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जुमले साबित हो रहे चुनाव में किए गए वादे
अभिनव चतुर्वेदी/ गाजीपुर
Updated Mon, 31 Aug 2015 11:07 PM IST
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार की लोकप्रियता घटती जा रही है। चुनाव से पहले किए गए वादे अब जुमले साबित हो रहे हैं। इस सरकार के शासन में देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला किया जा रहा है।
भाकपा माले के 11वें राज्यस्तरीय सम्मेलन में शिरकत करने आए इस वरिष्ठ वामपंथी नेता ने सोमवार को अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि आज देश के किसान और जवान दोनों आक्रोशित हंै। अपने हक-हकूक के लिए विभिन्न वर्गों के लोग आंदोलन की राह पर हैं। नए-नए मुद्दों पर आंदोलन सामने आ रहे हैं। कहा कि सरकार संघर्षों की बदौलत हासिल किए गए अधिकारों पर हमला कर रही है।
ऐसी स्थिति में एक होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है। एक सवाल के जवाब में कहा कि भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को लेकर सरकार को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। यह किसान आंदोलन की जीत है। बिहार विधानसभा चुनाव के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वहां तीन गठबंधन हैं। राजग और कांग्रेस, जद(यू), सपा एवं राजद गठबंधन जनता के नहीं सत्ता के गठबंधन हैं। जनता के मुद्दों से सरोकार सिर्फ वामपंथी ताकतों को है। बिहार में वामपंथी दलों का गठबंधन ही जनता का गठबंधन है।
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प्रदेश सरकार के बाबत पूछे गए सवाल के जवाब में माले के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज नहीं है, जंगलराज कायम है। अंत में 2 सितंबर को होने वाली देशव्यापी हड़ताल की कामयाबी का आह्वान करते हुए कहा कि आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के बैनर तले देश भर के जनांदोलन की शक्तियों को एकताबद्ध किया जा रहा है। किसानों के सवालों को लेकर भाकपा माले चुप नहीं बैठेगी।
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भाकपा माले के 11वें राज्यस्तरीय सम्मेलन में शिरकत करने आए इस वरिष्ठ वामपंथी नेता ने सोमवार को अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि आज देश के किसान और जवान दोनों आक्रोशित हंै। अपने हक-हकूक के लिए विभिन्न वर्गों के लोग आंदोलन की राह पर हैं। नए-नए मुद्दों पर आंदोलन सामने आ रहे हैं। कहा कि सरकार संघर्षों की बदौलत हासिल किए गए अधिकारों पर हमला कर रही है।
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ऐसी स्थिति में एक होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है। एक सवाल के जवाब में कहा कि भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को लेकर सरकार को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। यह किसान आंदोलन की जीत है। बिहार विधानसभा चुनाव के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वहां तीन गठबंधन हैं। राजग और कांग्रेस, जद(यू), सपा एवं राजद गठबंधन जनता के नहीं सत्ता के गठबंधन हैं। जनता के मुद्दों से सरोकार सिर्फ वामपंथी ताकतों को है। बिहार में वामपंथी दलों का गठबंधन ही जनता का गठबंधन है।
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प्रदेश सरकार के बाबत पूछे गए सवाल के जवाब में माले के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज नहीं है, जंगलराज कायम है। अंत में 2 सितंबर को होने वाली देशव्यापी हड़ताल की कामयाबी का आह्वान करते हुए कहा कि आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के बैनर तले देश भर के जनांदोलन की शक्तियों को एकताबद्ध किया जा रहा है। किसानों के सवालों को लेकर भाकपा माले चुप नहीं बैठेगी।