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Ghazipur News: भींगी पलकों से तीसरे दिन मां की 35 प्रतिमाओं का हुआ विसर्जन
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मुहम्मदाबाद बाजार से दुुर्गा प्रतिमा लेकर जाते श्रद्धालु। स्रोत- पाठक
गाजीपुर। जनपद में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। इस दौरान कुल 35 प्रतिमाओं को भीगी पलकों के साथ विदा किया गया। देवी भक्तों ने डीजे की धुन पर थिरकते हुए मां की विदाई दी।
विसर्जन का दौर दोपहर से शुरू होकर देर रात तक चला। विसर्जन यात्राओं में महिलाएं और युवतियां भी शामिल हुईं। नौ दिनों तक जनपद में विधि-विधान से मां दुर्गा की आराधना की गई। पूरे जनपद में भक्ति, उल्लास और समर्पण का भाव देखने को मिला। शहर के रजागंज के पास अस्थायी तालाब में प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। तीसरे दिन शहर के नवाबगंज रामलीला मैदान, जमलापुर, सिंचाई विभाग चौराहा, चक अब्दुल वहाब और जैतपुरा से पांच प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। मुहम्मदाबाद में बुधवार रात 12 प्रतिमाओं का विसर्जन गौसपुर के पास अस्थायी तालाब में किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर पर्याप्त पुलिस जवान तैनात रहे।
सैदपुर में कांतारा झांकी का आकर्षण
सैदपुर में मां दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार देर रात तक चला। नगर की आधी से अधिक प्रतिमाएं जौहरगंज स्थित पंप कैनाल में विसर्जित की गईं। श्रद्धालु डीजे, अबीर-गुलाल और आतिशबाजी के साथ विसर्जन स्थल पहुंचे। सैदपुर के पश्चिम बाजार में कांतारा फिल्म की तर्ज पर बनी झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसमें कलाकारों ने मुखौटे पहनकर तलवार और आग के बीच हैरतअंगेज करतब दिखाए।
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विसर्जन में चुनौतियां और भक्तिमय माहौल
पंप कैनाल पर हाइड्रोलिक मशीन या क्रेन की व्यवस्था नहीं थी। इससे प्रतिमा समितियों को भारी प्रतिमाएं उतारने में परेशानी हुई। दुर्गा पूजा समिति के सदस्य मुकेश सेठ ने नहर में पानी कम होने की बात बताई। जमानिया में बुधवार देर रात प्रतिमाओं का विसर्जन कड़ी सुरक्षा में शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। जमानिया। नगर सहित ग्रामीण इलाकों के पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार की देर रात कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
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विसर्जन का दौर दोपहर से शुरू होकर देर रात तक चला। विसर्जन यात्राओं में महिलाएं और युवतियां भी शामिल हुईं। नौ दिनों तक जनपद में विधि-विधान से मां दुर्गा की आराधना की गई। पूरे जनपद में भक्ति, उल्लास और समर्पण का भाव देखने को मिला। शहर के रजागंज के पास अस्थायी तालाब में प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। तीसरे दिन शहर के नवाबगंज रामलीला मैदान, जमलापुर, सिंचाई विभाग चौराहा, चक अब्दुल वहाब और जैतपुरा से पांच प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। मुहम्मदाबाद में बुधवार रात 12 प्रतिमाओं का विसर्जन गौसपुर के पास अस्थायी तालाब में किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर पर्याप्त पुलिस जवान तैनात रहे।
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सैदपुर में कांतारा झांकी का आकर्षण
सैदपुर में मां दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार देर रात तक चला। नगर की आधी से अधिक प्रतिमाएं जौहरगंज स्थित पंप कैनाल में विसर्जित की गईं। श्रद्धालु डीजे, अबीर-गुलाल और आतिशबाजी के साथ विसर्जन स्थल पहुंचे। सैदपुर के पश्चिम बाजार में कांतारा फिल्म की तर्ज पर बनी झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसमें कलाकारों ने मुखौटे पहनकर तलवार और आग के बीच हैरतअंगेज करतब दिखाए।
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विसर्जन में चुनौतियां और भक्तिमय माहौल
पंप कैनाल पर हाइड्रोलिक मशीन या क्रेन की व्यवस्था नहीं थी। इससे प्रतिमा समितियों को भारी प्रतिमाएं उतारने में परेशानी हुई। दुर्गा पूजा समिति के सदस्य मुकेश सेठ ने नहर में पानी कम होने की बात बताई। जमानिया में बुधवार देर रात प्रतिमाओं का विसर्जन कड़ी सुरक्षा में शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। जमानिया। नगर सहित ग्रामीण इलाकों के पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार की देर रात कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।