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मौसम में उतार-चढ़ाव, घर-घर खाट पकड़ रहे लोग
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कभी धूप, कभी बारिश और तापमान में उतार चढ़ाव के चलते लोग सर्दी, जुकाम और वायरल बुखार से पीड़ित होने लगे हैं। स्थिति यह है कि प्रतिदिन सर्दी, बुखार से पीड़ित 30 से 40 मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को ठंडी वस्तुओं का सेवन और एसी का इस्तेमाल न करने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने और मास्क लगाने की सलाह दे रहे हैं।
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। मार्च एवं अप्रैल माह में लोग बुखार, सर्दी और जुकाम से लोग परेशान थे। कोरोना संक्रमितों के मिलने का क्रम भी लगातार जारी था। कोरोना संक्रमितों के आंकड़ों में जहां तेजी से वृद्धि होनी शुरू हो गई। वहीं धीरे-धीरे मौत का आंकड़ा भी बढ़ना शुरू हो गया था। जब मौसम सामान्य हुआ तब जाकर स्थितियों में सुधार होना शुरू हो गया था। अब जब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है और मौसम के उतार चढ़ाव के चलते वायरल बुखार, सर्दी और जुकाम के मरीज घर-घर मिल रहे हैं। जिला अस्पताल सहित निजी नर्सिंग होम में उपचार के लिए लोगों की भीड़ लग रही है। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता दिख रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सक सतर्क एवं एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं, जिससे संक्रमण का फैलाव न हो।
चिकित्सक मरीजों को भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने, तेज धूप में न निकलने, बाहर से आने के बाद ठंडा पानी न पीने, एसी से बचने, गुनगुना पानी पीने, मास्क लगाने और बीमार पड़ने पर चिकित्सक से उपचार कराने की सलाह दे रहे हैं।
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मौसम में हो रहे उतारचढ़ाव के चलते वायरल बुखार, सर्दी और खांसी के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। रोजाना 30 से 40 पीड़ित उपचार के लिए जिला अस्पताल आ रहे हैं। ऐसे में सतर्कता एवं एहतियात बरतने की आवश्यकता है। - डॉ. राजेश सिंह, सीएमएस
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कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। मार्च एवं अप्रैल माह में लोग बुखार, सर्दी और जुकाम से लोग परेशान थे। कोरोना संक्रमितों के मिलने का क्रम भी लगातार जारी था। कोरोना संक्रमितों के आंकड़ों में जहां तेजी से वृद्धि होनी शुरू हो गई। वहीं धीरे-धीरे मौत का आंकड़ा भी बढ़ना शुरू हो गया था। जब मौसम सामान्य हुआ तब जाकर स्थितियों में सुधार होना शुरू हो गया था। अब जब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है और मौसम के उतार चढ़ाव के चलते वायरल बुखार, सर्दी और जुकाम के मरीज घर-घर मिल रहे हैं। जिला अस्पताल सहित निजी नर्सिंग होम में उपचार के लिए लोगों की भीड़ लग रही है। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता दिख रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सक सतर्क एवं एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं, जिससे संक्रमण का फैलाव न हो।
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चिकित्सक मरीजों को भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने, तेज धूप में न निकलने, बाहर से आने के बाद ठंडा पानी न पीने, एसी से बचने, गुनगुना पानी पीने, मास्क लगाने और बीमार पड़ने पर चिकित्सक से उपचार कराने की सलाह दे रहे हैं।
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मौसम में हो रहे उतारचढ़ाव के चलते वायरल बुखार, सर्दी और खांसी के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। रोजाना 30 से 40 पीड़ित उपचार के लिए जिला अस्पताल आ रहे हैं। ऐसे में सतर्कता एवं एहतियात बरतने की आवश्यकता है। - डॉ. राजेश सिंह, सीएमएस