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Ghazipur News: प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों ने लगाया जाम

Thu, 12 Sep 2024 01:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2024 01:21 AM IST
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Mother and child died during delivery, family members blocked the road
औड़िहार। सैदपुर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मिर्जापुर पाही ग्राम के निकट यश हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गाजीपुर-वाराणसी मार्ग जाम कर दिया। उधर, अस्पताल संचालक, चिकित्सक और स्टॉफ फरार हैं। सीएमओ के निर्देश पर अस्पताल सील कर संचालक और सर्जन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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सैदपुर नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर 7 जवाहर नगर के निवासी अनीता साहनी (38) को परिजनों ने यश हास्पिटल मेन रोड़ कस्बा में बुधवार की भोर में करीब चार बजे भर्ती कराया। प्रसव के लिए चिकित्सक ने ऑपरेशन की बात कही। आरोप है कि 6.30 बजे ऑपरेशन के दौरान अधिक रक्तस्राव से गर्भवती की तबीयत खराब हो गई। हालत नाजुक देख चिकित्सक ने गर्भवती को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। लेकिन, रास्ते में ही जच्चा और बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद परिवार के लोग शव लेकर वापस अस्पताल पहुंचे और हंगामा करते हुए गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर शव को रखकर दोपहर 12.15 बजे से जाम कर दिया। जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी सैदपुर, क्षेत्राधिकारी और इलाकाई पुलिस ने काफी समझाने-बुझाने का प्रयास किया। कार्रवाई के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी 1.35 बजे माने। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सीएमओ डाॅ. देश दीपक पाल ने बताया कि अस्पताल संचालक और सर्जन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही अस्पताल को सील कर दिया गया है।
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चार दिनों में दो प्रसूताओं और एक नवजात हो चुकी मौत
गाजीपुर। जिले में झोलाछाप और अवैध अस्पतालों के चक्कर में चार दिनों में दो प्रसूताओं और एक नवजात की मौत हो गई। अगस्त माह से अब तक स्वास्थ्य विभाग ने 17 निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया। साथ चार पर कार्रवाई, तीन के खिलाफ एफआईआर और दो का लाइसेंस निरस्त करने का दावा किया है। जिले में 150 निजी अस्पताल विभाग में पंजीकृत हैं, जबकि हकीकत में अवैध अस्पतालों की भरमार है। ग्रामीण इलाकों में आए दिन प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं और नवजात की जान जा रही है। बीते सात सितंबर की रात दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के एक हेल्थकेयर सेंटर पर एक गर्भवती महिला का ऑपरेशन से कर प्रसव कराया गया था। आरोप है डाॅक्टर की लापरवाही से नवजात की मौत हो गई थी। काफी हंगामा के बाद सेंटर के सील करने कार्रवाई हुई थी। दस सितंबर को शादियाबाद तो 11 सितंबर को सैदपुर में झोलाछाप के चक्कर में फंसकर प्रसूता की जान चली गई। भदौरा बड़ी नहर स्थित एक निजी अस्पताल के डाॅक्टरों की लापरवाही से बीते 18 अगस्त को गर्भवती खुशबू सिंह की मौत हो गई थी। दिलदारनगर थाना क्षेत्र के बड़ी नहरकिनारे संचालित अस्पतालों में बीते जुलाई माह में दो प्रसूताओं की जान चली गई थी। सीएमओ डाॅ. देश दीपक पाल ने बताया कि ऐसे अस्पतालों को चिह्नित कर लगातार कार्रवाई करने के साथ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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