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Ghazipur News: सीईओ पद से त्यागपत्र देने के बाद बेच दी 1.97 करोड़ की सरकारी प्रतिभूति

Tue, 05 Sep 2023 12:46 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 05 Sep 2023 12:46 AM IST
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Sold government securities worth Rs 1.97 crore after resigning from the post of CEO.
-पूर्वांचल को आपरेटिव बैंक की जांच में हुआ है खुलासा, दर्ज है शहर कोतवाली में मुकदमा
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-कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने भी बैंक को लेकर किए हैं कई खुलासे, ई़डी तक की है शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। पूर्वांचल को आपरेटिव बैंक मामले में लगातार एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। बैंक के रिपोर्ट के अनुसार पूर्व सीईओ विवेक पाण्डेय द्वारा त्यागपत्र दिए जाने के बाद भी अनाधिकृत रूप से 1.97 करोड़ की सरकारी प्रतिभूति (सरकारी सिक्योरिटी) बेच दी। रिपोर्ट के मुताबिक एसएलआर के रूप में रक्षित रहनी थी, जबकि पूर्व सीईओ ने उसकी बिक्री कर दी। इससे एसएलआर शून्य कर हो गया।
दर्ज कराए गए मुकदमे के मुताबिक इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच की जा रही है। आगे की जांच में यदि कोई अन्य प्रकरण भी प्रकाश में आता है तो उसे इसमें सम्मलित किया जाएगा। उधर, ददरी घाट निवासी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरविंद कुमार मिश्रा ने भी बैंक को लेकर कई खुलासे किए हैं। उन्होंने इसकी शिकायत आरबीआई, ईडी से भी की है।
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अरविंद कुमार मिश्रा के मुताबिक पिछले डेढ़ वर्षों से लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बैंक में भ्रष्टाचार करने वाले रामबाबू शांडिल्य और उनके परिवार व खानदान के सभी सदस्यों की संपत्तियों की जांच होनी चाहिए। क्योंकि उनके सोर्स ऑफ इनकम की अपेक्षा इन लोगों की चल और अचल संपत्ति कई गुना अधिक है।
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परिवार और रिश्तेदार हैं बैंक के उच्चपदों पर आसीन
ददरी घाट निवासी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरविंद कुमार मिश्रा के मुताबिक रामबाबू शांडिल्य के परिवार और रिश्तेदार ही बैंक के सर्वोच्च पद पर कार्यरत हैं। इसमें सीईओ विवेक पांडेय, सीईओ रवि शंकर, अध्यक्ष राजकुमार त्रिपाठी, उपाध्यक्ष शालिनी पांडेय, एजीएम रचना तिवारी, एजीएम रश्मि शांडिल्य, एजीएम रविकांत पांडेय (दामाद) और डायरेक्टर आनंद कुमार त्रिपाठी एवं कई नात रिश्तेदार उच्च पद पर आसीन रहे हैं।
कांग्रेस नेता का कहना है कि वो पूर्व में ही इसकी करीब 50 शिकायत सीएम पोर्टल पर कर चुके हैं। जिनकी जांच अब तक गोल मटोल ही रही। लेकिन, अब उन सभी शिकायतों की पुष्टि सही साबित हो रही है।

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लगाए आरोप, विवेक पांडेय से है रामबाबू शांडिल्य का नाता
अरविंद कुमार मिश्रा के मुताबिक विवेक पांडेय, रामबाबू शांडिल्य के ही बेटे हैं और रामबाबू शांडिल्य ने अपने ही ससुर और सास चंद्रमणि पांडेय एवं सरस्वती देवी को विवेक को गोद दे दिया, जिसकी वजह से विवेक के सभी दस्तावेजों पर पिता का नाम चंद्रमणि पांडेय है। जबकि चंद्रमणि पांडेय उनके दत्तक पिता हैं, जिसका जिक्र सरस्वती देवी के वसीयतनामा और उनके तत्कालीन खतौनी में भी स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है। और यह गोदनामा सैदपुर तहसील में 16 जुलाई 1988 को पंजीकृत कराया गया है। लेकिन जब मैं इनके ऊपर यह आरोप लगाया कि पिता-पुत्र ने मिलकर बैंक को लूट रहे हैं तो इन्होंने निर्वाचन विभाग को झूठा हलफनामा दिया कि विवेक पांडेय मेरे पुत्र नहीं है।
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