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Ghazipur News: 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं है नाम तो देना पड़ेगा साक्ष्य
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गाजीपुर। यदि आपका नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, लेकिन वर्तमान सूची में शामिल है, तो अब आपको साक्ष्य देना होगा। दरअसल, जिले में विधानसभा वार मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर)यानी गहन पुनरीक्षण कार्य 22 साल बाद शुरू हुआ है। यह अभियान 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेगा। जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में कुल 2959 बूथ लेवल अधिकारी को प्रशिक्षण देकर घर-घर भेजा गया है। वे प्रत्येक मतदाता का भौतिक सत्यापन करेंगे। यदि पहली बार में मतदाता नहीं मिलते हैं, तो बीएलओ को तीन बार घर जाने की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रत्येक मतदाता को दो प्रतियों में गणना प्रपत्र (कैलकुलेशन फॉर्म) भरना होगा,एक प्रति मतदाता को दी जाएगी और दूसरी बीएलओ के पास हस्ताक्षर सहित जमा होगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए 304 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। जिले में वर्तमान मतदाता सूची में 29,54,478 मतदाता दर्ज हैं। 2003 के बाद यह पहला अवसर है जब सूची का घर-घर सत्यापन हो रहा है। जिनका नाम 2003 की सूची में नहीं था, उन्हें यह बताना होगा कि परिवार के किस सदस्य का नाम तब शामिल था। बीएलओ दी गई जानकारी के आधार पर इसका सत्यापन करेंगे। सत्यापन के दौरान मृतकों के नाम हटाए जाएंगे। 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को जन्म तिथि व जन्म स्थान का प्रमाण देना होगा। यदि स्वयं के अभिलेख नहीं हैं, तो माता-पिता के दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
भारतीय नहीं हैं तो देना होगा नागरिकता प्रमाणपत्र-यदि अभिभावक भारतीय नागरिक नहीं हैं, तो उन्हें वैध पासपोर्ट व वीजा की प्रति या भारत के बाहर जन्म होने पर संबंधित भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र देना होगा। भारतीय नागरिकता प्राप्त होने की स्थिति में नागरिक पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
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वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने पर बताना होगा कारण-बीएलओ सत्यापन के दौरान कोई दस्तावेज नहीं लेंगे। वे केवल गणना प्रपत्र देंगे, जिसमें मतदाता की जानकारी पहले से प्रिंट होगी। मतदाता को उसे भरकर बीएलओ को लौटाना होगा। यदि 2003 की सूची में नाम नहीं है, तो उसका कारण बताना होगा, जैसे परिवार में मृत्यु, दूसरे राज्य में नाम दर्ज होना, या स्थानांतरण। ऐसे मामलों में नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज मांगे जाएंगे।
खून के रिश्ते के आधार पर जोड़ा जाएगा नाम-यदि मतदाता का नाम 2025 की सूची में है, लेकिन 2003 की सूची में नहीं, तो परिवार के सदस्यों के नाम मिलान किए जाएंगे। नाम मिलने पर ही खून के रिश्ते के आधार पर नाम जोड़ा जाएगा।
ऑनलाइन देखें 2003 की वोटर लिस्ट-मतदाता 2003 की सूची में अपना नाम देखने के लिए https://voter.eci.gov.in/ वेबसाइट पर जा सकते हैं। वहां एसआईआर विकल्प चुनकर राज्य और विधानसभा क्षेत्र का चयन करें। पोलिंग बूथ या मोहल्ले के आधार पर नाम खोज सकते हैं। दोनों सूचियों 2003 और 2025 में नाम न होने की स्थिति में फॉर्म 6 भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ नया नाम जोड़ा जा सकता है।
एसआईआर के लिए जिले में 2959 बीएलओ और 304 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। प्रक्रिया के तहत पहले सभी मतदाता गणना प्रपत्र भरकर बीएओ को उसके बाद सत्यापन की प्रक्रिया आरंभ होगी,जिसमें 13 अवश्यक प्रपत्र जमा करने होंगे। -देवी प्रसाद सिंह, सहायक निर्वाचन अधिकारी,गाजीपुर।
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प्रत्येक मतदाता को दो प्रतियों में गणना प्रपत्र (कैलकुलेशन फॉर्म) भरना होगा,एक प्रति मतदाता को दी जाएगी और दूसरी बीएलओ के पास हस्ताक्षर सहित जमा होगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए 304 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। जिले में वर्तमान मतदाता सूची में 29,54,478 मतदाता दर्ज हैं। 2003 के बाद यह पहला अवसर है जब सूची का घर-घर सत्यापन हो रहा है। जिनका नाम 2003 की सूची में नहीं था, उन्हें यह बताना होगा कि परिवार के किस सदस्य का नाम तब शामिल था। बीएलओ दी गई जानकारी के आधार पर इसका सत्यापन करेंगे। सत्यापन के दौरान मृतकों के नाम हटाए जाएंगे। 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को जन्म तिथि व जन्म स्थान का प्रमाण देना होगा। यदि स्वयं के अभिलेख नहीं हैं, तो माता-पिता के दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
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भारतीय नहीं हैं तो देना होगा नागरिकता प्रमाणपत्र-यदि अभिभावक भारतीय नागरिक नहीं हैं, तो उन्हें वैध पासपोर्ट व वीजा की प्रति या भारत के बाहर जन्म होने पर संबंधित भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र देना होगा। भारतीय नागरिकता प्राप्त होने की स्थिति में नागरिक पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
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वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने पर बताना होगा कारण-बीएलओ सत्यापन के दौरान कोई दस्तावेज नहीं लेंगे। वे केवल गणना प्रपत्र देंगे, जिसमें मतदाता की जानकारी पहले से प्रिंट होगी। मतदाता को उसे भरकर बीएलओ को लौटाना होगा। यदि 2003 की सूची में नाम नहीं है, तो उसका कारण बताना होगा, जैसे परिवार में मृत्यु, दूसरे राज्य में नाम दर्ज होना, या स्थानांतरण। ऐसे मामलों में नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज मांगे जाएंगे।
खून के रिश्ते के आधार पर जोड़ा जाएगा नाम-यदि मतदाता का नाम 2025 की सूची में है, लेकिन 2003 की सूची में नहीं, तो परिवार के सदस्यों के नाम मिलान किए जाएंगे। नाम मिलने पर ही खून के रिश्ते के आधार पर नाम जोड़ा जाएगा।
ऑनलाइन देखें 2003 की वोटर लिस्ट-मतदाता 2003 की सूची में अपना नाम देखने के लिए https://voter.eci.gov.in/ वेबसाइट पर जा सकते हैं। वहां एसआईआर विकल्प चुनकर राज्य और विधानसभा क्षेत्र का चयन करें। पोलिंग बूथ या मोहल्ले के आधार पर नाम खोज सकते हैं। दोनों सूचियों 2003 और 2025 में नाम न होने की स्थिति में फॉर्म 6 भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ नया नाम जोड़ा जा सकता है।
एसआईआर के लिए जिले में 2959 बीएलओ और 304 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। प्रक्रिया के तहत पहले सभी मतदाता गणना प्रपत्र भरकर बीएओ को उसके बाद सत्यापन की प्रक्रिया आरंभ होगी,जिसमें 13 अवश्यक प्रपत्र जमा करने होंगे। -देवी प्रसाद सिंह, सहायक निर्वाचन अधिकारी,गाजीपुर।