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Ghazipur News: गर्मी से जल्द सड़ने लगे आम, कारोबारी नुकसान से चिंतित
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खानपुर बाजार में ठेले पर बिकता आम। संवाद
खानपुर। भीषण गर्मी और बढ़ी हुई उमस का असर अब फलों के कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। बाजारों में आम की भरपूर आवक होने के बावजूद फल विक्रेताओं को नुकसान हो रहा है, क्योंकि पके हुए आम पहले चार से पांच दिन तक चलते थे।
अब एक-दो दिन में ही खराब होने लगे हैं। इससे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है और बिक्री प्रभावित हो रही है। जिससे रोजाना आर्थिक नुकसान हो रहा है।
फल विक्रेता प्रदीप ने बताया कि प्रतिदिन कई पेटी आम की बिक्री होती है, लेकिन अत्यधिक तापमान के कारण कुछ मात्रा में फल खराब हो जाते हैं, इससे सीधे मुनाफे पर असर पड़ रहा है। वहीं दुकानदार असलम खान ने कहा कि इस समय सबसे बड़ी चुनौती आम को सुरक्षित रखना है। अगर समय पर बिक्री नहीं हो पाती तो नुकसान तय है।
फल कारोबारियों का कहना है कि मौसम का यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है। ऐसे में उचित भंडारण और समय पर बिक्री ही नुकसान से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।
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जिला उद्यान अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि आम एक क्लाइमेक्टेरिक फल है, जो पकने के बाद तेजी से एथिलीन गैस छोड़ता है।
अधिक तापमान और उमस में यह प्रक्रिया तेज हो जाती है, जिससे फल जल्दी नरम होकर खराब होने लगते हैं। उन्होंने दुकानदारों को पके और कच्चे आम अलग-अलग रखने तथा ठंडी और हवादार जगह पर भंडारण करने की सलाह दी है।
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अब एक-दो दिन में ही खराब होने लगे हैं। इससे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है और बिक्री प्रभावित हो रही है। जिससे रोजाना आर्थिक नुकसान हो रहा है।
फल विक्रेता प्रदीप ने बताया कि प्रतिदिन कई पेटी आम की बिक्री होती है, लेकिन अत्यधिक तापमान के कारण कुछ मात्रा में फल खराब हो जाते हैं, इससे सीधे मुनाफे पर असर पड़ रहा है। वहीं दुकानदार असलम खान ने कहा कि इस समय सबसे बड़ी चुनौती आम को सुरक्षित रखना है। अगर समय पर बिक्री नहीं हो पाती तो नुकसान तय है।
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फल कारोबारियों का कहना है कि मौसम का यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है। ऐसे में उचित भंडारण और समय पर बिक्री ही नुकसान से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।
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जिला उद्यान अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि आम एक क्लाइमेक्टेरिक फल है, जो पकने के बाद तेजी से एथिलीन गैस छोड़ता है।
अधिक तापमान और उमस में यह प्रक्रिया तेज हो जाती है, जिससे फल जल्दी नरम होकर खराब होने लगते हैं। उन्होंने दुकानदारों को पके और कच्चे आम अलग-अलग रखने तथा ठंडी और हवादार जगह पर भंडारण करने की सलाह दी है।