सादात। जिले में 1980 में विधानसभा का मध्यावधि चुनाव संपन्न हुआ था। इस आठवें चुनाव में कांग्रेस ने पांच सीटें जीत कर अपना वर्चस्व कायम किया था। पिछले चुनाव में सात सीट जीतने वाली जनता पार्टी का सफाया हो गया था। जनता पार्टी से टूटकर बनी जनता (चरण) पार्टी को तीन सीट जीतने में कामयाबी मिली थी। इस तरह जिले की कुल आठ सीटों में से कांग्रेस को पांच और जनता (चरण) को तीन सीट मिली थी। इस चुनाव में जीत के साथ ही विजयशंकर सिंह को पांचवीं, झिलमिट राम को तीसरी बार और रामकरन सिंह यादव को दूसरी बार विधायक बनने का गौरव हासिल हुआ था। पिछले चुनाव में जीत हासिल कर जनता पार्टी सरकार में शिक्षामंत्री बने कालीचरण यादव इस चुनाव में निर्दल प्रत्याशी के रूप में सदर विधानसभा से चुनाव लड़े और हार गए थे। इस चुनाव के पांच वर्ष के कार्यकाल में चौथे वर्ष 1984 में जखनिया (अनुसूचित) सीट से विजयी झिलमिट राम का निर्वाचन कोर्ट द्वारा अवैध घोषित कर दिया गया था। यहां हुए उप चुनाव में झिलमिट राम हार गए और लोकदल प्रत्याशी छेदी राम को जीत हासिल हुई थी। इस चुनाव में जनता पार्टी का पूरी तरह से सफाया हो गया था। जबकि कांग्रेस (आई) के जहूराबाद से सुरेंद्र सिंह, मुहम्मदाबाद से विजयशंकर सिंह, दिलदारनगर से रामहर्ष राय, जमानिया से साहब सिंह, जखनिया (अनुसूचित) से झिलमिट राम और जनता (चरण) के गाजीपुर से रामनारायण सिंह कुशवाहा, सादात से रामधनी और सैदपुर से रामकरन सिंह यादव को विजय मिली थी। इस चुनाव में सादात की सीट को सामान्य से अनुसूचित कर दिया गया था।
जनता चरण)।