{"_id":"a56c7ddd555d6fd479bbb1b888f5b201","slug":"lok-adalat-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोक अदालत कम करेगी परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोक अदालत कम करेगी परेशानी
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Sat, 06 Dec 2014 11:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। लोक अदालत का उद्घाटन शनिवार को प्रशासनिक
विज्ञापन
न्यायमूर्ति इलाहाबाद उच्च न्यायालय मुहम्मद ताहिर ने किया। इस दौरान
न्यायमूर्ति ने लोक अदालत की उपयोगिता के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि लोक अदालतों के आयोजन से वादों का भार कम होगा। इससे आम जनता की परेशानी दूर करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने अर्बन बैंक के पास स्थित एक आरक्षिरत भूखंड पर न्यायिक अधिकारियों के लिए 10 आवासीय भवनों का भूमि पूजन के बाद लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर प्रशासनिक न्यायमूर्ति के साथ जनपद न्यायाधीश मुहम्मद शमशाद अहमद सहित सभी न्यायिक अधिकारीगण मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत के जरिए सभी न्यायालयों में विचाराधीन छोटे-छोटे आपराधिक मामले एवं सुलह-समझौते से दिवानी मामलों का निपटारा आसानी के साथ किया जा सकेगा।
इसमें विभिन्न बैंकों ने भी चढ़-बढ़कर हिस्सा लेते हुए ग्राहकों को बकाया ऋ ण में छूट देते हुए ऋ ण की राशि जमा करायी। इसके बाद न्यायिक अधिकारियों के आवासीय भवन निर्माण हेतु भूमि पूजन कर शिलान्यास रखा गया।
उन्होंने कहा कि लोक अदालतों के आयोजन से वादों का भार कम होगा। इससे आम जनता की परेशानी दूर करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने अर्बन बैंक के पास स्थित एक आरक्षिरत भूखंड पर न्यायिक अधिकारियों के लिए 10 आवासीय भवनों का भूमि पूजन के बाद लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर प्रशासनिक न्यायमूर्ति के साथ जनपद न्यायाधीश मुहम्मद शमशाद अहमद सहित सभी न्यायिक अधिकारीगण मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत के जरिए सभी न्यायालयों में विचाराधीन छोटे-छोटे आपराधिक मामले एवं सुलह-समझौते से दिवानी मामलों का निपटारा आसानी के साथ किया जा सकेगा।
इसमें विभिन्न बैंकों ने भी चढ़-बढ़कर हिस्सा लेते हुए ग्राहकों को बकाया ऋ ण में छूट देते हुए ऋ ण की राशि जमा करायी। इसके बाद न्यायिक अधिकारियों के आवासीय भवन निर्माण हेतु भूमि पूजन कर शिलान्यास रखा गया।