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Ghazipur News: दो जगहों पर सीवर पाइप लाइन और सड़क जेसीबी से खोदकर गुणवत्ता परखी

Thu, 16 Mar 2023 12:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 16 Mar 2023 12:24 AM IST
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Quality test by digging sewer pipeline and road with JCB at two places
- सिंचाई विभाग चौराहा और पीजी कॉलेज चौराहा के पास अधिकारियों की टीम ने जांच की
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- साल 2018 से शहर में कुल 86 किमी लंबी सीवर लाइन की परियोजना शुरू हुई
- पहले भी गलियों में सीवर लाइन के बाद सड़क निर्माण में मिली थीं खामियां
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। शहर में करीब 150 करोड़ की सीवेज पाइप लाइन डालने की परियोजना का काम सवालों के घेरे में है। परियोजना के काम के दौरान कई प्रमुख सड़कों को खोदकर पाइप लाइन डालने और सड़कों का निर्माण हुआ। लेकिन उनके गुणवत्ता को लेकर लोगों और जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी से शिकायत की। जिस पर एसडीएम सदर की अगुवाई में कमेटी का गठन कर जांच करने का निर्देश दिया गया। इसी क्रम में बुधवार को एसडीएम, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सहित एमएलसी विशाल सिंह चंचल की मौजूदगी में सड़कों का निरीक्षण और दो सड़कों को जेसीबी से खोदकर निर्माण आदि की तकनीकी जांच की गई।
दोपहर में अधिकारियों ने सिंचाई विभाग चौराहा से पूर्व विधायक अलका राय मकान के बीच जेसीबी से गड्ढ़ा खोदकर पाइप की बेडिंग और सड़क की गुणवत्ता परखी। यहां बेडिंग 30 सेमी की जगह 25 सेमी मिली है। ऐसे ही सड़क निर्माण में बिटुमिन और गिट्टी मानक के मुताबिक नहीं मिला। इसके बाद पीजी कॉलेज से पुलिस लाइन के बीच गड्ढ़ा खोदकर जांच कराई गई। यहां भी बेडिंग और सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठे।
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अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया खामियां निकलकर सामने आईं है। तकनीक टीम रिपोर्ट तैयार कर रही है। आगे भी अन्य जगहों पर सीवर पाइप लाइन और सड़क निर्माण के कार्यों की जांच कराई जाएगी। एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने कहा कि सीवर पाइप लाइन और सड़क निर्माण के कार्यों को लेकर लगातार शिकायत मिल रही थी। जिसके बाद डीएम को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग की गई।
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मालूम हो कि साल 2018 से शहर में कुल 86 किमी लंबी सीवर लाइन की परियोजना शुरू हुई। जिसके निर्माण आदि को लेकर शुरू से ही विवाद उठता रहा। पाइप लाइन के नक्शे से लेकर पंपिंग स्टेशन निर्माण वाली जगह को लेकर कई बार बदलाव हुए। जिससे परियोजना नियत समय जुलाई 2020 से तीन साल देरी से चल रही है। अधिकारियों की मानें तो कुल 65 फीसदी काम हो पाया है।
वहीं, पिछले दिनों जल निगम शहर के एक्सीईएन को गलियों में सीवर लाइन निर्माण में खामियां मिलने का मामला आया था। जिस पर कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई भी हो चुकी है। एक्सीईएन हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया कि कई गलियों में सीवर लाइन डालने के बाद निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं मिली। जिसको देखते हुए कार्यदायी संस्था पर 47 लाख रुपये का पेनाल्टी किया जा चुका है।

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जिलाधिकारी के निर्देश पर कमेटी जल निगम के कार्यों की जांच कर रही है। कमियां मिली है। उन जगहों पर दोबारा काम शुरू कराया जाएगा। तकनीकी जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
प्रतिभा मिश्रा, एसडीएम
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