गाजीपुर: शहीद का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर हुए बवाल पर कार्रवाई, पूर्व एमएलसी समेत 30 नामजद, 1000 अज्ञात पर मुकदमा
गाजीपुर के सिधौना में शुक्रवार को हुए उपद्रव और वाहनों में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस अज्ञात लोगों को चिह्नित करने में जुट गई है।
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असम में सड़क हादसे में मृत सेना के जवान को शहीद का दर्जा देने और सेना के वाहन से पार्थिव शरीर घर पहुंचाने की मांग को लेकर शुक्रवार को हुए बवाल पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने पूर्व एमएलसी सहित 30 नामजद और एक हजार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब अज्ञात उपद्रवियों को चिह्नित करने में जुटी है। जवान को शहीद का दर्जा दिलाने के लिए शुक्रवार को ग्रामीणों ने जसिधौना बाजार स्थित गाजीपुर-वाराणसी मार्ग जाम कर दिया था। इस दौरान पथराव कर छह बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
पुलिस के अनुसार, बहरियाबाद थाना क्षेत्र के वृंदावन गांव निवासी सेना के जवान अभिषेक यादव(23) असम के मीसामारी में तैनात थे। 29 मई को पहाड़ पर लगे सैनिक कैंप से नीचे उतरते समय जीप के खाई में गिरने से वह घायल हो गए थे। दो जून को उनकी मौत हो गई। चार जून को पार्थिव शरीर राजधानी एक्सप्रेस से पीडीडीयू नगर आया।
परिवार के लोग वहां से पार्थिव शरीर को प्राइवेट एंबुलेंस से लेकर घर आ रहे थे। उधर, पार्थिव शरीर के सेना के वाहन से न लाए जाने से नाराज ग्रामीणों ने सिधौना बाजार में गाजीपुर-वाराणसी मार्ग जाम कर दिया था और कई वाहनों में तोड़फोड़ भी की थी। चार घंटे बाद जवान का शव ले जाने के लिए सेना का वाहन आने पर ग्रामीण शांत हुए थे।
उधर पुलिस तोड़फोड़ करने वालों को चिह्नित करने में जुट गई थी। थाने के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि सिधौना चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह की तहरीर पर पूर्व एमएलसी विजय यादव सहित 30 नामजद और एक हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।