मर गई ममता: गाजीपुर में मां ने दो मासूमों को चाकू से काट डाला, बेटी को छोड़ा, पति सेना में तैनात
गाजीपुर के मरदह थाना के हरिकरनपुर गांव में मां ने दो मासूम बच्चों की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी। घटना की जानकारी शनिवार सुबह तब हुई जब परिवार के सदस्य बच्चों को जगाने गए। बच्चों का सिर उनके धड़ से अलग था।
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यूपी के गाजीपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। मां ने अपने कोख से जन्मे दो मासूमों की चाकू से काट कर हत्या कर दी। शुक्रवार रात घटी घटना की जानकारी शनिवार सुबह हुई तो सनसनी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को चाकू के साथ गिरफ्तार किया। दोनों बच्चों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना मरदह थाना क्षेत्र के हमीरपुर गांव की है। आरोपी महिला का पति भारतीय सेना में तैनात है। सूचना मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गया है।
मरदह थाना क्षेत्र के हमीरपुर निवासी किसान रामबचन यादव के दो पुत्रों में से एक अजीत यादव भारतीय सेना है। अभी उनकी तैनाती कश्मीर में है। दूसरा बेटा अमित घर पर ही रहता है और व्यवसाय करता है। पूरा परिवार बीती रात खाना खाकर सोने चला गया।
सबसे बड़ी बच्ची की नहीं ली जान
अजीत की पत्नी नीतू यादव (35) भी तीन बच्चों औरव उर्फ हैप्पी, हर्षित एवं आराध्या (8) को लेकर अपने कमरे में सोने चली गई। रात में किसी वक्त चाकू से वार कर औरव उर्फ हैप्पी (7 ) और हर्षित (1) की हत्या कर दी। दोनों का सिर धड़ से अलग कर दिया। तीसरी बच्ची को उसने छोड़ दिया। रात भर वो कमरे में ही रही।
इस घटना की जानकारी शनिवार सुबह तब हुई जब परिवार के सदस्य बच्चों को जगाने गए। बच्चों का खून से लथपश शव देख पैरों तले जमीन खिसक गई। हृदय विदारक घटना की सूचना से इलाके में सनसनी मच गई। घर के बाहर भीड़ लग गई। घटनास्थल का मंजर देख लोग सहम उठे। परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। हत्या में इस्तेमाल चाकू को कब्जे में लेकर नीतू यादव को गिरफ्तार किया। घटना को उसने क्यों अंजाम दिया इसके बारे में पूछताछ की जा रही है।
दादा-दादी ने सुबह देखा खून से लथपथ शव
दिल दहला देने वाली इस घटना के संबंध में परिजन बताते-बताते रो पड़े। शनिवार सुबह बच्चों को जगाने के दादी राजमती देवी कमरे में गईं थीं। चादर हटाया तो बच्चों के खून से लथपथ शव दिखे। सिर अलग था। नजारा देख वो चीख पड़ीं। आवाज सुनकर बच्चों के दादा रामबचन यादव कमरे में पहुंचे। वो भी मौके का मंजर देख चीखने-चिल्लाने लगे।
दादा-दादी की आवाज सुनकर उसी कमरे में सो रही आराध्या की भी नींद खुल गई। वो भी भाइयों का शव देख रोने लगी। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का नजारा देख सहम उठे। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर ये सब हुआ कैसे है। बच्चों की मां नीतू कमरे में नहीं थी।
चेहरे पर कोई शिकन नहीं, बोली - हां मैंने मारा
घर में मौजूद लोग नीतू की तलाश करने लगे। इसी दौरान वो बाथरूम से बाहर निकली। उससे बच्चों की हत्या के बारे में पूछा गया तो उसने जो कहा वो सुनकर लोग कांप उठे। कहा कि बच्चों को मैंने ही मारा है। लड़की को भी मारना चाहती थी, लेकिन उसको छोड़ दी। ये बातें बोलते वक्त वो बिल्कुल सामान्य नजर आई। उसके चेहरे पर कोई शिकन या अपने किए का कोई पछतावा नहीं था।
पति-पत्नी में चल रहा था मनमुटाव
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नीतू यादव का अपने पति अजीत यादव के बीच काफी दिनों से मनमुटाव चल रहा है। आए दिन दोनों के बीच नोकझोंक भी होती रही है। नीतू तीन दिन पहले ही मायके से ससुराल आई थी। वहीं दूसरी ओर गांव सहित क्षेत्र में घटना को लेकर कई तरह की चर्चा है।