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आत्मरक्षा के गुर आने से बच्चियां समाज, परिवार, नौकरी में भी सुरक्षित
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लुर्दस कॉन्वेंट बालिका इंटर कॉलेज में अपराजिता कार्यक्रम में ताइक्वांडो का प्रशिक्षण लेतीं छा?
- फोटो : GHAZIPUR
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छात्राएं आत्मरक्षा के गुण सीख कर खुद को सुरक्षित रख सकती हैं। आत्मरक्षा के गुर पूरे जीवन में काम आएंगे। छात्राएं भविष्य में भी समाज और नौकरी के दौरान अपनी रक्षा को लेकर चिंतित नहीं रहेंगी। लुदर्स कान्वेंट स्कूल में सोमवार को को अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण कैंप में मुख्य ट्रेनर सुशील गुप्ता ने कहीं। इसमें पचास छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
ट्रेनिंग के दौरान सहायक ट्रेनर हिमांशु यादव ने युवतियों को आत्मरक्षा के कई दांव-पेंच सिखाया। जिसमें पंच, हुक, किक आदि को प्रमुख रूप से बच्चियों को सिखाया गया। उन्होंने कहा कि बच्चियां समाज की अनमोल कृति हैं। जो समाज और संस्कृति का वाहक होती हैं। इनकी रक्षा देश और समाज की रक्षा है। इस कार्यक्रम में प्रिंसिपल सिस्टर अल्फोंसा, श्वेता राय, सिस्टर अंजना आदि उपस्थित रहीं।
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आत्मरक्षा केवल हमारा कर्तव्य नहीं हमारा अधिकार है समय आने पर हम यह दिखा सकते हैं कि हम किसी से कम नहीं
-सृष्टि सिंह
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अमर उजाला के की ओर से आयोजित अपराजिता किया समारोह के द्वारा हमें बहुत कुछ सीखने को मिला है। आत्मरक्षा ही ऐसा माध्यम है जिसकी बदौलत सुरक्षित रहा जा सकता है।-रोशनी रावत
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ताइक्वांडो की शिक्षा लेने से मैं अपनी वह दूसरों की रक्षा कर सकती हूं इसे करने से शरीर स्वस्थ रहता है और इससे हमारा विकास भी होता है ताइक्वांडो हमें शारीरिक रूप के साथ-साथ मानसिक रूप से भी बेहतर बनाता है।-संस्कृति सिंह
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मार्शल आर्ट सबसे जरूरी लड़कियों के लिए होता है इसे सीखने से वह आने वाले खतरे से बच सकती हैं मार्शल आर्ट सीखने से शारीरिक की ग्रोथ भी होती है।-सिमरन मोदनवाल
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ट्रेनिंग के दौरान सहायक ट्रेनर हिमांशु यादव ने युवतियों को आत्मरक्षा के कई दांव-पेंच सिखाया। जिसमें पंच, हुक, किक आदि को प्रमुख रूप से बच्चियों को सिखाया गया। उन्होंने कहा कि बच्चियां समाज की अनमोल कृति हैं। जो समाज और संस्कृति का वाहक होती हैं। इनकी रक्षा देश और समाज की रक्षा है। इस कार्यक्रम में प्रिंसिपल सिस्टर अल्फोंसा, श्वेता राय, सिस्टर अंजना आदि उपस्थित रहीं।
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आत्मरक्षा केवल हमारा कर्तव्य नहीं हमारा अधिकार है समय आने पर हम यह दिखा सकते हैं कि हम किसी से कम नहीं
-सृष्टि सिंह
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अमर उजाला के की ओर से आयोजित अपराजिता किया समारोह के द्वारा हमें बहुत कुछ सीखने को मिला है। आत्मरक्षा ही ऐसा माध्यम है जिसकी बदौलत सुरक्षित रहा जा सकता है।-रोशनी रावत
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ताइक्वांडो की शिक्षा लेने से मैं अपनी वह दूसरों की रक्षा कर सकती हूं इसे करने से शरीर स्वस्थ रहता है और इससे हमारा विकास भी होता है ताइक्वांडो हमें शारीरिक रूप के साथ-साथ मानसिक रूप से भी बेहतर बनाता है।-संस्कृति सिंह
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मार्शल आर्ट सबसे जरूरी लड़कियों के लिए होता है इसे सीखने से वह आने वाले खतरे से बच सकती हैं मार्शल आर्ट सीखने से शारीरिक की ग्रोथ भी होती है।-सिमरन मोदनवाल