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अब बीएचयू की जांच रिपोर्ट से पुष्ट होगा डेंगू का बुखार
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गाजीपुर। जिले में डेंगू के तीन मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त की गई हैं। डेंगू मरीजों के लिए जिला अस्पताल में दस, प्रत्येक सीएचसी में चार और पीएचसी में दो बिस्तर सुरक्षित किए गए हैं। पर्याप्त दवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की कुल 999 टीमें गठित की गई हैं जो घर-घर जाकर बुखार पीड़ितों को चिह्नित करेंगी। बुखार पीड़ितों के रक्त के नमूने जांच के लिए बीएचयू भेजे जाएंगे।
प्रदेश में डेंगू मरीजों के बढ़ने और जिले में तीन मरीजों के मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। बुखार पीड़ितों की पहचान के लिए सात सितंबर से 16 सितंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की 999 सर्वे टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम ने तीन स्वास्थ्यकर्मी और आशा शामिल की गई हैं। ये टीमें नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर पहुंच कर बुखार से पीड़ित मरीजों को चिह्नित करेंगी। इनकी सूची तैयार कर रिपोर्ट सीएचसी-पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी को उपलब्ध कराएंगी। सूची के आधार पर बुखार से पीड़ित मरीजों के खून का नमूना लेकर जांच के लिए उसे बीएचयू भेजा जाएगा। बीएचयू की जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि होने के बाद संबंधित मरीज का उपचार शुरू किया जाएगा।
डेंगू से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। डेंगू मरीजों के इलाज के लिे जिला अस्पताल में दस बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है। इसी प्रकार प्रत्येक सीएचसी में चार-चार और पीएचसी में दो-दो बिस्तर सुरक्षित किए गए हैं। साथ ही उपचार में प्रयुक्त सभी दवाएं सीएचसी और पीएचसी को उपलब्ध कराई गई हैं। पहले बुखार पीड़ित मरीजों में डेंगू की पहचान के लिए डेंगू किट से जांच की जाती थी लेकिन सरकार ने डेंगू किट की जांच पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में अब बुखार पीड़ित मरीजों के रक्त के नमूने जांच के लिए बीएचयू भेजे जा रहे हैं। बुखार पीड़ितों के रक्त के नमूने लेने और लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टीमें गठित की गईं। स्वास्थ्य विभाग ने बुखार से पीड़ित अब तक 15 मरीजों के खून के नूमने बीएचयू भेजे थे। बीएचयू की जांच रिपोर्ट में इन मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसमें 31 अगस्त तक नौ लोगों की जांच कराई गई जबकि एक सितंबर को छह लोगों के खून का नमूने बीएचयू भेजे गए थे। इसके अलावा मलेरिया के 271 लोगों की जांच की गई, जिसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुखार पीड़ितों की पहचान के लिए 999 टीमें गठित की गई हैं जो घर-घर जाकर मरीजों के रक्त के नमूने लेगी और डेंगू तथा मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक करेगी। मच्छरों से बचने के बारे में लोगों को बताएंगी। वहीं जिला मलेरिया अधिकारी मनोज सिंह ने कहा कि अब बीएचयू में हुई डेंगू जांच की रिपोर्ट ही मान्य होगी। डेंगू किट की जांच रिपोर्ट को सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बुखार पीड़ित मरीजों की सूची तैयार कर उनकी जांच करा रही हैं। ताकि उपचार की सुविधा मुहैया कराई जा सके।
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प्रदेश में डेंगू मरीजों के बढ़ने और जिले में तीन मरीजों के मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। बुखार पीड़ितों की पहचान के लिए सात सितंबर से 16 सितंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की 999 सर्वे टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम ने तीन स्वास्थ्यकर्मी और आशा शामिल की गई हैं। ये टीमें नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर पहुंच कर बुखार से पीड़ित मरीजों को चिह्नित करेंगी। इनकी सूची तैयार कर रिपोर्ट सीएचसी-पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी को उपलब्ध कराएंगी। सूची के आधार पर बुखार से पीड़ित मरीजों के खून का नमूना लेकर जांच के लिए उसे बीएचयू भेजा जाएगा। बीएचयू की जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि होने के बाद संबंधित मरीज का उपचार शुरू किया जाएगा।
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डेंगू से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। डेंगू मरीजों के इलाज के लिे जिला अस्पताल में दस बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है। इसी प्रकार प्रत्येक सीएचसी में चार-चार और पीएचसी में दो-दो बिस्तर सुरक्षित किए गए हैं। साथ ही उपचार में प्रयुक्त सभी दवाएं सीएचसी और पीएचसी को उपलब्ध कराई गई हैं। पहले बुखार पीड़ित मरीजों में डेंगू की पहचान के लिए डेंगू किट से जांच की जाती थी लेकिन सरकार ने डेंगू किट की जांच पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में अब बुखार पीड़ित मरीजों के रक्त के नमूने जांच के लिए बीएचयू भेजे जा रहे हैं। बुखार पीड़ितों के रक्त के नमूने लेने और लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टीमें गठित की गईं। स्वास्थ्य विभाग ने बुखार से पीड़ित अब तक 15 मरीजों के खून के नूमने बीएचयू भेजे थे। बीएचयू की जांच रिपोर्ट में इन मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसमें 31 अगस्त तक नौ लोगों की जांच कराई गई जबकि एक सितंबर को छह लोगों के खून का नमूने बीएचयू भेजे गए थे। इसके अलावा मलेरिया के 271 लोगों की जांच की गई, जिसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुखार पीड़ितों की पहचान के लिए 999 टीमें गठित की गई हैं जो घर-घर जाकर मरीजों के रक्त के नमूने लेगी और डेंगू तथा मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक करेगी। मच्छरों से बचने के बारे में लोगों को बताएंगी। वहीं जिला मलेरिया अधिकारी मनोज सिंह ने कहा कि अब बीएचयू में हुई डेंगू जांच की रिपोर्ट ही मान्य होगी। डेंगू किट की जांच रिपोर्ट को सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बुखार पीड़ित मरीजों की सूची तैयार कर उनकी जांच करा रही हैं। ताकि उपचार की सुविधा मुहैया कराई जा सके।
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