श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए खानपुर बाजार की एक दुकान पर खरीदारी करता ग्राहक।
- फोटो : GHAZIPUR
Link Copied
गाजीपुर। जिले में श्रीकृष्ण का जन्माष्टमी 30 अगस्त को मनाया जाएगा। मंदिरों के साथ ही घर-गर भगवान कृष्ण की झांकियां सजाई जाएंगी। रात में 12 बजे श्रीकृष्ण का जन्म होते ही महिलाएं सोहर गाएंगी और बधाइयां बजेंगी। इस दौरान पूजन अर्चन होगा। रविवार को मंदिर परिसरों और घरों में लोग भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं की आकर्षक झांकियां सजाने में व्यस्त रहे। जन्माष्टमी पर श्रद्धालु व्रत धारण कर रात्रि जागरण करेंगे। जन्माष्टमी का पर्व पूरे जिले में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। घर-घर में भगवान कृष्ण की झांकी सजाई जाती है। रात को बारह बजे प्रभु के जन्म के बाद उत्सव मनाया जाता है। कई जगहों पर महिलाएं सोहर गाती हैं तथा बाद में भगवान का विशेष पूजन-अर्चन किया जाता है। इस पर्व को लेकर जिले भर में पिछले कई दिनों से व्यापक तैयारी की गई है। रविवार को लोग घरों एवं पास के मंदिरों में झांकी सजाने में व्यस्त रहे। श्रीकृष्ण की विविध बाल लीलाओं पर आधारित झांकी सजाई गई है। इस प्रकार की झांकियां विभिन्न मंदिरों के साथ ही कई लोगों के घरों में भी सजाई गई है। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर कई जगहों पर रात्रि जागरण का आयोजन किया गया है। श्रीकृष्ण की झांकियां सजाने के लिए रविवार को पूरे दिन श्रद्धालुओं ने खिलौना, झूला, बांसुरी समेत अन्य सजावट के सामान की खरीदारी की। इसको लेकर दुकानों पर भीड़ लगी रही। जन्माष्टमी को लेकर बच्चों को अधिक उत्साह है। जन्माष्टमी पर्व के मद्देनजर फलों के भाव आसमान पर रहे। व्रती सामानों में भी इजाफा हुआ। सौ रुपये प्रति सवा किलो बिकने वाला सेब सौ से 110 रुपये प्रति किग्रा की दर से बिका। इसी तरह अमरूद 40 रुपये प्रति किलो, खीरा 40 रुपये प्रति किलो, नाशपाती 100 से 140, अनार सौ रुपये प्रति किग्रा, नारियल 30 रुपये प्रति पीस तथा केला 60 से 70 रुपये प्रति दर्जन तक बिका। व्रत के सामानों जैसे सिंघाड़ा का आटा, कूट्टू का आटा, साबुदाना के सामान आदि पर भी महंगाई का असर दिखा। मुहम्मदाबाद : सनातन धर्म में भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को व्रत रहकर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रकृष्ण अष्टमी बुधवार रोहिणी नक्षत्र में वृष राशि के चंद्रमा में हुआ था। आचार्य पंडित अभिषेक तिवारी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ही एक ऐसे विशेष देवता हैं जो दस अवतारों में से सर्व प्रमुख पूर्ण अवतार 16 कलाओं से परिपूर्ण मानते हैं। भगवान श्रीराम में 14 कलाओं का ही समावेश था। भगवान का जन्म द्वापर युग के अंत में हुआ था। इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 30 अगस्त को मनाया जाएगा। अष्टमी तिथि 29 अगस्त को रात्रि 10:10 पर लग रही है जो 30 अगस्त को 12 बजे के 14 मिनट तक रहेगी वहीं रोहिणी नक्षत्र 30 अगस्त को सुबह 6:42 से लग रहा है जो 31 अगस्त को नौ बजकर 19 मिनट तक रहेगा। देखा जाए इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी अपने आप में बेहद खास होने वाली है। कारण रोहिणी तथा अष्टमी का योग होने से जयंती नामक योग होता है जो कभी-कभार ही देखने को मिलता है। इस बार ऐसा ही सुंदर योग देखने को मिलेगा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत रहने से सभी पापों का नाश, धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष की प्राप्ति के साथ ही अंत में बैकुंठ में भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद से स्थान प्राप्त होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।