा देवता और मुनि पुष्प वर्षा कर स्तुति करने लगे। ।
पुत्रहीन होने की चिंता से राजा दशरथ कुलगुरू वशिष्ठ के आश्रम जाते हैं और अपनी व्यथा सुनाते हैं।
गुरू वशिष्ठ महाराज दशरथ को श्रृंगी ऋषि के पास भेजते हैं। गुरु के आदेश पर राजा दशरथ श्रृषि के आश्रम पहुंचते हैं और अपनी व्यथा सुनाते हैं। श्रृंगी श्रृषि महाराज दशरथ से कहते हैं कि हे राजन आप अपने राज्य में जाकर यज्ञ की तैयारी कराएं। सकुशल यज्ञ संपन्न होता है और अग्नि देव प्रकट हो प्रसाद के रुप में राजा दशरथ को खीर देते हैं। राजा दशरथ इस खीर को महारानी कौशल्या सहित अपनी रानियोें को खिलाते हैं।
परिणाम स्वरूप भगवान समेत चारों भाइयों का जन्म होता है। जब महर्षि विश्वामित्र को रामजन्म की सूचना मिलती है तो महाराजा दशरथ से यज्ञ हवन संपन्न कराने के लिए राम-लक्षमण को मांंगते हैं। श्रीराम गुरुदेव की आज्ञा से ताड़का का वध करते हैं। माहौल भगवान राम के जय जय कार से गूंज उठता है।कार्यक्रम को सकुशशल संपन्न कराने के लिए अध्यक्ष दीनानाथ गुप्ता, उपाध्यक्ष प्रकाशचंद्र श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी बच्चा, संयुक्त मंत्री लक्ष्मीनारायण, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबंधक जैमिनीदत्त त्रिवेदी, कोषाध्यक्ष अभय आदि रहे।
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पुत्रहीन होने की चिंता से राजा दशरथ कुलगुरू वशिष्ठ के आश्रम जाते हैं और अपनी व्यथा सुनाते हैं।
गुरू वशिष्ठ महाराज दशरथ को श्रृंगी ऋषि के पास भेजते हैं। गुरु के आदेश पर राजा दशरथ श्रृषि के आश्रम पहुंचते हैं और अपनी व्यथा सुनाते हैं। श्रृंगी श्रृषि महाराज दशरथ से कहते हैं कि हे राजन आप अपने राज्य में जाकर यज्ञ की तैयारी कराएं। सकुशल यज्ञ संपन्न होता है और अग्नि देव प्रकट हो प्रसाद के रुप में राजा दशरथ को खीर देते हैं। राजा दशरथ इस खीर को महारानी कौशल्या सहित अपनी रानियोें को खिलाते हैं।
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परिणाम स्वरूप भगवान समेत चारों भाइयों का जन्म होता है। जब महर्षि विश्वामित्र को रामजन्म की सूचना मिलती है तो महाराजा दशरथ से यज्ञ हवन संपन्न कराने के लिए राम-लक्षमण को मांंगते हैं। श्रीराम गुरुदेव की आज्ञा से ताड़का का वध करते हैं। माहौल भगवान राम के जय जय कार से गूंज उठता है।कार्यक्रम को सकुशशल संपन्न कराने के लिए अध्यक्ष दीनानाथ गुप्ता, उपाध्यक्ष प्रकाशचंद्र श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी बच्चा, संयुक्त मंत्री लक्ष्मीनारायण, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबंधक जैमिनीदत्त त्रिवेदी, कोषाध्यक्ष अभय आदि रहे।
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