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Ghazipur News: जांच में खुलासा, ऑडिटोरियम का पिलर तिरछा और भवन में सीलन
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गाजीपुर। जनपद में कहीं जिम्मेदारों की मनमानी तो कहीं उदासीनता से कई परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसी क्रम में ऑडिटोरियम निर्माण की जांच में कई कमियां सामने आईं हैं। ऑडिटोरियम का पिलर तिरछा और भवन में सीलन है। आरोप है कार्यदायी संस्था ने मानक का ख्याल नहीं रखा। वहीं नवीन स्टेडियम में अब तक बिजली का काम शुरू नहीं हो सका। डीएम ने गड़बड़ियों को ठीक कराए जाने के बाद ही हैंडओवर लेने की बात कही है। साथ ही इससे शासन को भी अवगत करा दिया है। जनपद में इस समय 206 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसमें 82 पूरी हो चुकी हैं, बाकी निर्माणाधीन हैं। लेकिन, इनमें कुछ ऐसी भी परियोजनाएं हैं, जो प्रशासन के लिए चुनौती बन गई हैं। इनमें एक 10 लाख रुपये से निर्माणाधीन ऑडिटोरियम भी है। जिला मुख्यालय पर सांस्कृतिक गतिविधियों के बढ़ावा देने के लिए शासन ने अगस्त 2016 को प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) का निर्माण करने की स्वीकृति दी। 700 लोगों के बैठने की क्षमता वाले इस ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य के लिए 8 करोड़ 41 लाख की लागत निर्धारित की गई। बाद में दो करोड़ की धनराशि भी बढ़ाई। प्रेक्षागृह का निर्माण कार्य जुलाई 2021 में पूरा होना था, जो अब किसी तरह तैयार हुआ। लेकिन हैंडओवर लेने के पहले डीएम आर्यका अखौरी ने इसकी जांच कराई तो इसमें कई गड़बड़ियां सामने आईं।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सीडीओ संतोष कुमार वैश्य के नेतृत्व में कराई गई जांच में मिला कि ऑडिटोरियम के कुछ पिलर तिरछे बन गए हैं, कई स्थानों पर सीलन की शिकायत है। इसी तरह पुलिस लाइन के पास 6.310 हेक्टेयर में बन रहे नवीन स्टेडियम की हालत है। 2018 में इसका उद्घाटन हुआ। 6.29 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम 30 नवंबर 2023 तक बनाकर हैंडओवर करना था। कार्यदायी संस्था ने कागज पर सभी काम पूरा दिखाते हुए इसी वर्ष अगस्त में हैंडओवर करने के लिए खेल कार्यालय को पत्र लिख दिया। लेकिन, हैंडओवर के पहले जांच में कार्य अधूरे मिले। जिला क्रीड़ा अधिकारी अरविंद यादव ने बताया कि स्टेडियम हैंडओवर होने तक कार्यदायी संस्था पर एक दिसंबर से रोजाना एक हजार रुपये जुर्माना लगाया जा रहा है। मौजूदा समय में बिजली से संबंधित कार्य होने बाकी हैं।
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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सीडीओ संतोष कुमार वैश्य के नेतृत्व में कराई गई जांच में मिला कि ऑडिटोरियम के कुछ पिलर तिरछे बन गए हैं, कई स्थानों पर सीलन की शिकायत है। इसी तरह पुलिस लाइन के पास 6.310 हेक्टेयर में बन रहे नवीन स्टेडियम की हालत है। 2018 में इसका उद्घाटन हुआ। 6.29 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम 30 नवंबर 2023 तक बनाकर हैंडओवर करना था। कार्यदायी संस्था ने कागज पर सभी काम पूरा दिखाते हुए इसी वर्ष अगस्त में हैंडओवर करने के लिए खेल कार्यालय को पत्र लिख दिया। लेकिन, हैंडओवर के पहले जांच में कार्य अधूरे मिले। जिला क्रीड़ा अधिकारी अरविंद यादव ने बताया कि स्टेडियम हैंडओवर होने तक कार्यदायी संस्था पर एक दिसंबर से रोजाना एक हजार रुपये जुर्माना लगाया जा रहा है। मौजूदा समय में बिजली से संबंधित कार्य होने बाकी हैं।
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