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विभिन्न मुद्दों को लेकर मैदान में उतरने की कर रहे थे तैयारी
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गाजीपुर। कोरोना महामारी के चलते होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टालने की संभावना से चुनावी घमासान में जोर आजमाइश करने वाले दावेदार मायूस दिख रहे हैं। लॉकडाउन की अवधि में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों ने जनता के बीच काफी बढ़-चढ़कर सहयोग किया था। अपने स्तर से लोगों को मास्क, राशन, सैनिटाइजर का वितरण कर जनता के बीच काफी प्रभाव छोड़ा था। चुनाव की तैयारी कर वह विभिन्न मुद्दों को लेकर मैदान में उतरने वाले थे लेकिन इस महामारी के चलते चुनाव समय से न होने की स्थिति में उन्हें मायूसी हाथ लगी है।
कासिमाबाद संवाददाता के अनुसार जिला पंचायत के चुनाव में कासिमाबाद चतुर्थ से लगातार मेहनत करने वाले लल्लन यादव ने शासन से मांग किया कि चुनाव समय से कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी में चुनाव कराने से जनता पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। बूथ पर समाजिक दूरी बनाकर चुनाव को संपन्न कराया जा सकता है। राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती लड़ने वाले तथा पंचायत चुनाव में अपने ग्राम पंचायत में प्रत्याशी को खड़ा कर चुनाव लड़ाने वाले शिवराज बिंद ने चुनाव टलने की संभावना का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में महामारी जिस तरह से फैली है उसको देखते हुए चुनाव को टालना सही निर्णय है। उन्होंने त्रिस्तरीय पंचायतों में कंट्रोलर नियुक्त करने का निर्णय सही ठहराते हुए कहा कि इससे ग्राम पंचायतों का विकास नहीं रुकेगा। कासिमाबाद विकासखंड के सुकहा ग्राम पंचायत के प्रधान मनोज गुप्ता ने बताया कि शासन अगर समय से चुनाव कराता है तो उसका भी स्वागत है। अगर कोरोना महामारी को देखते हुए चुनाव टलता है तो उसका भी स्वागत है। काम करने वाले जनप्रतिनिधि जब चुनाव होगा जनता उनका साथ देगी, जो जनता के बीच नहीं रहेगा उसे चुनाव चाहे समय से हो या बाद में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। ग्राम प्रधान ने कंट्रोलर नियुक्त करने के फैसले का विरोध करते हुए कहा की पंचायतों का चुनाव समय से न होने पर उनके कार्यकाल को आगे बढ़ा देना चाहिए। इससे ग्राम पंचायतों के विकास पर असर नहीं पड़ेगा। बेचू यादव ने शासन की ओर से चुनाव टालने की संभावना पर कहा कि जब लोग सुरक्षित ही नहीं रहेंगे तो चुनाव कैसे होगा। चुनाव को टालना अति आवश्यक है। पंचायत चुनाव में लोग काफी आपस में उलझे हुए रहते हैं। इसमें प्रशासन भीड़ को रोकने में नाकाम रहेगा। पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान पद के उम्मीदवार अजय यादव ने कहा कि जिस तरह से महामारी बढ़ रही है उसको देखते हुए यह नहीं समझ में आ रहा है कि इस महामारी का अंत कब होगा। ऐसी दशा में चुनाव कराना जनहित में उचित नहीं होगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों सहित क्षेत्र एवं जिला पंचायत में कंट्रोलर नियुक्त करने के शासन स्तर के निर्णय का स्वागत किया। पहले लोगों के जीवन को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी शासन स्तर पर है। चुनाव कभी भी कराया जा सकता है। इसी तरह की मिली-जुली प्रतिक्रिया कई चुनाव लड़ने वाले संभावित उम्मीदवारों की भी है।
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कासिमाबाद संवाददाता के अनुसार जिला पंचायत के चुनाव में कासिमाबाद चतुर्थ से लगातार मेहनत करने वाले लल्लन यादव ने शासन से मांग किया कि चुनाव समय से कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी में चुनाव कराने से जनता पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। बूथ पर समाजिक दूरी बनाकर चुनाव को संपन्न कराया जा सकता है। राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती लड़ने वाले तथा पंचायत चुनाव में अपने ग्राम पंचायत में प्रत्याशी को खड़ा कर चुनाव लड़ाने वाले शिवराज बिंद ने चुनाव टलने की संभावना का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में महामारी जिस तरह से फैली है उसको देखते हुए चुनाव को टालना सही निर्णय है। उन्होंने त्रिस्तरीय पंचायतों में कंट्रोलर नियुक्त करने का निर्णय सही ठहराते हुए कहा कि इससे ग्राम पंचायतों का विकास नहीं रुकेगा। कासिमाबाद विकासखंड के सुकहा ग्राम पंचायत के प्रधान मनोज गुप्ता ने बताया कि शासन अगर समय से चुनाव कराता है तो उसका भी स्वागत है। अगर कोरोना महामारी को देखते हुए चुनाव टलता है तो उसका भी स्वागत है। काम करने वाले जनप्रतिनिधि जब चुनाव होगा जनता उनका साथ देगी, जो जनता के बीच नहीं रहेगा उसे चुनाव चाहे समय से हो या बाद में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। ग्राम प्रधान ने कंट्रोलर नियुक्त करने के फैसले का विरोध करते हुए कहा की पंचायतों का चुनाव समय से न होने पर उनके कार्यकाल को आगे बढ़ा देना चाहिए। इससे ग्राम पंचायतों के विकास पर असर नहीं पड़ेगा। बेचू यादव ने शासन की ओर से चुनाव टालने की संभावना पर कहा कि जब लोग सुरक्षित ही नहीं रहेंगे तो चुनाव कैसे होगा। चुनाव को टालना अति आवश्यक है। पंचायत चुनाव में लोग काफी आपस में उलझे हुए रहते हैं। इसमें प्रशासन भीड़ को रोकने में नाकाम रहेगा। पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान पद के उम्मीदवार अजय यादव ने कहा कि जिस तरह से महामारी बढ़ रही है उसको देखते हुए यह नहीं समझ में आ रहा है कि इस महामारी का अंत कब होगा। ऐसी दशा में चुनाव कराना जनहित में उचित नहीं होगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों सहित क्षेत्र एवं जिला पंचायत में कंट्रोलर नियुक्त करने के शासन स्तर के निर्णय का स्वागत किया। पहले लोगों के जीवन को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी शासन स्तर पर है। चुनाव कभी भी कराया जा सकता है। इसी तरह की मिली-जुली प्रतिक्रिया कई चुनाव लड़ने वाले संभावित उम्मीदवारों की भी है।
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