गाजीपुर: गैंगस्टर के मामले में माफिया मुख्तार अंसारी का बयान दर्ज, बहस 11 अक्तूबर को
गाजीपुर जिले की एमपी-एमएलए कोर्ट में शनिवार को मुख्तार अंसारी के गैंगस्टर मामले में आरोपी माफिया मुख्तार अंसारी का बयान दर्ज हुआ। बहस के लिए 11 अक्तूबर की तिथि नियत की गई है।
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अपर सत्र न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट अरविंद कुमार मिश्र की अदालत में शनिवार को मुख्तार अंसारी के गैंगस्टर मामले में आरोपी माफिया मुख्तार अंसारी का बयान दर्ज हुआ। बहस के लिए 11 अक्तूबर की तिथि नियत की गई है। इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्तार अंसारी बांदा जेल से पेश हुआ था।
वर्ष 2009 में गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के सबुआ निवासी कपिलदेव सिंह की हत्या और मुहम्मदाबाद के अमीर हसन की हत्या के प्रयास के मामले को आधार बनाकर मुख्तार अंसारी के विरुद्ध गैंगस्टर के तहत करंडा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुख्तार के अधिवक्ता लियाकत अली ने बहस पूरी कर ली।
सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसले के लिए 22 अगस्त की तिथि तय कर दी थी, लेकिन सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया कि कुछ साक्षी सबूत उन्हें पेश करना है। इसके लिए उन्हें अवसर दिया जाए और इस आधार पर उनके प्रार्थना- पत्र को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने भी मौका दिया। तब से इस मामले की सुनवाई चल रही है।
राम सिंह मौर्या की हत्या और गैंगेस्टर एक्ट मामले में मुख्तार अंसारी की पेशी
विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए दिनेश कुमार चौरसिया (मऊ) की अदालत में शनिवार को बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई। रामसिंह मौर्या और सिपाही सतीश की हत्या और गैंगेस्टर एक्ट मामले में सुनवाई हुई। हत्या के मामले में वादी मुकदमा अशोक सिंह की अर्जी पर उच्च न्यायालय ने कार्यवाही पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने दोनों मामलों में सुनवाई के लिए 4 नवंबर की तिथि नियत की। इसमें एक मामला दक्षिणटोला थाना क्षेत्र का और दूसरा मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है।
पहला मामला थाना दक्षिणटोला क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा अशोक कुमार सिंह की तहरीर पर पांच नामजद और कुछ अज्ञात हत्यारोपिय़ो के विरुद्ध दक्षिण टोला थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें मुख्तार अंसारी सहित पांच लोगों को नामजद किया गया था। आरोप है कि 19 मार्च 2010 को अजय प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना सिंह की हत्या के मामले के गवाह राम सिंह मौर्य और उनकी सुरक्षा में लगा सिपाही सतीश की तत्कालीन एआरटीओ कार्यालय के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में दोनों पक्षों की गवाही पूर्ण हो चुकी है। पत्रावली में बहस होना है लेकिन मुख्तार अंसारी की ओर से प्रार्थना पत्र देकर आरक्षी राजेंद्र यादव, संतोष सिंह व राजेंद्र प्रसाद को सफाई साक्ष्य के लिए तलब किए जाने की मांग की गई हैं।
मामले में वादी मुकदमा की अर्जी पर उच्च न्यायालय ने कार्यवाही पर रोक लगा दिया है। जिस पर विशेष न्यायाधीश ने सुनवाई के लिए 4 नवंबर की तिथि नियत की। दूसरा मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। विधायक निधि के मामले मे दर्ज एफआईआर को आधार बनाकर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुख्तार अंसारी व अन्य के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुआ था। मामला एमपी/एमएलए कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है। विशेष न्यायाधीश में मामले में सुनवाई के लिए चार नवंबर की तिथि नियत की।