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बढ़ती गंगा को देख प्रशासन ने कसी कमर
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गंगा के जलस्तर में हो रहे बढ़ाव से तटवर्ती इलाकों में रहने वालों की धुकधुकी बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने भी आपदा से निपटने के लिए कमर कस ली है। सैदपुर, जमानिया, सेवराई, मुहम्मदाबाद और सदर तहसील में स्थापित बाढ़ नियंत्रण केंद्र को स्थापित कराने के साथ ही कर्मियों की तैनाती भी कर दी गई है। इसके अलावा इन तहसील क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों को जहां सक्रिय कर नाव की उपलब्धता और तैराक की तैनाती संबंधित कार्य को भी पूरा कर लिया गया है। गंगा से प्रभावित होने वाले गांवों पर प्रशासन की नजर है, जिससे समय रहते ठोस कदम उठाये जा सके।
जिले में गंगा के जलस्तर में बीते 17 जुलाई से बढ़ाव जारी है। वर्तमान समय में जलस्तर 57.340 मीटर है। अगर आपदा विभाग द्वारा बाढ़ के मापदंड की स्थिति के आंकड़े देेखे तो 59.906 मीटर सामान्य जलस्तर माना जाता है, जबकि 61.550 मीटर को चेतावनी बिंदु, 63.105 को खतरा बिंदु और 65.220 को उच्च स्तर माना जाता है। हालांकि गंगा अभी सामान्य जलस्तर से भी नीचे है। वैसे पानी में हो रहा बढ़ाव को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में जहां सतर्कता बरती जानी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन की ओर से आपात स्थिति में निपटने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
जमानिया संवाददाता के अनुसार बाढ़ से करीब 85 गांव के 70 हजार 653 परिवार प्रभावित होते हैं। जबकि पानी में डूबने से 8055 हेक्टेयर खेती योग्य भूमि प्रभावित होती है। ऐसे में वहां के स्थानीय प्रशासन ने जहां 41 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। जबकि छह बाढ़ राहत केंद्र, सात शरणालय की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 40 नाव, छह तैराक के साथ 25 आपदा मित्र भी बनाए गए हैं।
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खानपुर संवाददाता के अनुसार सैदपुर के 27 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। 14 बाढ़ चौकी और शरणालय के साथ ही तीन बाढ़ राहत केंद्र और 30 नाव और छह तैराक को तैनात किया गया है। सेवराई संवाददाता के अनुसार 52 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। 15 बाढ़ चौकियों को सक्रिय किया गया है। इसके अलावा दो राहत केंद्र और 38 नाव हैं। बाढ़ से करीब 35 हजार आबादी प्रभावित होती है। सदर और मुहम्मदाबाद में स्थापित बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। देखा जाए तो करीब 250 बाढ़ चौकियों को बनाकर सक्रिय कर दिया गया है। इस संबंध में एडीएम एके सिंह ने बताया कि एसडीएम और तहसीलदार को पत्र भेजकर तैयारियों पूर्ण करने के साथ बाढ़ नियंत्रण कक्ष और बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने का निर्देश दिया गया है।
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जिले में गंगा के जलस्तर में बीते 17 जुलाई से बढ़ाव जारी है। वर्तमान समय में जलस्तर 57.340 मीटर है। अगर आपदा विभाग द्वारा बाढ़ के मापदंड की स्थिति के आंकड़े देेखे तो 59.906 मीटर सामान्य जलस्तर माना जाता है, जबकि 61.550 मीटर को चेतावनी बिंदु, 63.105 को खतरा बिंदु और 65.220 को उच्च स्तर माना जाता है। हालांकि गंगा अभी सामान्य जलस्तर से भी नीचे है। वैसे पानी में हो रहा बढ़ाव को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में जहां सतर्कता बरती जानी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन की ओर से आपात स्थिति में निपटने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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जमानिया संवाददाता के अनुसार बाढ़ से करीब 85 गांव के 70 हजार 653 परिवार प्रभावित होते हैं। जबकि पानी में डूबने से 8055 हेक्टेयर खेती योग्य भूमि प्रभावित होती है। ऐसे में वहां के स्थानीय प्रशासन ने जहां 41 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। जबकि छह बाढ़ राहत केंद्र, सात शरणालय की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 40 नाव, छह तैराक के साथ 25 आपदा मित्र भी बनाए गए हैं।
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खानपुर संवाददाता के अनुसार सैदपुर के 27 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। 14 बाढ़ चौकी और शरणालय के साथ ही तीन बाढ़ राहत केंद्र और 30 नाव और छह तैराक को तैनात किया गया है। सेवराई संवाददाता के अनुसार 52 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। 15 बाढ़ चौकियों को सक्रिय किया गया है। इसके अलावा दो राहत केंद्र और 38 नाव हैं। बाढ़ से करीब 35 हजार आबादी प्रभावित होती है। सदर और मुहम्मदाबाद में स्थापित बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। देखा जाए तो करीब 250 बाढ़ चौकियों को बनाकर सक्रिय कर दिया गया है। इस संबंध में एडीएम एके सिंह ने बताया कि एसडीएम और तहसीलदार को पत्र भेजकर तैयारियों पूर्ण करने के साथ बाढ़ नियंत्रण कक्ष और बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने का निर्देश दिया गया है।