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कोई बच्चा न मिले कुपोषित = कमिश्नर
संवाददाता/ अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Sat, 22 Aug 2015 11:43 PM IST
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कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने कहा कि किसी भी समृद्ध राष्ट्र के सपनों, आकांक्षाओं, राष्ट्रीय मूल्यों और मानवीय आदर्शों के संवाहक बच्चे होते हैं। उनके स्वस्थ एवं समग्र विकास की जिम्मेदारी निभाकर उनके अभिभावक राष्ट्रीय मूल्यों और
दायित्वों का निर्वहन करते हैं। वह दो माह बाद फिर औड़िहार आएंगे, उस समय कोई बच्चा कुपोषित नहीं मिलता चाहिए। यह बातें उन्होंने शनिवार को औड़िहार प्राथमिक पाठशाला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर राज्य पोषण मिशन के तहत
आयोजित निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान कहीं। राज्य पोषण मिशन के तहत मंडलायुक्त ने औड़िहार गांव को गोद लिया है। उन्होंने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कुपोषण से बचाना है। इस मौके पर 121 बच्चों का वजन कर उन्हें
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चिकित्सीय सुविधाएं दी गईं। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार किया गया। जिलाधिकारी नरेेंद्र सिंह पटेल ने औड़िहार गांव में पांच वर्ष तक के चयनित 71 बच्चों में से 32 बच्चों के ग्रीन जोन से
रेड जोन में जाने पर चिंता जताई। उन्होंने मंच पर सीडीपीओ नीलम दुबे और सीएमओ डा. एमपी सिंह को बुलाकर जानकारी ली। आंगनबाड़ी की ओर से 150 बच्चों को तौलिया, साबुन और नैपकिन दिया गया। प्रभारी जिला कार्यक्रम
अधिकारी अमरनाथ मौर्य ने मिशन की जानकारी दी। इस मौके पर एसपी आनंद कुलकर्णी, नीलम दुबे, विजय प्रताप, सीडीओ अरविंद पांडेय, डीपीआरओ एमपी दुबे, मुहम्मद आरिफ, पीएन यादव, रेखा मधुकर, भानुप्रताप सिंह, महेंद्र गौतम,
खंड विकास अधिकारी संजय पांडेय मौजूद रहे। राज्य पोषण मिशन के तहत औड़िहार में आयोजित कार्यक्रम में जब डीएम ने अपना अतीत बताया तो वहां मौजूद महिलाएं गर्व से भर उठीं। उन्होंने परिवार की आर्थिक स्थिति का जिक्र
करते हुए कहा कि वह आज अपनी मां की बदौलत डीएम हैं। मां ने मजदूरी कर मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया। जिलाधिकारी के इस भावनात्मक संबोधन को सुनकर वहां मौजूद महिलाएं उत्साह से भर उठीं। मां के प्रति सम्मान को
सांझा करने पर क्षेत्र के लोगों ने जिलाधिकारी की सराहना की।
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दायित्वों का निर्वहन करते हैं। वह दो माह बाद फिर औड़िहार आएंगे, उस समय कोई बच्चा कुपोषित नहीं मिलता चाहिए। यह बातें उन्होंने शनिवार को औड़िहार प्राथमिक पाठशाला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर राज्य पोषण मिशन के तहत
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आयोजित निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान कहीं। राज्य पोषण मिशन के तहत मंडलायुक्त ने औड़िहार गांव को गोद लिया है। उन्होंने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कुपोषण से बचाना है। इस मौके पर 121 बच्चों का वजन कर उन्हें
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चिकित्सीय सुविधाएं दी गईं। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार किया गया। जिलाधिकारी नरेेंद्र सिंह पटेल ने औड़िहार गांव में पांच वर्ष तक के चयनित 71 बच्चों में से 32 बच्चों के ग्रीन जोन से
रेड जोन में जाने पर चिंता जताई। उन्होंने मंच पर सीडीपीओ नीलम दुबे और सीएमओ डा. एमपी सिंह को बुलाकर जानकारी ली। आंगनबाड़ी की ओर से 150 बच्चों को तौलिया, साबुन और नैपकिन दिया गया। प्रभारी जिला कार्यक्रम
अधिकारी अमरनाथ मौर्य ने मिशन की जानकारी दी। इस मौके पर एसपी आनंद कुलकर्णी, नीलम दुबे, विजय प्रताप, सीडीओ अरविंद पांडेय, डीपीआरओ एमपी दुबे, मुहम्मद आरिफ, पीएन यादव, रेखा मधुकर, भानुप्रताप सिंह, महेंद्र गौतम,
खंड विकास अधिकारी संजय पांडेय मौजूद रहे। राज्य पोषण मिशन के तहत औड़िहार में आयोजित कार्यक्रम में जब डीएम ने अपना अतीत बताया तो वहां मौजूद महिलाएं गर्व से भर उठीं। उन्होंने परिवार की आर्थिक स्थिति का जिक्र
करते हुए कहा कि वह आज अपनी मां की बदौलत डीएम हैं। मां ने मजदूरी कर मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया। जिलाधिकारी के इस भावनात्मक संबोधन को सुनकर वहां मौजूद महिलाएं उत्साह से भर उठीं। मां के प्रति सम्मान को
सांझा करने पर क्षेत्र के लोगों ने जिलाधिकारी की सराहना की।