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डेढ़ सौ प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा
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गाजीपुर। प्रेरणा पोर्टल पर छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों का डाटा फीड कराने को लेकर प्रधानाध्यापकों की ओर से रुचि नहीं ली जा रही है। इसको गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने विभिन्न विकासखंडों के 150 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है।
कोविड-19 महामारी के कारण 24 मार्च से 30 जून तक की लॉकडाउन अवधि एवं ग्रीष्मावकाश के लिए खाद्य सुरक्षा भत्ता के रूप में मध्याह्न भोजन योजना से आच्छादित छात्र-छात्राओं को परिवर्तन लागत (कुकिंग कास्ट) की धनराशि एवं खाद्यान्न उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। इसलिए योजना से आच्छादित सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों का विवरण निर्धारित प्रारूप पर प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीड कराया जाना था। इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों-प्रभारी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किए हुए करीब चार माह का समय बीत जाने के बावजूद भी प्रेरणा पोर्टल पर छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों का डाटा फीड नहीं कराया गया। इसमें सादात ब्लाक के 37 प्राथमिक, 30 उच्च प्राथमिक, भांवरकोल के 12 एवं नौ तथा करंडा के 37 प्राथमिक एवं 25 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इसको जिला बेसिक शिक्षाधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की ओर से मध्याह्न भोजन योजना के क्रियान्वयन में जानबूझकर शिथिलता बरती गई है। उन्होंने सादात, भांवरकोल एवं करंडा ब्लाक के 150 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है। हिदायत दिया कि अन्यथा की दशा में वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
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कोविड-19 महामारी के कारण 24 मार्च से 30 जून तक की लॉकडाउन अवधि एवं ग्रीष्मावकाश के लिए खाद्य सुरक्षा भत्ता के रूप में मध्याह्न भोजन योजना से आच्छादित छात्र-छात्राओं को परिवर्तन लागत (कुकिंग कास्ट) की धनराशि एवं खाद्यान्न उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। इसलिए योजना से आच्छादित सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों का विवरण निर्धारित प्रारूप पर प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीड कराया जाना था। इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों-प्रभारी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किए हुए करीब चार माह का समय बीत जाने के बावजूद भी प्रेरणा पोर्टल पर छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों का डाटा फीड नहीं कराया गया। इसमें सादात ब्लाक के 37 प्राथमिक, 30 उच्च प्राथमिक, भांवरकोल के 12 एवं नौ तथा करंडा के 37 प्राथमिक एवं 25 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इसको जिला बेसिक शिक्षाधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की ओर से मध्याह्न भोजन योजना के क्रियान्वयन में जानबूझकर शिथिलता बरती गई है। उन्होंने सादात, भांवरकोल एवं करंडा ब्लाक के 150 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है। हिदायत दिया कि अन्यथा की दशा में वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
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