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Ghazipur News: सात मंजिला अस्पताल में बनेगी आईपीएचएल लैब
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गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल काॅलेज के नवनिर्मित 300 बेड के सात मंजिला अस्पताल के एक ही छत के नीचे अब सभी चिकित्सकीय सुविधाएं मिलेंगी। यहां पर्ची काउंटर, ओपीडी, वार्ड, जांच की सुविधा तो थी ही, अब आईपीएचएल लैब (इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री) स्थापित कराने को लेकर कवायद तेज कर दी गई है। दूसरे तल के 15 कक्षों में बनने वाली लैब अत्याधुनिक जांच मशीनों से लैस होगी।
गोराबाजार स्थित पुरुष अस्पताल के दूसरे तल पर पैथोलॉजी होने से नवनिर्मित 300 बेड अस्पताल के ओपीडी में डॉक्टरों से परामर्श लेने के बाद मरीजों को पुरुष अस्पताल में जाना पड़ता है। रोज करीब 1000 की भीड़ हो जाती है। इससे मरीजों को एक घंटे तक कतार में खड़ा रहना पड़ता है।
यहीं नहीं ब्लड सैंपल देने में भी अधिक समय लग जाता है। अब 300 बेड अस्पताल के दूसरे तल पर आईपीएचएल लैब के स्थापित होने से भीड़ की समस्या से मरीजों एवं तीमारदारों को राहत मिल जाएगी। वहीं, हेमेटोलॉजी, बाॅयोकेमिस्ट्री, माइक्रोबाॅयोलॉजी, वाॅयरोलॉजी और पैथोलॉजी सहित कई तरह की जांच का लाभ मिल सकेगा। साथ ही मरीज डॉक्टरों से परामर्श और जांच के बाद दवा लेकर ही निकलेंगे। यहीं नहीं वार्ड में भर्ती मरीजों को भी बार- बार दौड़कर पुरुष अस्पताल तक नहीं जाना पड़ेगा।
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गोराबाजार स्थित पुरुष अस्पताल के दूसरे तल पर पैथोलॉजी होने से नवनिर्मित 300 बेड अस्पताल के ओपीडी में डॉक्टरों से परामर्श लेने के बाद मरीजों को पुरुष अस्पताल में जाना पड़ता है। रोज करीब 1000 की भीड़ हो जाती है। इससे मरीजों को एक घंटे तक कतार में खड़ा रहना पड़ता है।
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यहीं नहीं ब्लड सैंपल देने में भी अधिक समय लग जाता है। अब 300 बेड अस्पताल के दूसरे तल पर आईपीएचएल लैब के स्थापित होने से भीड़ की समस्या से मरीजों एवं तीमारदारों को राहत मिल जाएगी। वहीं, हेमेटोलॉजी, बाॅयोकेमिस्ट्री, माइक्रोबाॅयोलॉजी, वाॅयरोलॉजी और पैथोलॉजी सहित कई तरह की जांच का लाभ मिल सकेगा। साथ ही मरीज डॉक्टरों से परामर्श और जांच के बाद दवा लेकर ही निकलेंगे। यहीं नहीं वार्ड में भर्ती मरीजों को भी बार- बार दौड़कर पुरुष अस्पताल तक नहीं जाना पड़ेगा।
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