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प्रो. नित्यानंद तिवारी को गाजीपुर गौरव सम्मान
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Sun, 05 Apr 2015 11:19 PM IST
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साहित्य चेतना समाज का 30वां वार्षिक पुरस्कार वितरण एवं गाजीपुर गौरव सम्मान समारोह (चेतना महोत्सव) रविवार को रोडवेज स्थित एक पैलेस में आयोजित किया गया। इस वर्ष का गाजीपुर गौरव सम्मान दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रख्यात साहित्यकार प्रो. नित्यानंद तिवारी को मुख्य अतिथि केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने दिया।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप जलाकर किया। स्वाति नायर ने सरस्वती वंदना और अनन्या ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। पलक और प्रतीक्षा चतुर्वेदी ने भाव नृत्य प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। समारोह में केंद्रीय रेल राज्यमंत्री ने कहा कि जो समाज अपनी संस्कृति को भूल जाता है, वह बहुत पीछे चला जाता है। उन्होंने संस्था को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। प्रो. नित्यानंद तिवारी ने कहा कि संस्था अपने प्रयत्न से साहित्यिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान कर रही है।
यह स्थान भक्ति और स्वाधीनता आंदोलन में अत्यंत सक्रिय रहा है। संस्था की वार्षिक पत्रिका चेतना का लोकार्पण अतिथियों ने किया। संस्था की ओर से 2014 में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में चयनित प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विशिष्ट अतिथि सौरभ सान्याल, हरिओम राय, मौलाना अजीजुल हसन सिद्दीकी, योगी आनंद, प्रो. बाबूलाल बलवंत, आईके चतुर्वेदी, डा. विंध्याचल मिश्र, एमपी गुप्ता, राजेश गौतम, सीबी राय, इंद्रजीत कौर का डा. रविनंदन वर्मा, हीराराम गुप्त, प्रभाकर त्रिपाठी, कन्हैया पाल, राजीव मिश्र, डा. चंद्रशेखर तिवारी, विंध्याचल सिंह यादव आदि ने स्वागत किया।
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इस मौके पर डा. पीएन सिंह, डा. मांधाता राय, अनंतदेव पांडेय, कुमार शैलेंद्र, डा. व्यासमुनि राय आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता डा. वेदप्रकाश अमिताभ और संचालन संजीव कुमार गुप्त और हरिनारायण हरिश ने संयुक्त रूप से किया। अंत में संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी अमर ने आभार जताया।
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समारोह का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप जलाकर किया। स्वाति नायर ने सरस्वती वंदना और अनन्या ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। पलक और प्रतीक्षा चतुर्वेदी ने भाव नृत्य प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। समारोह में केंद्रीय रेल राज्यमंत्री ने कहा कि जो समाज अपनी संस्कृति को भूल जाता है, वह बहुत पीछे चला जाता है। उन्होंने संस्था को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। प्रो. नित्यानंद तिवारी ने कहा कि संस्था अपने प्रयत्न से साहित्यिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान कर रही है।
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यह स्थान भक्ति और स्वाधीनता आंदोलन में अत्यंत सक्रिय रहा है। संस्था की वार्षिक पत्रिका चेतना का लोकार्पण अतिथियों ने किया। संस्था की ओर से 2014 में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में चयनित प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विशिष्ट अतिथि सौरभ सान्याल, हरिओम राय, मौलाना अजीजुल हसन सिद्दीकी, योगी आनंद, प्रो. बाबूलाल बलवंत, आईके चतुर्वेदी, डा. विंध्याचल मिश्र, एमपी गुप्ता, राजेश गौतम, सीबी राय, इंद्रजीत कौर का डा. रविनंदन वर्मा, हीराराम गुप्त, प्रभाकर त्रिपाठी, कन्हैया पाल, राजीव मिश्र, डा. चंद्रशेखर तिवारी, विंध्याचल सिंह यादव आदि ने स्वागत किया।
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इस मौके पर डा. पीएन सिंह, डा. मांधाता राय, अनंतदेव पांडेय, कुमार शैलेंद्र, डा. व्यासमुनि राय आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता डा. वेदप्रकाश अमिताभ और संचालन संजीव कुमार गुप्त और हरिनारायण हरिश ने संयुक्त रूप से किया। अंत में संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी अमर ने आभार जताया।