{"_id":"632ca2a4f6a8fe57fb24f3db","slug":"registry-office-will-be-near-the-court-premises-ghazipur-news-vns6756084144","type":"story","status":"publish","title_hn":"कचहरी परिसर के पास ही होगा रजिस्ट्री कार्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कचहरी परिसर के पास ही होगा रजिस्ट्री कार्यालय
विज्ञापन
गाजीपुर। उप निबंधन कार्यालय को शहर से दूर ले जाने मामले में 12वें दिन बृहस्पतिवार को धरना समाप्त हो गया। प्रशासन ने अधिवक्ताओं की मांगों को मान लिया। जिसके बाद अधिवक्ताओं को शुक्रवार से न्यायिक कार्य करने को कहा गया।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने नवागत जिलाधिकारी आर्यका अखौरी को रजिस्ट्री कार्यालय शहर से बाहर ले जाने के संबंध मेें प्रशासन की मंशा से अवगत कराया था। जिस पर जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनिधि के तौर पर एडीएम एके सिंह को बृहस्पतिवार को धरना स्थल भेजा गया।
उन्होंने साफ तौर पर घोषणा किया कि कचहरी परिसर के इर्द-गिर्द नवीन रजिस्ट्री कार्यालय की व्यवस्था होगी। तब तक पुराना कार्यालय यथावत बना रहेगा। अधिवक्ता संघ ने इसका समर्थन करते हुए अपनी सहमति व्यक्त की और धरना समाप्त किया।
विज्ञापन
मालूम हो कि उप निबंधक कार्यालय सदर को दीवानी न्यायालय परिसर से तीन किलोमीटर दूर ले जाए जाने के संबंध में प्रशासन की मंशा के विरुद्ध अधिवक्ताओं ने पत्र दिया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन और जुलूस निकाला। इस दौरान अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। जिससे रजिस्ट्री कार्य पूरी तरह से ठप रही। जिससे पिछले 12 दिन में राजस्व का काफी नुकसान हुआ।
दो करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ
अधिवक्ताओं की मानें तो रोजाना यहां 25 के करीब रजिस्ट्री होती है। प्रतिदिन करीब दो लाख रुपये का स्टांप शुल्क का नुकसान हुआ है। ऐसे ही सिविल बार में रोजाना 50 हजार रुपये का राजस्व नुकसान पहुंचा है। ऐसे में पिछले 12 दिनों में दो करोड़ रुपये से अधिक राजस्व का नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने नवागत जिलाधिकारी आर्यका अखौरी को रजिस्ट्री कार्यालय शहर से बाहर ले जाने के संबंध मेें प्रशासन की मंशा से अवगत कराया था। जिस पर जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनिधि के तौर पर एडीएम एके सिंह को बृहस्पतिवार को धरना स्थल भेजा गया।
विज्ञापन
उन्होंने साफ तौर पर घोषणा किया कि कचहरी परिसर के इर्द-गिर्द नवीन रजिस्ट्री कार्यालय की व्यवस्था होगी। तब तक पुराना कार्यालय यथावत बना रहेगा। अधिवक्ता संघ ने इसका समर्थन करते हुए अपनी सहमति व्यक्त की और धरना समाप्त किया।
विज्ञापन
मालूम हो कि उप निबंधक कार्यालय सदर को दीवानी न्यायालय परिसर से तीन किलोमीटर दूर ले जाए जाने के संबंध में प्रशासन की मंशा के विरुद्ध अधिवक्ताओं ने पत्र दिया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन और जुलूस निकाला। इस दौरान अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। जिससे रजिस्ट्री कार्य पूरी तरह से ठप रही। जिससे पिछले 12 दिन में राजस्व का काफी नुकसान हुआ।
दो करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ
अधिवक्ताओं की मानें तो रोजाना यहां 25 के करीब रजिस्ट्री होती है। प्रतिदिन करीब दो लाख रुपये का स्टांप शुल्क का नुकसान हुआ है। ऐसे ही सिविल बार में रोजाना 50 हजार रुपये का राजस्व नुकसान पहुंचा है। ऐसे में पिछले 12 दिनों में दो करोड़ रुपये से अधिक राजस्व का नुकसान पहुंचा है।