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Ghazipur News: ओपीडी का समय बदला, डॉक्टरों की चाल वही
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लाइव: करंडा सीएचसी पर सुबह 10.08 बजे बंद चिकित्सक कक्ष। संवाद
- फोटो : ARchive
गाजीपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में सीएचसी और पीएचसी पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के दावे की हकीकत मंगलवार को सामने आई। शासन की ओर से एक अक्तूबर से अस्पतालों के संचालन का समय सुबह 10 बजे निर्धारित करने के बावजूद कई केंद्रों पर चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी समय से नहीं पहुंचे। हमारी टीम ने करंडा, रेवतीपुर और जखनिया सीएचसी के साथ वीरपुर और सुखडेहरा न्यू पीएचसी पर पहुंची तो कहीं चिकित्सक देर से पहुंचे तो कहीं वार्ड बॉय ही मरीजों को दवा देते और जांच के लिए परामर्श पर्ची पर लिखते मिले।
रेवतीपुर सीएचसी में सुबह 10 बजे से पर्ची काउंटर खुला, लेकिन 10.10 बजे तक चिकित्सक नहीं पहुंचे थे। वहीं, सीएचसी करंडा में सुबह 10.08 बजे तक दवा काउंटर बंद था। सुबह 10.10 बजे चिकित्सक कक्ष बंद था। सुबह 10.15 बजे तक पैथोलॉजी केंद्र पर ताला लटका हुआ था। जखनिया सीएचसी में सुबह 10.10 बजे ओपीडी खुला मिला, लेकिन सुबह 10.15 बजे चिकित्सक पहुंचे, तब जाकर मरीजों का उपचार शुरू हुआ। वहीं, वीरपुर न्यू पीएचसी में सुबह 11.32 बजे वहां के चिकित्साधिकारी की कुर्सी खाली थी। वहां वार्ड बॉय द्वारा मरीजों को दवा दी जा रही थी। सुखडेहरा न्यू पीएचसी में सुबह 11 बजे वार्ड बॉय ही परामर्श पर्ची पर मरीजों को जांच के लिए लिख रहे थे।
ओपीडी खुलने का समय बदल जाने के बाद भी करंडा सीएचसी की स्थिति ठीक नहीं है। समय बदलने के बाद भी यहां चिकित्सक व कर्मी 10.30 बजे के बाद ही आते हैं। - गोविंद प्रजापति, तिवारीपुर।
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घुटने में दर्द की शिकायत थी। समय बदलने की जानकारी नहीं थी, ऐसे में सुबह 8.30 बजे तक जखनिया सीएचसी पहुंच गया। मुख्य गेट तो खुला था, लेकिन ओपीडी कक्ष बंद पड़ा था। सुबह 10.30 बजे के बाद ही चिकित्सक पहुंचे। राजकुमार चौहान, मियना नायकडीह।
रेवतीपुर सीएचसी पर तैनात डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों के समय से नहीं पहुंचने से काफी परेशानी हो रही है। सुबह 10 बजे से पर्ची कटवाकर ओपीडी कक्ष के बाहर इंतजार करना पड़ता है। - नागेंद्र, तिलवा।
पीएमएस संघ का चुनाव जिला मुख्यालय कार्यालय पर होने के चलते सभी चिकित्सक मतदान के लिए आ गए थे। हालांकि, चिकित्सकों द्वारा अपने अन्य सहयोगियों को ससमय पहुंचकर मरीजों के उपचार के लिए निर्देशित किया गया था। ऐसे में अगर अन्य तैनात स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा समय से पहुंचने के निर्देश का पालन नहीं किया गया है तो जांच कराकर ऐसे कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई होगी। - डॉ. एसके पांडेय, सीएमओ
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रेवतीपुर सीएचसी में सुबह 10 बजे से पर्ची काउंटर खुला, लेकिन 10.10 बजे तक चिकित्सक नहीं पहुंचे थे। वहीं, सीएचसी करंडा में सुबह 10.08 बजे तक दवा काउंटर बंद था। सुबह 10.10 बजे चिकित्सक कक्ष बंद था। सुबह 10.15 बजे तक पैथोलॉजी केंद्र पर ताला लटका हुआ था। जखनिया सीएचसी में सुबह 10.10 बजे ओपीडी खुला मिला, लेकिन सुबह 10.15 बजे चिकित्सक पहुंचे, तब जाकर मरीजों का उपचार शुरू हुआ। वहीं, वीरपुर न्यू पीएचसी में सुबह 11.32 बजे वहां के चिकित्साधिकारी की कुर्सी खाली थी। वहां वार्ड बॉय द्वारा मरीजों को दवा दी जा रही थी। सुखडेहरा न्यू पीएचसी में सुबह 11 बजे वार्ड बॉय ही परामर्श पर्ची पर मरीजों को जांच के लिए लिख रहे थे।
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ओपीडी खुलने का समय बदल जाने के बाद भी करंडा सीएचसी की स्थिति ठीक नहीं है। समय बदलने के बाद भी यहां चिकित्सक व कर्मी 10.30 बजे के बाद ही आते हैं। - गोविंद प्रजापति, तिवारीपुर।
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घुटने में दर्द की शिकायत थी। समय बदलने की जानकारी नहीं थी, ऐसे में सुबह 8.30 बजे तक जखनिया सीएचसी पहुंच गया। मुख्य गेट तो खुला था, लेकिन ओपीडी कक्ष बंद पड़ा था। सुबह 10.30 बजे के बाद ही चिकित्सक पहुंचे। राजकुमार चौहान, मियना नायकडीह।
रेवतीपुर सीएचसी पर तैनात डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों के समय से नहीं पहुंचने से काफी परेशानी हो रही है। सुबह 10 बजे से पर्ची कटवाकर ओपीडी कक्ष के बाहर इंतजार करना पड़ता है। - नागेंद्र, तिलवा।
पीएमएस संघ का चुनाव जिला मुख्यालय कार्यालय पर होने के चलते सभी चिकित्सक मतदान के लिए आ गए थे। हालांकि, चिकित्सकों द्वारा अपने अन्य सहयोगियों को ससमय पहुंचकर मरीजों के उपचार के लिए निर्देशित किया गया था। ऐसे में अगर अन्य तैनात स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा समय से पहुंचने के निर्देश का पालन नहीं किया गया है तो जांच कराकर ऐसे कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई होगी। - डॉ. एसके पांडेय, सीएमओ