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Ghazipur News: गंगा में समा रही गई कटान से रोकने के लिए लगी बोरियां, ग्रामीणों को सताने लगी चिंता
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कटान प्रभावित गांव शेरपुर के पास गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। गंगा किनारे कटान को रोकने के लिए लगाए गए बालू भरी बोरिया पिछले दिनों गंगा में समा गई। बाढ़ से पहले ठोकर की स्थिति को देख ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है।
शेरपुर गांव को कटान से बचने के लिए मौजा छानबे से शमशान घाट तक करीब 550 मीटर ठोकर बनाने के लिए 6:5 करोड रुपये की धनराशि से बॉर्डर पिचिंग का कार्य कराया जा रहा है। बोल्डर पिचिंग निर्माण के दौरान जिओ बैग में बालू की बोरी भरकर लॉन्चिंग एप्रन (बेस) का निर्माण कराया गया। उसके बाद टूवाल ( बोल्डर की दीवाल) बनाकर ऊपर बोल्डर पिचिंग का कार्य कराया जा रहा है। अचानक चार-पांच दिनों पूर्व गंगा की धारा का प्रवाह लांचिंग एप्रन के पास टकराने से वहां लगाई गई बालू भरी बोरिया भर भराकर गंगा की धारा में समाहित होने लगी। इसकी जानकारी होने पर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता एके श्रीवास्तव, अवर अभियंता विवेक चौरसिया मौके पर पहुंचकर निरीक्षण भी किए। उन्होंने कहा कि खतरे की कोई बात नहीं है। लेकिन, ग्रामीणों ने कहा कि यदि लॉन्चिंग एप्रन क्षतिग्रस्त होने से कटान शुरू हुई तो बोल्डर पिचिंग खुद असुरक्षित हो जाएगी। इससे कटान रोकना मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच कर मानक के मुताबिक निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं।
बालू की बोरियां पानी कम होने के कारण खिसकी है। गंगा का जलस्तर बढ़ने पर बोरिया पानी के सतह में बैठ जाएगी, जिससे कटान नहीं होगा।इसके बाद भी जो कमी रह गई है, उसे दूर करा दिया जाएगा। - राजेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग देवकली पंप कैनाल खंड प्रथम
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शेरपुर गांव को कटान से बचने के लिए मौजा छानबे से शमशान घाट तक करीब 550 मीटर ठोकर बनाने के लिए 6:5 करोड रुपये की धनराशि से बॉर्डर पिचिंग का कार्य कराया जा रहा है। बोल्डर पिचिंग निर्माण के दौरान जिओ बैग में बालू की बोरी भरकर लॉन्चिंग एप्रन (बेस) का निर्माण कराया गया। उसके बाद टूवाल ( बोल्डर की दीवाल) बनाकर ऊपर बोल्डर पिचिंग का कार्य कराया जा रहा है। अचानक चार-पांच दिनों पूर्व गंगा की धारा का प्रवाह लांचिंग एप्रन के पास टकराने से वहां लगाई गई बालू भरी बोरिया भर भराकर गंगा की धारा में समाहित होने लगी। इसकी जानकारी होने पर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता एके श्रीवास्तव, अवर अभियंता विवेक चौरसिया मौके पर पहुंचकर निरीक्षण भी किए। उन्होंने कहा कि खतरे की कोई बात नहीं है। लेकिन, ग्रामीणों ने कहा कि यदि लॉन्चिंग एप्रन क्षतिग्रस्त होने से कटान शुरू हुई तो बोल्डर पिचिंग खुद असुरक्षित हो जाएगी। इससे कटान रोकना मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच कर मानक के मुताबिक निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं।
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बालू की बोरियां पानी कम होने के कारण खिसकी है। गंगा का जलस्तर बढ़ने पर बोरिया पानी के सतह में बैठ जाएगी, जिससे कटान नहीं होगा।इसके बाद भी जो कमी रह गई है, उसे दूर करा दिया जाएगा। - राजेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग देवकली पंप कैनाल खंड प्रथम
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