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Ghazipur News: आयुष्मान आरोग्य मंदिरों काे इलाज की जरुरत, 138 पर लगा मिला ताला
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पड़ताल की खबर में.... बिरनो के जयरामपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर लटका ताला-संवाद
गाजीपुर। गांवों में ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जनपद में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 276 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित किए जा रहे हैं। शुक्रवार को की गई पड़ताल में 50 प्रतिशत, यानी 138 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले लटके मिले। इस स्थिति से सवाल उठते हैं कि ग्रामीण अंचलों में लोग बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कैसे प्राप्त कर पाएंगे। ग्रामीणों में राजू सिंह और रामभरोसे राजभर ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताला बंद रहने का नजारा रोजाना देखने को मिलता है। यह स्थिति अधिकांश केंद्रों में आम है। जिन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के खुले रहने की बात है, वहां सीएचओ (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी) अक्सर अनुपस्थित रहते हैं। केवल एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी ही केंद्र का संचालन करते हैं।
ताले लगे होने के कारण मरीजों को अपने गांव से आठ से 10 किलोमीटर दूर पीएचसी या सीएचसी तक जाना पड़ता है। इसके कारण ग्रामीण मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, विशेषकर महिला मरीजों को। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जनपद के 276 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन के लिए इतनी ही संख्या में सीएचओ तैनात किए गए हैं, ताकि हर केंद्र का संचालन सुचारु रूप से हो सके। लेकिन, जमीन पर यह दावा कमजोर साबित हो रहा है।
सिंगेरा स्थित आयुष्मान आरोग्य केंद्र पर दोपहर एक बजे ताला लटका मिला। ग्रामीणों का कहना है कि यह केंद्र अक्सर बंद रहता है और विभाग के अधिकारी निरीक्षण करने नहीं आते। डेढ़गांवा स्थित आयुष्मान आरोग्य केंद्र सुबह 11 बजे बंद मिला। केंद्र के परिसर में झाड़-झंखाड़ उग आई हैं, जो लंबे समय से किसी के न आने का संकेत देती हैं। सैदपुर विकास खंड के अनौनी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर सुबह साढ़े 10 बजे ताला लटका हुआ नजर आया। देखरेख के अभाव में भवन का रंग-रोगन भी छूटने लगा है। कासिमाबाद विकासखंड के जहूराबाद स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर दोपहर 12 बजे बंद मिला। भवन की दीवार पर निशुल्क जांच और दवाइयों की सुविधा के बारे में जानकारी दी गई है। बिरनो क्षेत्र के जयरामपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर दोपहर एक बजे बंद मिला। यहां तक जाने के लिए लगभग 200 मीटर पगडंडी से गुजरना पड़ता है और चारों तरफ घास उग आई है।
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आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर मिलने वाली सुविधाएं
गाजीपुर। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर 12 से अधिक प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। इसमें गर्भावस्था और नवजात शिशु की देखभाल, गैर-संक्रामक रोगों (शुगर, ब्लड प्रेशर, कैंसर) की स्क्रीनिंग और प्रबंधन, संक्रामक रोगों (टीबी, कुष्ठ रोग) का प्रबंधन, नेत्र, कान, नाक और गले की सामान्य समस्याओं का इलाज शामिल है। ई-संजीवनी के माध्यम से मरीज विशेषज्ञों से ऑनलाइन सलाह ले सकते हैं। केंद्रों पर निरोगी जीवन के लिए योग सत्र भी आयोजित किए जाते हैं।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
आयुष्मान आरोग्य मंदिर अक्सर बंद रहते हैं। यहां तैनात स्वास्थ्यकर्मियों की कोई जवाबदेही तय नहीं की गई है। यह कागजी योजना साबित हो रही है। – राजीव यादव, सिंगेरा
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के बंद रहने के कारण ग्रामीण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। – रमेश यादव, श्रवणडीह
स्वास्थ्य विभाग का बयान
जिले में 276 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं। यहां मरीजों का उपचार किया जाता है। जो आयुष्मान आरोग्य मंदिर समय से नहीं खुल रहे हैं, उनकी जांच करके कार्रवाई की जाएगी। – डॉ. एसके पांडेय, सीएमओ
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ताले लगे होने के कारण मरीजों को अपने गांव से आठ से 10 किलोमीटर दूर पीएचसी या सीएचसी तक जाना पड़ता है। इसके कारण ग्रामीण मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, विशेषकर महिला मरीजों को। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जनपद के 276 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन के लिए इतनी ही संख्या में सीएचओ तैनात किए गए हैं, ताकि हर केंद्र का संचालन सुचारु रूप से हो सके। लेकिन, जमीन पर यह दावा कमजोर साबित हो रहा है।
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सिंगेरा स्थित आयुष्मान आरोग्य केंद्र पर दोपहर एक बजे ताला लटका मिला। ग्रामीणों का कहना है कि यह केंद्र अक्सर बंद रहता है और विभाग के अधिकारी निरीक्षण करने नहीं आते। डेढ़गांवा स्थित आयुष्मान आरोग्य केंद्र सुबह 11 बजे बंद मिला। केंद्र के परिसर में झाड़-झंखाड़ उग आई हैं, जो लंबे समय से किसी के न आने का संकेत देती हैं। सैदपुर विकास खंड के अनौनी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर सुबह साढ़े 10 बजे ताला लटका हुआ नजर आया। देखरेख के अभाव में भवन का रंग-रोगन भी छूटने लगा है। कासिमाबाद विकासखंड के जहूराबाद स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर दोपहर 12 बजे बंद मिला। भवन की दीवार पर निशुल्क जांच और दवाइयों की सुविधा के बारे में जानकारी दी गई है। बिरनो क्षेत्र के जयरामपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर दोपहर एक बजे बंद मिला। यहां तक जाने के लिए लगभग 200 मीटर पगडंडी से गुजरना पड़ता है और चारों तरफ घास उग आई है।
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आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर मिलने वाली सुविधाएं
गाजीपुर। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर 12 से अधिक प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। इसमें गर्भावस्था और नवजात शिशु की देखभाल, गैर-संक्रामक रोगों (शुगर, ब्लड प्रेशर, कैंसर) की स्क्रीनिंग और प्रबंधन, संक्रामक रोगों (टीबी, कुष्ठ रोग) का प्रबंधन, नेत्र, कान, नाक और गले की सामान्य समस्याओं का इलाज शामिल है। ई-संजीवनी के माध्यम से मरीज विशेषज्ञों से ऑनलाइन सलाह ले सकते हैं। केंद्रों पर निरोगी जीवन के लिए योग सत्र भी आयोजित किए जाते हैं।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
आयुष्मान आरोग्य मंदिर अक्सर बंद रहते हैं। यहां तैनात स्वास्थ्यकर्मियों की कोई जवाबदेही तय नहीं की गई है। यह कागजी योजना साबित हो रही है। – राजीव यादव, सिंगेरा
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के बंद रहने के कारण ग्रामीण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। – रमेश यादव, श्रवणडीह
स्वास्थ्य विभाग का बयान
जिले में 276 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं। यहां मरीजों का उपचार किया जाता है। जो आयुष्मान आरोग्य मंदिर समय से नहीं खुल रहे हैं, उनकी जांच करके कार्रवाई की जाएगी। – डॉ. एसके पांडेय, सीएमओ

पड़ताल की खबर में.... बिरनो के जयरामपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर लटका ताला-संवाद