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Ghazipur News: बिहार सीमा पर बनेंगे अंतरराज्यीय सीमा द्वार
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बिहार से सटी जिले की सीमा पर दो अंतरराज्यीय सीमा द्वार बनाए जाएंगे। इसके लिए शासन ने 3.44 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। दिलदारनगर- देवल और दिलदारनगर-करमहरी मार्ग जहां समाप्त हो रहा है, वहीं गेट का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए भूमि अधिग्रहीत करने की कवायद तेज हो गई है। निर्माण कार्य एक वर्ष में पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई है।
गाजीपुर जिले की सीमा वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, आजमगढ़ और मऊ से लगती है। जबकि देश के एकमात्र प्रांत बिहार से जनपद की सीमा सटी है। बिहार से जिले में प्रवेश करते समय यात्रियों की पहचान न होने की स्थिति में उन्हें पता नहीं चल पाता था कि वे गाजीपुर जिले में प्रवेश कर गए हैं। ऐसे में शासन के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी ने दो इलाकों दिलदारनगर-देवल और दिलदारनगर-करमहरी मार्ग का अंतरराज्यीय सीमा द्वार निर्माण के लिए चयन किया है, जो कर्मनाशा नदी के पास पहुंचकर समाप्त हो जाता है। जहां मार्ग समाप्त हो रहा है, वहां सड़क के दोनों तरफ अंतरराज्यीय द्वार के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। शासन की स्वीकृति मिलने के साथ धन भी जारी कर दिया गया है। इसके बनने से अब यात्रियों को बिहार में प्रवेश करने और जनपद में प्रवेश करने की जानकारी आसानी से हो सकेगी।
बिहार और गाजीपुर की सीमाओं पर गेट का निर्माण होगा। रात के समय इस गेट को रंग-बिरंगी लाइटों से रोशन किया जाएगा। इसके लिए 30 लाख रुपये खर्च आएगा, जिससे रात के समय गेट जगमग होगा। इसके लिए भी संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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गाजीपुर जिले की सीमा वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, आजमगढ़ और मऊ से लगती है। जबकि देश के एकमात्र प्रांत बिहार से जनपद की सीमा सटी है। बिहार से जिले में प्रवेश करते समय यात्रियों की पहचान न होने की स्थिति में उन्हें पता नहीं चल पाता था कि वे गाजीपुर जिले में प्रवेश कर गए हैं। ऐसे में शासन के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी ने दो इलाकों दिलदारनगर-देवल और दिलदारनगर-करमहरी मार्ग का अंतरराज्यीय सीमा द्वार निर्माण के लिए चयन किया है, जो कर्मनाशा नदी के पास पहुंचकर समाप्त हो जाता है। जहां मार्ग समाप्त हो रहा है, वहां सड़क के दोनों तरफ अंतरराज्यीय द्वार के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। शासन की स्वीकृति मिलने के साथ धन भी जारी कर दिया गया है। इसके बनने से अब यात्रियों को बिहार में प्रवेश करने और जनपद में प्रवेश करने की जानकारी आसानी से हो सकेगी।
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बिहार और गाजीपुर की सीमाओं पर गेट का निर्माण होगा। रात के समय इस गेट को रंग-बिरंगी लाइटों से रोशन किया जाएगा। इसके लिए 30 लाख रुपये खर्च आएगा, जिससे रात के समय गेट जगमग होगा। इसके लिए भी संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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