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ओवरफ्लो हुई नहर जलमग्न हुए खेत
ब्यूरो,अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Mon, 16 Jan 2017 11:35 PM IST
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जमानिया मुख्य नहर से बेटावर माइनर पर कोटिया गांव के पास पानी फ्लो होने से खेत की डूबी फसल।
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क्षेत्र के बेटावर माइनर के रविवार की देर शाम ओवरफ्लो होने के कारण कई किसानों की लगभग 50 बीघा फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई। इसी के चलते हरबल्लमपुर माइनर के पास नहर टूटने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। इसे लेकर किसानों में काफी नाराजगी है। पिछले कई साल से समस्या को झेल रहे किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया तो वह नहर पाटने को विवश होंगे।
मुख्य नहर से ताजपुर होते हुए बेटावर तक माइनर आती है, जो बीच में कोटिया से टिसौरा की तरफ भी मुड़ी है। जब मुख्य नहर से बेटावर माइनर में पुरी रफ्तार से पानी छोड़ा जाता है, तो बेटावर के पास जमीन ढलान होने के चलते हर वर्ष नहर ओवलफ्लो हो जाती है, जिससे आस-पास के खेतों में पानी घुस जाता है।
रविवार की रात में नहर के ओवरफ्लो होने की वजह के बेटावर खुर्द निवासी इंद्रजीत तिवारी सुदामा कुशवाहा, रामदुलार, दीना कुशवाहा, हरिवंश, श्रवण, सूबेदार, ओमप्रकाश, हरी प्रसाद आदि किसानों के खेत जलमग्म हो गए। इससे गेहूं, मटर, लहसून, आलू, बरसीम आदि की खेती पूरी तरह बर्बाद हो गई। उधर शाम साढ़े पांच बजे हरबल्लमपुर गांव के पास माइनर टूटने से सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हो गए। इसे लेकर किसानों में नहर विभाग के नाराजगी है। उनका कहना है कि हर वर्ष नहर हम लोगों की फसलों की बर्बाद करती है। हम लोगों को फसलों की क्षति का कोई मुआवजा भी नहीं मिलता है।
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बार-बार नहर विभाग को अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते नहर को ठीक कर हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो हम लोग नहर पाटने के लिए विवश होंगे। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह कहा कि उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया। जल्द ही इसका समाधान करा लिया जाएगा।
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मुख्य नहर से ताजपुर होते हुए बेटावर तक माइनर आती है, जो बीच में कोटिया से टिसौरा की तरफ भी मुड़ी है। जब मुख्य नहर से बेटावर माइनर में पुरी रफ्तार से पानी छोड़ा जाता है, तो बेटावर के पास जमीन ढलान होने के चलते हर वर्ष नहर ओवलफ्लो हो जाती है, जिससे आस-पास के खेतों में पानी घुस जाता है।
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रविवार की रात में नहर के ओवरफ्लो होने की वजह के बेटावर खुर्द निवासी इंद्रजीत तिवारी सुदामा कुशवाहा, रामदुलार, दीना कुशवाहा, हरिवंश, श्रवण, सूबेदार, ओमप्रकाश, हरी प्रसाद आदि किसानों के खेत जलमग्म हो गए। इससे गेहूं, मटर, लहसून, आलू, बरसीम आदि की खेती पूरी तरह बर्बाद हो गई। उधर शाम साढ़े पांच बजे हरबल्लमपुर गांव के पास माइनर टूटने से सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हो गए। इसे लेकर किसानों में नहर विभाग के नाराजगी है। उनका कहना है कि हर वर्ष नहर हम लोगों की फसलों की बर्बाद करती है। हम लोगों को फसलों की क्षति का कोई मुआवजा भी नहीं मिलता है।
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बार-बार नहर विभाग को अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते नहर को ठीक कर हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो हम लोग नहर पाटने के लिए विवश होंगे। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह कहा कि उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया। जल्द ही इसका समाधान करा लिया जाएगा।