{"_id":"5728ebc44f1c1b974a5cd517","slug":"jnu-in-gazipur-fire-blew-mannequin","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेएनयू की आंच गाजीपुर में, फूंका पुतला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेएनयू की आंच गाजीपुर में, फूंका पुतला
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Tue, 03 May 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
आग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और देश विरोधी नारेबाजी के आरोपी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की आंच गाजीपुर पहुंच गई है। इंकलाबी नौजवान ने मंगलवार को नगर में जुलूस निकाला। सिंचाई विभाग चौराहे के पास प्रधानमंत्री का पुतला फूंककर छात्र नेताओं की सजा समाप्त करने की मांग की गई।
देश व्यापी विरोध दिवस के तहत कार्यकर्ताओं ने संगठन कार्यालय से मंगलवार को जुलूस निकाला। जुलूस नगर भ्रमण करते हुए सिंचाई विभाग चौराहे पर पहुंचा। वहां कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। इसके बाद हुई सभा में प्रांतीय सहसचिव मनोज कुशवाहा ने कहा कि जेएनयू के छात्रों के पर अर्थदंड लगाना और उन्हें सजा देना बेबुनियाद है। उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है।
केंद्र सरकार के दबाव में विश्वविद्यालय प्रशासन सजा सुनाई है जबकि आरोपी छात्रों का पक्ष तक नहीं सुना गया। केंद्र सरकार की नीतियों और फेलोशिप समाप्त करने का विरोध कर रहे छात्रों से बदला लेने का काम किया जा रहा है। वसंत यादव, अमर नाथ पासवान, अरविंद कुशवाहा, योगेंद्र प्रताप भारती, आलोक कुमार यादव, वीरेंद्र वनवासी, मिलन कुमार राव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
देश व्यापी विरोध दिवस के तहत कार्यकर्ताओं ने संगठन कार्यालय से मंगलवार को जुलूस निकाला। जुलूस नगर भ्रमण करते हुए सिंचाई विभाग चौराहे पर पहुंचा। वहां कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। इसके बाद हुई सभा में प्रांतीय सहसचिव मनोज कुशवाहा ने कहा कि जेएनयू के छात्रों के पर अर्थदंड लगाना और उन्हें सजा देना बेबुनियाद है। उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है।
विज्ञापन
केंद्र सरकार के दबाव में विश्वविद्यालय प्रशासन सजा सुनाई है जबकि आरोपी छात्रों का पक्ष तक नहीं सुना गया। केंद्र सरकार की नीतियों और फेलोशिप समाप्त करने का विरोध कर रहे छात्रों से बदला लेने का काम किया जा रहा है। वसंत यादव, अमर नाथ पासवान, अरविंद कुशवाहा, योगेंद्र प्रताप भारती, आलोक कुमार यादव, वीरेंद्र वनवासी, मिलन कुमार राव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन