{"_id":"6acfd2f5d9934707de0b7608","slug":"maa-kushmanda-was-worshipped-ghazipur-news-c-313-1-svns1019-162168-2026-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: मां कूष्मांडा की हुई आराधना, घंट-शंख की ध्वनि और जयकारों से गूंजे मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: मां कूष्मांडा की हुई आराधना, घंट-शंख की ध्वनि और जयकारों से गूंजे मंदिर
विज्ञापन
मां कामाख्या देवी मंदिर पर दर्शन-पूजन के लिए जुटे श्रद्धालु। संवाद
गाजीपुर। शारदीय नवरात्र के चौथे दिन बुधवार को मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की आराधना के लिए देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। प्रसिद्ध कामाख्या धाम में करीब पांच हजार भक्तों ने मां के दरबार में शीश नवाया। सुबह मंगला आरती से पहले ही मंदिरों के बाहर कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं ने नारियल, चुनरी, फूल और प्रसाद अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। दिनभर देवी मंदिरों में जयकारे गूंजते रहे।
कामाख्या धाम में भक्तों ने कतारबद्ध होकर मां का दर्शन-पूजन किया। इसके बाद परिसर में स्थित बाबा भैरवनाथ के दर्शन किए। महंत आकाश राज तिवारी ने बताया कि करीब पांच हजार श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में माथा टेका। फूलों से सजे मां के दिव्य स्वरूप का दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे।
शहर के मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर, सकलेनाबाद के दुर्गा मंदिर, आमघाट स्थित शीतला माता मंदिर, पीरनगर के काली मंदिर, गोराबाजार के दुर्गा मंदिर, मालगोदाम रोड और नवाबगंज स्थित शीतला मंदिर, कोट किला कोहना और तुलसी का पुल स्थित दुर्गा मंदिर तथा हमीद सेतु स्थित मां काली धाम में भी सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। भक्तों ने कपूर, धूप और अगरबत्ती जलाकर पूजा-अर्चना की तथा नारियल चढ़ाकर मन्नतें मांगी।
विज्ञापन
कई मंदिरों में भजन-कीर्तन, अखंड दीप जला मांगी मन्नत
मुहम्मदाबाद नगर के यूसुफपुर स्थित महाकाली मंदिर और तहसील परिसर के माता मनोकामना देवी मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह की मंगला आरती और शाम की आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कई महिलाओं ने मन्नत पूरी होने की कामना से अखंड दीप जलाए। दोनों मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया। नवापुरा मोड़, सलेमपुर मोड़, तिवारीपुर मोड़ और कुंडेसर के दुर्गा मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। करीमुद्दीनपुर स्थित कष्टहरणी भवानी मंदिर में भी भक्तों की भीड़ रही।
इसके अलावा रेवतीपुर स्थित मां भगवती, दिलदारनगर की सायर माता और बहादुरगंज, सैदपुर, सादात, बहरियाबाद, कासिमाबाद, जमानिया तथा देवकली सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों के देवी मंदिरों में देर शाम तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालुओं ने घरों में भी मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की और दुर्गा चालीसा तथा दुर्गा सप्तशती का पाठ किया।
विज्ञापन
कामाख्या धाम में भक्तों ने कतारबद्ध होकर मां का दर्शन-पूजन किया। इसके बाद परिसर में स्थित बाबा भैरवनाथ के दर्शन किए। महंत आकाश राज तिवारी ने बताया कि करीब पांच हजार श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में माथा टेका। फूलों से सजे मां के दिव्य स्वरूप का दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे।
विज्ञापन
शहर के मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर, सकलेनाबाद के दुर्गा मंदिर, आमघाट स्थित शीतला माता मंदिर, पीरनगर के काली मंदिर, गोराबाजार के दुर्गा मंदिर, मालगोदाम रोड और नवाबगंज स्थित शीतला मंदिर, कोट किला कोहना और तुलसी का पुल स्थित दुर्गा मंदिर तथा हमीद सेतु स्थित मां काली धाम में भी सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। भक्तों ने कपूर, धूप और अगरबत्ती जलाकर पूजा-अर्चना की तथा नारियल चढ़ाकर मन्नतें मांगी।
विज्ञापन
कई मंदिरों में भजन-कीर्तन, अखंड दीप जला मांगी मन्नत
मुहम्मदाबाद नगर के यूसुफपुर स्थित महाकाली मंदिर और तहसील परिसर के माता मनोकामना देवी मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह की मंगला आरती और शाम की आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कई महिलाओं ने मन्नत पूरी होने की कामना से अखंड दीप जलाए। दोनों मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया। नवापुरा मोड़, सलेमपुर मोड़, तिवारीपुर मोड़ और कुंडेसर के दुर्गा मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। करीमुद्दीनपुर स्थित कष्टहरणी भवानी मंदिर में भी भक्तों की भीड़ रही।
इसके अलावा रेवतीपुर स्थित मां भगवती, दिलदारनगर की सायर माता और बहादुरगंज, सैदपुर, सादात, बहरियाबाद, कासिमाबाद, जमानिया तथा देवकली सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों के देवी मंदिरों में देर शाम तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालुओं ने घरों में भी मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की और दुर्गा चालीसा तथा दुर्गा सप्तशती का पाठ किया।