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Ghazipur News: कई उपकेंद्रों में अब तक न आई एएनएम, न आशा...ग्रामीणों को हो रही निराशा

Wed, 10 May 2023 04:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 May 2023 04:57 PM IST
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Neither ANM nor Asha has come to many sub-centres, the villagers are getting disappointed
भदौरा सीएचसी क्षेत्र में खुले 29 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में आधे की दशा खराब
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केद्रों के भवन बने खंडहर, अराजक तत्व तोड़ ले गए दरवाजे और वायरिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बारा। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावों के बीच ग्रामीण इलाकों में हालात बदतर हैं। हर जिले में भले ही मेडिकल कॉलेज खोले जाने की कवायद चल रही हो ,लेकिन भदौरा ब्लाक के ग्रामीण इलाकों में बनाए गए स्वास्थ्य उपकेंद्र खुद बीमार हैं।
ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य उपकेंद्र खोले गए थे। सीएचसी भदौरा के तहत कुल 29 स्वास्थ्य उपकेंद्र हैं। 18 केंद्रों पर एएनएम की तैनाती है। बारा द्वितीय, गहमर द्वितीय, गहमर तृतीय, भतौरा, मनिया, सायर, बरेजी, अमौरा, करहिया, उसिया प्रथम, उसिया द्वितीय, खजुरी, सरैला, ताजपुरकुर्रा, दिलदारनगर गांव में उपकेंद्रों की दशा बेहद खराब है।
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इन केद्रों के भवन खंडहर हो चुके हैं। दरवाजे अराजक तत्व तोड़ ले गए और उपकेंद्रों में कराई गई वायरिंग चोर उखाड़ ले गए। इन उपकेंद्रों के निर्माण के बाद न तो कभी यहां एएनएम आई और न ही आशा। ग्रामीणों में निराशा छाई तो गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं को भी जांच के लिए सीएचसी से लेकर जिला मुख्यालय तक की दौड़ लगानी पड़ी।
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कर्मनाशा नदी के तट पर भतौरा गांव में 30 वर्ष पहले लाखों रुपये खर्च कर स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण कराया गया था। स्थानीय ग्रामीण बताते हैं कि उपकेंद्र कभी खुला नहीं देखा। इस भवन का उपयोग ही नहीं हुआ इसलिए यह भवन अब जर्जर हो चुका है। भवन के खिड़की दरवाजे तक गायब हैं।


जिस मकसद से बने थे वह नहीं हुआ पूरा
बारा। गांवों में बनाए गए स्वास्थ्य उपकेंद्रों का बड़ा उद्देश्य था। मात्र शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए महिलाओं के गर्भ धारण करते ही उनकी आवश्यक जांच निर्माण उप स्वास्थ्य केंद्रों पर ही होना था। एएनएम और आशा इन उपकेंद्रों पर गर्भवती और धात्री महिलाओं को समय - समय पर उचित परामर्श देतीं और परीक्षण करतीं। नवजात के टीकाकरण और वजन की जांच का इंतजाम भी इन उपकेंद्रों का उद्देश्य था। अफसोस कि यह हो न सका।



सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदौरा के अधीन 29 उपकेंद्र हैं। जिसमें 15 उपकेंद्र जर्जर हैं। एएनएम गांवों में भ्रमण कर गर्भवती महिलाओं को उचित परामर्श देतीं हैं। उपकेंद्रों की स्थिति को लेकर अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। - डा. धनंजय आनंद, सीएचसी अधीक्षक भदौरा
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