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लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Sat, 03 Dec 2016 10:36 PM IST
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अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से भारतीय संविधान के रचयिता एवं देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद की जयंती के अवसर पर पीरनगर स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं गोष्ठी आयोजित की गई। महासभा के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने एवं भारतीय संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करने का संकल्प लिया।
गोष्ठी में महासभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव ने राजेंद्र बाबू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए उन्हें देश का महान नेता बताया। कहा कि वह अत्यंत विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्हें बिहार का गांधी भी कहा गया। महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि संविधान सभा का अध्यक्ष होने के नाते भारतीय संविधान की रचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने इस अवसर पर केंद्र एवं प्रदेश सरकार से उनकी जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग करते हुए आज की तिथि को अधिवक्ता दिवस घोषित करने की भी मांग की।
कार्यक्रम में मोहनलाल, अमरनाथ श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, अशोक श्रीवास्तव, शिवशंकर सिन्हा, राजेंद्र अस्थाना, अमर सिंह राठौर, आनंद श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, परमानंद श्रीवास्तव तथा चुन्नू श्रीवास्तव उपस्थित थे।
गोष्ठी में महासभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव ने राजेंद्र बाबू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए उन्हें देश का महान नेता बताया। कहा कि वह अत्यंत विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्हें बिहार का गांधी भी कहा गया। महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि संविधान सभा का अध्यक्ष होने के नाते भारतीय संविधान की रचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने इस अवसर पर केंद्र एवं प्रदेश सरकार से उनकी जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग करते हुए आज की तिथि को अधिवक्ता दिवस घोषित करने की भी मांग की।
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कार्यक्रम में मोहनलाल, अमरनाथ श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, अशोक श्रीवास्तव, शिवशंकर सिन्हा, राजेंद्र अस्थाना, अमर सिंह राठौर, आनंद श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, परमानंद श्रीवास्तव तथा चुन्नू श्रीवास्तव उपस्थित थे।
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