{"_id":"6016f20a8ebc3e333a554f51","slug":"more-than-a-dozen-tube-wells-bad-ghazipur-news-vns5721237163","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के एक दर्जन से अधिक नलकूप खराब, दुरुस्त करने का दावा हवा-हवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के एक दर्जन से अधिक नलकूप खराब, दुरुस्त करने का दावा हवा-हवाई
विज्ञापन
गाजीपुर। अन्नदाताओं को नि:शुल्क सिंचाई की सुविधा प्रदान करने वाले विभाग का दावा हवा-हवाई साबित होता दिख रहा है। वजह जिले के एक दर्जन से अधिक राजकीय नलकूप खराब पड़े हुए हैं। जबकि 44 हजार 780 हेक्टेयर खेती योग्य भूमि की सिंचाई के लिए किसान इस पर आश्रित हैं, लेकिन इन्हें निजी ट्यूवबेल का सहारा लेना पड़ रहा है। रेवतीपुर ब्लाक में नौ तो दुबिहा क्षेत्र में वर्तमान समय में चार राजकीय नलकूप खराब पड़े हैं। कमोवेश यही हाल अन्य विकासखंडों में स्थापित नलकूपों का भी है।
किसानों को सिंचाई की बेहतर व्यवस्था प्रदान करने का दावा करने वाला सिंचाई विभाग सिर्फ कागजी कोरम पूर्ति में ही जुटा हुआ है। किसानों को फसलों की सिंचाई लिए निजी ट्यूवबेल का सहारा लेने के साथ जेब ढीली करनी पड़ती है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले में 841 राजकीय नलकूप स्थापित हैं। विभाग के प्रथम खंड में 421 और द्वितीय खंड में 420 नलकूप हैं। सदर विकासखंड में 73 नलकूप हैं। वर्तमान समय में चार से पांच नलकूपों को छोड़कर सभी संचालित हैं। प्रत्येक ब्लाक में 20 से ज्यादा ही नलकूप हैं। जबकि ब्लाकवार ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित राजकीय नलकूपों की स्थिति देखी जाए तो विभाग का यह दावा पूरी तरह से हवा-हवाई साबित होता दिख रहा है।
0000
एक नलकूप से 40 हेक्टेयर की होती है सिंचाई
गाजीपुर। जिले के प्रत्येक ब्लाक में स्थापित एक राजकीय नलकूप से करीब 40 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। ऐसे में इन नलकूपों के खराब होने से किसानों को सिंचाई के लिए निजी ट्यूवबेल का सहारा लेना पड़ता। इससे अन्नदाताओं को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
0000
इनसेट
एक दर्जन से अधिक राजकीय नलकूप खराब
गाजीपुर। जिले के दो विकासखंडों में एक दर्जन से अधिक राजकीय नलकूप खराब पड़े हुए हैं। रेवतीपुर ब्लाक में करीब 60 राजकीय नलकूप स्थापित हैं। इसमें बेमुवा गांव स्थित 52 जेडजी, मधुचक 46 जेडजी, कटरिया 3 जेडजी, युवराजपुर 109 जेडजी, युवराजपुर 25 जेडजी, पटकौलिया 6 जेडजी, हसनपुर 23 जेडजी, नौली 13 जेडजी, रेवतीपुर 65 जेडजी राजकीय नलकूप का बोरिंग ध्वस्त हो चुका है। इसी तरह बाराचवर ब्लाक के गोविंदपुर में नलकूप संख्या 328 कई महीनों से बंद पड़ा हुआ है। वहीं शेरमठ में पूर्वांचल एक्सप्रेस में पड़ने से नलकूप संख्या 168 समाप्त हो गया है। जबकि गोपालपुर में 64 नंबर का नलकूप फेल हो चुका है। पातेपुर में नलकूप संख्या 62 का मोटर खराब होने से बंद पड़ा हुआ है।
0000
किसानों को सिंचाई के लिए राजकीय नलकूपों से नि:शुल्क पानी उपलब्ध कराया जाता है। जिले में 841 राजकीय नलकूप स्थापित हैं। खराब पड़े नलकूपों को दुरुस्त करने का कार्य शुरु हो चुका है। जल्द ही दुरुस्त कर सिंचाई व्यवस्था की जाएगी- उदयबीर सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
विज्ञापन
किसानों को सिंचाई की बेहतर व्यवस्था प्रदान करने का दावा करने वाला सिंचाई विभाग सिर्फ कागजी कोरम पूर्ति में ही जुटा हुआ है। किसानों को फसलों की सिंचाई लिए निजी ट्यूवबेल का सहारा लेने के साथ जेब ढीली करनी पड़ती है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले में 841 राजकीय नलकूप स्थापित हैं। विभाग के प्रथम खंड में 421 और द्वितीय खंड में 420 नलकूप हैं। सदर विकासखंड में 73 नलकूप हैं। वर्तमान समय में चार से पांच नलकूपों को छोड़कर सभी संचालित हैं। प्रत्येक ब्लाक में 20 से ज्यादा ही नलकूप हैं। जबकि ब्लाकवार ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित राजकीय नलकूपों की स्थिति देखी जाए तो विभाग का यह दावा पूरी तरह से हवा-हवाई साबित होता दिख रहा है।
विज्ञापन
0000
एक नलकूप से 40 हेक्टेयर की होती है सिंचाई
गाजीपुर। जिले के प्रत्येक ब्लाक में स्थापित एक राजकीय नलकूप से करीब 40 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। ऐसे में इन नलकूपों के खराब होने से किसानों को सिंचाई के लिए निजी ट्यूवबेल का सहारा लेना पड़ता। इससे अन्नदाताओं को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
0000
इनसेट
एक दर्जन से अधिक राजकीय नलकूप खराब
गाजीपुर। जिले के दो विकासखंडों में एक दर्जन से अधिक राजकीय नलकूप खराब पड़े हुए हैं। रेवतीपुर ब्लाक में करीब 60 राजकीय नलकूप स्थापित हैं। इसमें बेमुवा गांव स्थित 52 जेडजी, मधुचक 46 जेडजी, कटरिया 3 जेडजी, युवराजपुर 109 जेडजी, युवराजपुर 25 जेडजी, पटकौलिया 6 जेडजी, हसनपुर 23 जेडजी, नौली 13 जेडजी, रेवतीपुर 65 जेडजी राजकीय नलकूप का बोरिंग ध्वस्त हो चुका है। इसी तरह बाराचवर ब्लाक के गोविंदपुर में नलकूप संख्या 328 कई महीनों से बंद पड़ा हुआ है। वहीं शेरमठ में पूर्वांचल एक्सप्रेस में पड़ने से नलकूप संख्या 168 समाप्त हो गया है। जबकि गोपालपुर में 64 नंबर का नलकूप फेल हो चुका है। पातेपुर में नलकूप संख्या 62 का मोटर खराब होने से बंद पड़ा हुआ है।
0000
किसानों को सिंचाई के लिए राजकीय नलकूपों से नि:शुल्क पानी उपलब्ध कराया जाता है। जिले में 841 राजकीय नलकूप स्थापित हैं। खराब पड़े नलकूपों को दुरुस्त करने का कार्य शुरु हो चुका है। जल्द ही दुरुस्त कर सिंचाई व्यवस्था की जाएगी- उदयबीर सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग