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UP : हत्या के दोषी को आजीवन कारावास..., 9 साल पहले महिला को मारी गई थी गोली; ससुर ने हत्यारे को देखा था
Sat, 01 Feb 2025 01:02 AM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sat, 01 Feb 2025 01:02 AM IST
सार
गाजीपुर के रेवतीपुर थाने में 6 अक्तूबर, 2015 को मामला दर्ज हुआ था। आरोप है कि महिला को गोली मारने के बाद आरोपी घर की तरफ से अंधेरे में आ रहा था। इस बीच, महिला के ससुर ने उसे देख लिया तो वह माैके से भाग निकला।
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अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने सुनाया फैसला।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शक्ति सिंह की अदालत ने शुक्रवार को हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 35 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत की ओर से आदेश दिया गया है कि अर्थदंड की धनराशि में से आधी मृतका के पुत्र बृजेश को दी जाए।
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रेवतीपुर थानाक्षेत्र के कल्याणपुर निवासी मंगला सिंह यादव ने थाने में तहरीर दी कि मेरा पुत्र मन्नू यादव पत्नी व बच्चों के संग अलग मकान बनवाकर रहता है। उसका मकान मेरे मकान से 100 मीटर पूरब स्थित है। मन्नू मुंबई में रहकर परिवार का भरण-पोषण करता है।
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10 दिन पूर्व वह मुंबई गया था। मेरी बहू प्रेमशीला देवी अपने चार बच्चों के साथ 6 अक्तूबर, 2015 को घर पर थी। रात करीब 10.30 बजे मन्नू के घर की तरफ से फायर की आवाज मैंने और मेरे परिवार के लोगों ने सुनी। मैं और मेरे परिवार के लोग जगे थे।
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फायर की आवाज सुनकर सभी लोग हाथ में टार्च लेकर मौके की ओर दौड़े। वहां देखा कि मन्नू के घर की पश्चिम दिशा की तरफ से राजेश कुमार यादव आता दिखा। वह दाहिने हाथ में असलहा लिए हुए था।
टॉर्च की रोशनी में पहचान उजागर होने पर वह उत्तर दिशा की ओर भागा। जब हम लोग मन्नू के घर पहुंचे तो देखा कि बहू जमीन पर गिरी पड़ी थी। उसके बच्चे रो रहे थे। राजेश गोली मारकर फरार हो चुका था।
मन्नू का 5 वर्षीय पुत्र बृजेश चारपाई पर तड़प रहा था। उसको भी गोली लगी थी। ग्रामीणों की मदद से प्रेमशीला व बृजेश को सदर अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टर ने वाराणसी रेफर कर दिया। लेकिन, रास्ते में ही प्रेमशीला की मौत हो गई। वापस लौटकर बृजेश को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।