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Ghazipur News: तीन सड़कों की एक साथ खोदाई से बढ़ी परेशानी

Sun, 03 Mar 2024 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2024 11:54 PM IST
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Problems increased due to simultaneous digging of three roads
गाजीपुर। सीवर लाइन बिछाने के लिए नगर के पुराने हिस्से की तीन प्रमुख सड़कें एक साथ खोद दी गई हैं, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कार्यदायी संस्था की मनमानी के कारण संकरी गलियों से किसी तरह लोग शहर के दूसरे हिस्सों में पहुंच रहे हैं। ई-रिक्शा और चार पहिया वाहनों के आवागमन डेढ़ी खीर साबित हो रहा है। नगर के स्टीमरघाट, चीतनाथ, तुलसी का पुल, टाउनहाल, नवाब साहब का फाटक, नवाबगंज आदि मुहल्ले आते हैं। इसी पुराने हिस्से में जल निगम ने स्टीमरघाट, चीतनाथ और तुलसी का पुल वाले रास्ते को एक साथ खोद दिया है। ऐसे में इन इलाकों के लोग न तो स्टीमर घाट और न ही चीतनाथ वाले रास्ते से शहर के मध्य तक पहुंच सकते हैं। तुलसी का पुल वाले रास्ते की खोदाई के कारण लोग रौजा पर भी नहीं जा पा रहे हैं। इसके अलावा कपूरपुर-रजदेपुर मार्ग की भी खोदाई कर दी गई है। लोगों का कहना है कि एक मार्ग की खोदाई करके पहले उसको आवागमन लायक बनाना चाहिए। इसके बाद दूसरे मार्ग की खोदाई की जानी चाहिए। वहीं सीवर लाइन बिछाने के बाद कनेक्शन नेटवर्क पूरा करने में मई से जून तक का समय लगेगा। इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता पीयूष मौर्या ने बताया कि लालदरवाजा, एमएच इंटर कॉलेज के पास तुलसी का पुल और स्टीमरघाट में सीवर लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। जल्द ही लालदरवाजा वाली रोड का निर्माण कर दिया जाएगा। इससे लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी।
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नगर में वर्ष 2019 में सीवर लाइन बिछाने का काम 150 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ था। वर्ष 2022 तक काम पूरा करने की मियाद तय की गई थी, लेकिन भी अधूरा है। जल निगम की लेटलतीफी का खामियाजा शहर के लोग भुगत रहे हैं। पांच वर्षों से लोग आवागमन में परेशानी का सामना कर रहे हैं। सीवर लाइन के काम में देरी के पीछे नगर पालिका प्रशासन भी जिम्मेदार है। नगर पालिका ने अपने हिस्से का बजट कार्यदायी संस्था को नहीं दिया। केंद्रांश के रूप में 50 प्रतिशत और राज्यांश के रूप में 30 प्रतिशत बजट मिल चुका है, लेकिन नगर पालिका अपने हिस्से का 20 प्रतिशत यानी लगभग 20 करोड़ रुपये कार्यदायी संस्था को जारी नहीं कर रही है। पालिका प्रशासन की दलील है कि उसके पास इतना बजट नहीं है। वह इसके लिए शासन को पत्र लिखेगा। वहीं, हाल में केंद्र सरकार ने कहा था कि यदि नगरीय निकाय अपने हिस्से का बजट जारी नहीं कर पाती तो वह पांच प्रतिशत धनराशि मुहैया कराएगी। इस तरह से नगर पालिका को सात से साढ़े सात करोड़ रुपये कार्यदायी संस्था को देना होगा। लेकिन, यह धनराशि भी नगर पालिका ने अब तक नहीं दी।
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सड़क की खोदाई से व्यवसाय पर असर पड़ रहा है। खोदी गई सड़कों पर आवागमन में परेशानी हो रही है। - सुरेंद्र कुमार सिंह, दुकानदार, लालदरवाजा
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सीवर लाइन के लिए सड़क की खोदाई से परेशानी बढ़ गई है। इस मार्ग से गर्भवती महिलाएं आने-जाने में परहेज कर रही हैं। - इपख्तियार आलम, कपूरपुर
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जब से सीवर लाइन का कार्य शुरू हुआ है, तब से दुकानदारी खराब चल रही है। कई बाइक सवार फिसलकर गिर चुके हैं। - डब्ल्यू रहमती, दुकानदार, टाउनहाल
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