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Ghazipur News: 4 ब्लाॅक में बनेंगे रिसोर्स सेंटर, उपकरण खरीदने को मिले 8 लाख
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परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों को स्कूल समय में शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए जिले के चार ब्लाॅक नगर क्षेत्र, देवकली, कासिमाबाद और रेवतीपुर के ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर रिसोर्स सेंटर बनेंगे।
प्रत्येक सेंटर के लिए दो लाख की दर से जिले को आठ लाख रुपये मिले हैं। इससे दिव्यांगों के उपयोग में आने वाले उपकरण एवं अन्य सामग्रियां खरीदी जाएगी।
समेकित शिक्षा के तहत बनने वाले रिसोर्स सेंटर में दिव्यांग बच्चों के लिए कई तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। मसलन फीजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, दिव्यांग बच्चों के क्रियात्मक एसेसमेंट के अलावा अभिभावकों को परामर्श आदि भी दिया जाएगा।
इस सेंटर के लिए फीजियोथेरेपी उपकरणों की खरीद की जाएगी। इसके लिए उपकरण या अन्य सामग्रियों की खरीद के लिए जिला स्तर पर समिति बनी है। समिति में मुख्य विकास अधिकारी अध्यक्ष होंगे जबकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सदस्य सचिव होंगे।
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इसके अलावा सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी, जिला समन्वयक (समेकित शिक्षा) तथा जिला समन्वयक (एमआईएस) ईएमआईएस इंचार्ज को समिति में सदस्य बनाया जाएगा। रिसोर्स सेंटर बीआरसी परिसर स्थित परिषदीय विद्यालय या बीआरसी के पास के परिषदीय विद्यालय के अतिरिक्त कक्षा कक्ष में बनेगा।
स्थान चयन करने के दौरान दिव्यांग बच्चों के आवागमन की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखना होगा। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अनुपम गुप्ता ने बताया कि रिसोर्स सेंटर को दिव्यांग बच्चों के शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके संचालन की जिम्मेदारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक और नोडल टीचर की होगी।
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प्रत्येक सेंटर के लिए दो लाख की दर से जिले को आठ लाख रुपये मिले हैं। इससे दिव्यांगों के उपयोग में आने वाले उपकरण एवं अन्य सामग्रियां खरीदी जाएगी।
समेकित शिक्षा के तहत बनने वाले रिसोर्स सेंटर में दिव्यांग बच्चों के लिए कई तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। मसलन फीजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, दिव्यांग बच्चों के क्रियात्मक एसेसमेंट के अलावा अभिभावकों को परामर्श आदि भी दिया जाएगा।
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इस सेंटर के लिए फीजियोथेरेपी उपकरणों की खरीद की जाएगी। इसके लिए उपकरण या अन्य सामग्रियों की खरीद के लिए जिला स्तर पर समिति बनी है। समिति में मुख्य विकास अधिकारी अध्यक्ष होंगे जबकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सदस्य सचिव होंगे।
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इसके अलावा सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी, जिला समन्वयक (समेकित शिक्षा) तथा जिला समन्वयक (एमआईएस) ईएमआईएस इंचार्ज को समिति में सदस्य बनाया जाएगा। रिसोर्स सेंटर बीआरसी परिसर स्थित परिषदीय विद्यालय या बीआरसी के पास के परिषदीय विद्यालय के अतिरिक्त कक्षा कक्ष में बनेगा।
स्थान चयन करने के दौरान दिव्यांग बच्चों के आवागमन की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखना होगा। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अनुपम गुप्ता ने बताया कि रिसोर्स सेंटर को दिव्यांग बच्चों के शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके संचालन की जिम्मेदारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक और नोडल टीचर की होगी।