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सामूहिक विवाह समारोह में बेटियों की शादी करें मुस्लिम समुदाय : नोमानी
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आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रोग्राम के तहत दारुल कजा कन्वेंशन का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
दिलदारनगर। आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रोग्राम के तहत स्थानीय नगर में दारुल कजा कन्वेंशन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरूआत कारी जुबैर अहमद के तिलावत कुराने पाक से हुई।
कन्वेंशन के मुख्य अतिथि और शोबाए इस्लामी मुआशरा जमाते इस्लामी हिंद के सचिव डा. मोहम्मद रजीउल इस्लाम नदवी ने अपनी तकरीर में कहा कि मुसलमान शरीअत की रौशनी में अपने मामले हल कराएं। अल्लाह तआला ने कुरान में फरमाया है, कि जिस तरह नमाज, जकात, रोजा और हज फर्ज है, उसी तरह शरीअत की रोशनी में निकाह, सुलह, मियां और बीवी में तलाक, निकाह विरासत, वसीयत सहित घरेलू झगड़ों को कुरान की रोशनी में हल करें। शादी विवाह में फिजूलखर्ची और गैर शरई रस्मोरिवाज को बंद कर इस्लामिक तौर तरीकों पर चल कर कम खर्च में शरीअत के अनुसार शादी करें। जिससे गरीब की बेटी के हाथ में मेहंदी लग सके, तभी मुस्लिम समाज का विकास संभव हो।
कन्वेंशन की अध्यक्षता करते हुए बनारस के मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी ने महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिकाओं का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं के बिना इसमें सुधार नहीं हो सकता है। महिलाएं ही शादी विवाह के अवसर पर फिजूलखर्ची करती हैं और गैर इस्लामी एवं बेकार रस्मों को अपना कर दहेज के रूप में लेनदेन करने पर पुरूषों को विवश करती हैं। इसलिए महिलाओं को इसमें आगे बढ़कर भागीदारी करनी होगी।
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उन्होंने कहा कि दूसरी ओर सरकार द्वारा सामूहिक विवाह की व्यवस्था की गई है। जिसमें हिंदू मुस्लिम समुदाय के लिए बिना भेदभाव से सरकार लाखों रुपया खर्च करके शादी करा रही है। लेकिन विडंबना है, कि हमारी मुस्लिम कौम के लोग सरकार की उक्त योजना का लाभ अर्जित करने में पीछे हैं। इसको दूर करते हुए सरकार द्वारा सामूहिक विवाह समारोह में अपने बेटियों की शादी कर सरकार के सामूहिक विवाह योजना का फायदा उठाना चाहिए।
कन्वेंशन में दारूल क़जा दिलदार नगर की वार्षिक रिपोर्ट काजी अब्दुर्रहमान कासमी ने पेश किया। कार्यक्रम में सैय्यद अहमद गाजी फलाही, कमेटी के उपाध्यक्ष एजाज अहमद ख़ां, एनामुल हक़ ख़ां एडवोकेट, हाजी मुख्तार अहमद, अबुजर खां, तौसीफ़ गोया, कमाल वारिस ख़ां सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कन्वेंशन का संचालन दारुल क़जा कमेटी दिलदार नगर के अध्यक्ष अरशद सिराजुद्दीन मक्की ने की।
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आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रोग्राम के तहत दारुल कजा कन्वेंशन का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
दिलदारनगर। आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रोग्राम के तहत स्थानीय नगर में दारुल कजा कन्वेंशन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरूआत कारी जुबैर अहमद के तिलावत कुराने पाक से हुई।
कन्वेंशन के मुख्य अतिथि और शोबाए इस्लामी मुआशरा जमाते इस्लामी हिंद के सचिव डा. मोहम्मद रजीउल इस्लाम नदवी ने अपनी तकरीर में कहा कि मुसलमान शरीअत की रौशनी में अपने मामले हल कराएं। अल्लाह तआला ने कुरान में फरमाया है, कि जिस तरह नमाज, जकात, रोजा और हज फर्ज है, उसी तरह शरीअत की रोशनी में निकाह, सुलह, मियां और बीवी में तलाक, निकाह विरासत, वसीयत सहित घरेलू झगड़ों को कुरान की रोशनी में हल करें। शादी विवाह में फिजूलखर्ची और गैर शरई रस्मोरिवाज को बंद कर इस्लामिक तौर तरीकों पर चल कर कम खर्च में शरीअत के अनुसार शादी करें। जिससे गरीब की बेटी के हाथ में मेहंदी लग सके, तभी मुस्लिम समाज का विकास संभव हो।
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कन्वेंशन की अध्यक्षता करते हुए बनारस के मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी ने महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिकाओं का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं के बिना इसमें सुधार नहीं हो सकता है। महिलाएं ही शादी विवाह के अवसर पर फिजूलखर्ची करती हैं और गैर इस्लामी एवं बेकार रस्मों को अपना कर दहेज के रूप में लेनदेन करने पर पुरूषों को विवश करती हैं। इसलिए महिलाओं को इसमें आगे बढ़कर भागीदारी करनी होगी।
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उन्होंने कहा कि दूसरी ओर सरकार द्वारा सामूहिक विवाह की व्यवस्था की गई है। जिसमें हिंदू मुस्लिम समुदाय के लिए बिना भेदभाव से सरकार लाखों रुपया खर्च करके शादी करा रही है। लेकिन विडंबना है, कि हमारी मुस्लिम कौम के लोग सरकार की उक्त योजना का लाभ अर्जित करने में पीछे हैं। इसको दूर करते हुए सरकार द्वारा सामूहिक विवाह समारोह में अपने बेटियों की शादी कर सरकार के सामूहिक विवाह योजना का फायदा उठाना चाहिए।
कन्वेंशन में दारूल क़जा दिलदार नगर की वार्षिक रिपोर्ट काजी अब्दुर्रहमान कासमी ने पेश किया। कार्यक्रम में सैय्यद अहमद गाजी फलाही, कमेटी के उपाध्यक्ष एजाज अहमद ख़ां, एनामुल हक़ ख़ां एडवोकेट, हाजी मुख्तार अहमद, अबुजर खां, तौसीफ़ गोया, कमाल वारिस ख़ां सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कन्वेंशन का संचालन दारुल क़जा कमेटी दिलदार नगर के अध्यक्ष अरशद सिराजुद्दीन मक्की ने की।