फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   So far only 19 small cow shelter sites out of 31 have started

अब तक 31 में से सिर्फ 19 छोटे गोआश्रय स्थलों का काम शुरू

Sun, 26 Jun 2022 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2022 11:30 PM IST
विज्ञापन
So far only 19 small cow shelter sites out of 31 have started
निराश्रित गोवंशों के लिए जनपद में एक वृहद और 31 छोटे गो आश्रय स्थल का काम होना है। जिसमें से सादात ब्लाक स्थित पीपनार में 300 पशुओं की क्षमता के वृहद गो आश्रय स्थल का काम इस साल अप्रैल में शुरू हो गया है। लेकिन छोटे गो आश्रय स्थलों में से सिर्फ 19 पर ही काम शुरू हो पाया है। अन्य के लिए कहीं जमीन नहीं उपलब्ध हो पाई है तो कहीं भुगतान या अन्य समस्या होने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
विज्ञापन

विभाग की मानें तो करंडा और जमानिया ब्लॉक में एक-एक और अधिकांश ब्लॉकों में दो-दो 50 पशुओं की क्षमता वाले गो आश्रय स्थल पर काम चल रहा है। इसमें से सादात के टांडा, इब्राहिमपुर और नगवां के गो आश्रय स्थलों का निर्माण 80 फीसदी के करीब है। शासन की मंशा है कि इस साल दिसंबर तक सभी गो आश्रय स्थलों का काम पूरा कर लेना है। लेकिन अभी तक वृहद में 30 फीसदी ही हो पाया है। जनपद में करीमुद्दीनपुर और परजीहंपार के बाद पीपनार में तीसरा वृहद गो आश्रय स्थल का निर्माण हो रहा है। इसमें सोलर प्लेट, भूसा के लिए कमरा, कार्यालय, स्टाफ रूम समेत पानी के लिए सबमर्सेबुल की व्यवस्था होगी। वृहद के निर्माण के लिए एक करोड़ 57 लाख रुपये खर्च होना है। ऐसे ही छोटे गो आश्रय स्थलों के निर्माण पर 10 लाख रुपये खर्च होगा।
विज्ञापन

2600 निराश्रित गोवंश पशु आश्रय स्थलों में
जनपद में 2600 निराश्रित गो वंशों को पशु आश्रय स्थलों में रखा गया है। जिसके लिए शासन की ओर से 58 गोश्रय स्थल संचालित हैं। साथ ही कुछ गो वंशों को किसानों को भी सौंपा गया है। ऐसे 848 किसान हैं जो निराश्रित गो वंशों का पालन कर रहे हैं। जिनको पशु पालन विभाग की ओर से प्रति पशु 30 रुपये भुगतान किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मई महीने के भूसा आदि का 23 लाख रुपये का अभी तक नहीं हुआ भुगतान
मई महीने में निराश्रित गो वंशों के भूसा और राशन पर आने वाले कुल 23 लाख रुपये का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। जून बीतने को है और पशुपालन विभाग की मानें तो 24 जून को लेकर जिलास्तरीय बैठक हुई है। इसके बाद पशुपालकों समेत गो आश्रय स्थलों पर गोवंशों पर आने वाले खर्च की ध नराशि का भुगतान होगा।
25 एकड़ भूमि में वृहद गो आश्रय स्थल बनाने के लिए जमीन की तलाश
साल 2022-23 में जनपद में अति वृहद गो आश्रय स्थल बनाने का शासनादेश है। जिसके लिए 25 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। जिसमें दो से ढ़ाई हजार निराश्रित गोवंश की व्यवस्था की जाएगी। पशु पालन विभाग की मानें तो अति वृहद गो आश्रय स्थल के लिए जमीन की तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक जमीन मिली नहीं है।

निराश्रित गोवंशों की व्यवस्था के लिए जनपद में वृहद और छोटे गो आश्रय स्थलों का निर्माण अप्रैल में शुरू हुआ है। इस साल दिसंबर तक सभी का काम पूरा होना है। जहां काम नहीं शुरू हुआ है वहां भी जल्दी ही काम शुरू हो जाएगा।
डा. एस के रावत, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed