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बैंक से नही मिल रहे पर्याप्त रूपये
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Wed, 08 Feb 2017 10:58 PM IST
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क्षेत्र के बैंकों से पर्याप्त रूपये न मिलने से ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों के साथ ही एटीएम से रूपये न मिलने से लोगों को परेशानी हो रही है। जिससे लोगों में बैंक के प्रति नाराजगी है।
क्षेत्र में स्टेट और यूनियन बैंक है। इन बैंकों में अभी भी नोटबंदी का असर दिखाई दे रहा है। एक सप्ताह से बैंक से कभी दो तो कभी सिर्फ चार हजार रुपये का भुगतान ग्राहकों को किया जा रहा है। कभी-कभी रूपया न होने पर ग्राहकों को निराश लौटना पड़ रहा है। रूपये के अभाव में उपभोक्ताओं को तरह-तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोग जरूरी समानों के साथ ही खाद्य सामग्री नहीं खरीद पा रहे हैं। मजबूरीवश लोगों को उधार सामान लेना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिनके घर शादी-विवाद या अन्य कोई आयोजन है। पैसे के लिए उन्हें दूसरे से कर्ज लेना पड़ रहा है। इन दोनों बैंकों के एटीएम भी अधिकांश बंद ही रहते है, जिससे उपभोक्ता इनका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि एक नोटबंदी के महीनों बाद भी बैंकों में करेंसी की किल्लत बनी हुई है। इसको लेकर बैंक अधिकारी गंभीर नहीं है। पर्याप्त पैसा न मिलने पर विभिन्न प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक शिवमंगल राम ने बताया कि पैसा कम आने की वजह से ग्राहकों को पर्याप्त मात्रा में भुगतान नहीं किया जा रहा है। एटीएम में पैसा डलवाकर उसे जल्द से जल्द चालू कराया जाएगा।
क्षेत्र में स्टेट और यूनियन बैंक है। इन बैंकों में अभी भी नोटबंदी का असर दिखाई दे रहा है। एक सप्ताह से बैंक से कभी दो तो कभी सिर्फ चार हजार रुपये का भुगतान ग्राहकों को किया जा रहा है। कभी-कभी रूपया न होने पर ग्राहकों को निराश लौटना पड़ रहा है। रूपये के अभाव में उपभोक्ताओं को तरह-तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोग जरूरी समानों के साथ ही खाद्य सामग्री नहीं खरीद पा रहे हैं। मजबूरीवश लोगों को उधार सामान लेना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिनके घर शादी-विवाद या अन्य कोई आयोजन है। पैसे के लिए उन्हें दूसरे से कर्ज लेना पड़ रहा है। इन दोनों बैंकों के एटीएम भी अधिकांश बंद ही रहते है, जिससे उपभोक्ता इनका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि एक नोटबंदी के महीनों बाद भी बैंकों में करेंसी की किल्लत बनी हुई है। इसको लेकर बैंक अधिकारी गंभीर नहीं है। पर्याप्त पैसा न मिलने पर विभिन्न प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक शिवमंगल राम ने बताया कि पैसा कम आने की वजह से ग्राहकों को पर्याप्त मात्रा में भुगतान नहीं किया जा रहा है। एटीएम में पैसा डलवाकर उसे जल्द से जल्द चालू कराया जाएगा।
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