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वर्षों से ठंडे बस्ते में है पदोन्नति की प्रक्रिया
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Sun, 03 Apr 2016 11:13 PM IST
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प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में कार्यरत सहायक अध्यापकों एवं प्रवक्ताओं की पदोन्नति काफी समय से ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। इस वजह से तमाम शिक्षकों ने पदोन्नति का सपना लिए ही अवकाश ग्रहण कर लिया जबकि शेष को भी भविष्य में प्रमोशन के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। पदोन्नति को लेकर विभाग और शासन के उदासीन रहने से शिक्षकों में मायूसी है। जिले में दर्जन भर से भी अधिक शिक्षक पदोन्नति की बांट जोह रहे हैं।
प्रदेश में राजकीय इंटर कालेजों में प्रधानाचार्य के 603 पद है। इनमें से आधे पद ही भरे हैं। शेष विद्यालयों को उप प्रधानाचार्य एवं प्रवक्ता ही प्रभारी प्रधानाचार्य बनाकर चला रहे हैं। प्रधानाचार्य के पदों पर पिछले एक वर्ष से पदोन्नति का काम अवरूद्घ पड़ा है।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश में 1500 से अधिक राजकीय हाईस्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में आधा के करीब ही प्रधानाचार्य तैनात हैं जबकि शेष विद्यालय सहायक अध्यापकों के भरोसे चलाए जा रहे हैं।
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जिले में कुल 25 राजकीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें बालकों का एक राजकीय सिटी इंटर कालेज तथा शेष 11 बालिकाओं के राजकीय इंटर कालेज हैं। इसके अलावा 13 राजकीय हाईस्कूल संचालित हैं। अगर जिले के राजकीय विद्यालयों पर नजर डाली जाए तो इंटर कालेजों में अधिकांश कालेज प्रभारी प्रधानाचार्य के भरोसे चलाए जा रहे हैं। उधर 13 राजकीय हाईस्कूलों में 10 में प्रधानाचार्य कार्यरत हैं।
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प्रदेश में राजकीय इंटर कालेजों में प्रधानाचार्य के 603 पद है। इनमें से आधे पद ही भरे हैं। शेष विद्यालयों को उप प्रधानाचार्य एवं प्रवक्ता ही प्रभारी प्रधानाचार्य बनाकर चला रहे हैं। प्रधानाचार्य के पदों पर पिछले एक वर्ष से पदोन्नति का काम अवरूद्घ पड़ा है।
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राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश में 1500 से अधिक राजकीय हाईस्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में आधा के करीब ही प्रधानाचार्य तैनात हैं जबकि शेष विद्यालय सहायक अध्यापकों के भरोसे चलाए जा रहे हैं।
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जिले में कुल 25 राजकीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें बालकों का एक राजकीय सिटी इंटर कालेज तथा शेष 11 बालिकाओं के राजकीय इंटर कालेज हैं। इसके अलावा 13 राजकीय हाईस्कूल संचालित हैं। अगर जिले के राजकीय विद्यालयों पर नजर डाली जाए तो इंटर कालेजों में अधिकांश कालेज प्रभारी प्रधानाचार्य के भरोसे चलाए जा रहे हैं। उधर 13 राजकीय हाईस्कूलों में 10 में प्रधानाचार्य कार्यरत हैं।