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लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Tue, 11 Jul 2017 11:09 PM IST
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बारिश के बीच छाता लेकर घर जाते बच्चे।
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जनपद में कई दिनों से लगातार बारिश का क्रम जारी है। रविवार को थोड़ी देर के लिए धूप निकलने के बाद सोमवार की देर रात से इंद्र के मेहरबानी का जो क्रम शुरू हुआ, वह दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। कभी तेज तो कभी धीमी बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। बच्चों का खेलना-घूमना तथा बुजुर्गों का टहलना बंद हो गया है।
निरंतर हो रही बरसात से धरती मां का कलेजा भी पूरी तरह से तर हो गया है। बारिश के चलते आम जन की रफ्तार धीमी हो गई है। गुलजार रहने वाली सड़कों पर चहल-पहल कम है। बारिश के बीच जहां अधिकांश लोग छाता, रेनकोट के सहारे आवागमन करते नजर आ रहे हैं, वहीं जिनकी कुछ मजबूरी थी, वह बारिश में भीगते हुए निकले। मौसम ऐसा रहा कि भीगने के बाद ठंड की वजह से लोग ठिठुरते नजर आए। उधर कांवरियों के लिए मौसम अनुकूल हुआ है। सावन शुरू होते ही रिमझिम फुहार पड़ने लगी है।
वैसे तो पिछले कई दिनों से कई बार रुक-रुककर बारिश हुई, लेकिन सावन के पहले सोमवार से इंद्र की जो कृपा बरसनी शुरू हुई, वह मंगलवार को भी पूरे दिन जारी रही। कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश का क्रम बना हुआ है। लगातार बरसात होने की वजह से जन-जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। इंद्र ने आम जन की रफ्तार धीमी कर दी है।
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बारिश से बचने के लिए लोगों ने छाता, रेनकोट के साथ प्लास्टिक आदि का सहारा लिया। बारिश के दौरान मार्गों पर चहल-पहल कम रही। वहीं लोग घरों से निकले थे, जिनकी कुछ मजबूरी थी। जिन लोगों के पास चार पहिया वाहन था, वह बारिश से बचने के लिए उसी से बाहर निकले। कुछ दिनों पहले तक भीषण गर्मी से परेशान लोग जहां अच्छी बारिश की इंद्र से प्रार्थना कर रहे थे, घंटों धीमा और तेज हो रही बारिश के दौरान उन्हीं लोगों के मुंह से यह बात निकल रही थी अब कुछ देर के लिए बारिश बंद हो जाए, तो ही अच्छा है। अब खेती धीरे-धीरे पिछड़ती जा रही है। बुआई का समय भी निकल रहा है।
मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार रविवार से शुरू हुई लगातार बारिश मंगलवार को पूरे दिन जारी रही। इससे नगर के शाहनिंदा, तहसील तिराहा, सदर रोड, मशीनरी रोड, नवापुरा एवं फाटक के पास सड़क पर पानी लग जाने से लोगों को पानी में घुसकर आना जाना पड़ा। पशु चिकित्सालय एवं महिला चिकित्सालय के पास सड़क के किनारे बने नाले के जाम रहने के कारण मुहम्मदाबाद बलिया मुख्य मार्ग पर भी पानी लग गया। किसानों का कहना है कि देर से शुरू हुई बरसात अगर जारी रही तो खेतों में अधिक पानी लग जाने के कारण अरहर, ज्वार, बाजरा आदि की बुआई का समय समाप्त हो जाएगा।
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निरंतर हो रही बरसात से धरती मां का कलेजा भी पूरी तरह से तर हो गया है। बारिश के चलते आम जन की रफ्तार धीमी हो गई है। गुलजार रहने वाली सड़कों पर चहल-पहल कम है। बारिश के बीच जहां अधिकांश लोग छाता, रेनकोट के सहारे आवागमन करते नजर आ रहे हैं, वहीं जिनकी कुछ मजबूरी थी, वह बारिश में भीगते हुए निकले। मौसम ऐसा रहा कि भीगने के बाद ठंड की वजह से लोग ठिठुरते नजर आए। उधर कांवरियों के लिए मौसम अनुकूल हुआ है। सावन शुरू होते ही रिमझिम फुहार पड़ने लगी है।
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वैसे तो पिछले कई दिनों से कई बार रुक-रुककर बारिश हुई, लेकिन सावन के पहले सोमवार से इंद्र की जो कृपा बरसनी शुरू हुई, वह मंगलवार को भी पूरे दिन जारी रही। कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश का क्रम बना हुआ है। लगातार बरसात होने की वजह से जन-जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। इंद्र ने आम जन की रफ्तार धीमी कर दी है।
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बारिश से बचने के लिए लोगों ने छाता, रेनकोट के साथ प्लास्टिक आदि का सहारा लिया। बारिश के दौरान मार्गों पर चहल-पहल कम रही। वहीं लोग घरों से निकले थे, जिनकी कुछ मजबूरी थी। जिन लोगों के पास चार पहिया वाहन था, वह बारिश से बचने के लिए उसी से बाहर निकले। कुछ दिनों पहले तक भीषण गर्मी से परेशान लोग जहां अच्छी बारिश की इंद्र से प्रार्थना कर रहे थे, घंटों धीमा और तेज हो रही बारिश के दौरान उन्हीं लोगों के मुंह से यह बात निकल रही थी अब कुछ देर के लिए बारिश बंद हो जाए, तो ही अच्छा है। अब खेती धीरे-धीरे पिछड़ती जा रही है। बुआई का समय भी निकल रहा है।
मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार रविवार से शुरू हुई लगातार बारिश मंगलवार को पूरे दिन जारी रही। इससे नगर के शाहनिंदा, तहसील तिराहा, सदर रोड, मशीनरी रोड, नवापुरा एवं फाटक के पास सड़क पर पानी लग जाने से लोगों को पानी में घुसकर आना जाना पड़ा। पशु चिकित्सालय एवं महिला चिकित्सालय के पास सड़क के किनारे बने नाले के जाम रहने के कारण मुहम्मदाबाद बलिया मुख्य मार्ग पर भी पानी लग गया। किसानों का कहना है कि देर से शुरू हुई बरसात अगर जारी रही तो खेतों में अधिक पानी लग जाने के कारण अरहर, ज्वार, बाजरा आदि की बुआई का समय समाप्त हो जाएगा।