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बारिश से सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूबी

Sat, 22 Jul 2017 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर Updated Sat, 22 Jul 2017 10:38 PM IST
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Hundreds of acres of paddy crop rains
डूबी धान की फसल को निहारता किसान।
क्षेत्र में तीन दिनों तक हुई तेज बारिश से सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूब गई है। किसान तबाह हो गए हैं। किसानों की दिन-रात की मेहनत पर पानी फिर गया है। धान की रोपाई में लगा पैसा फसल के साथ डूब गया है। लोग आर्थिक तंगी झेलने के लिए मजबूर हैं। धान की नर्सरी भी खत्म हो गई है। ऐसे में दोबारा धान की रोपाई करना संभव नहीं हो पा रहा है। जिन किसानों की फसलें बारिश की भेंट चढ़ी हैं, वह ऊपर वाले को दुहाई देते हुए डूबी फसलों को नम आंखों से निहार रहे हैं। 
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कुछ दिन पहले तक किसान धान की रोपाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे। लेकिन बारिश न होने की वजह से मजबूरीवश किसानों ने डीजल इंजन से खेतों की सिंचाई कर धान की रोपाई किया। इसके बाद यह आस लगाए रहे कि हल्की बारिश होने पर फसलों की हरियाली बरकरार रहे। ज्यादा बारिश न हो, जिससे फसले डूब जाए। लेकिन किसानों की यह आस उस समय टूट गई। जब रुक-रुककर तीन दिनों हुई हल्की और तेज बारिश से दर्जनों किसानों के खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गए।
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सैकड़ों एक धान की फसल पानी में डूब गई। बुधवार की रात डेढ़ बजे से सुबह पांच बजे तक तेज और धीमी बारिश हुई। जबकि गुरुवार और शुक्रवार की हल्की हल्कि बारिश हुई। इसका फसलों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। लेकिन शनिवार को सुबह 45 मिनट तक हुई मूसलधार बारिश के बाद खेतों में चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई देने लगा। फसल डूबने से किसान इस बात से दर्द में डूब गए कि उनकी मेहनत की एक ही झटके में फसल पानी में डूब गई।
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किसानों इस बात की समस्या सताने लगी कि धान की नर्सरी से धान की रोपाई तो कर दी, अब दूसरी बार बीज कहा से लाएंगे, जिससे पानी निकलने के बाद दूसरी बार धान की रोपाई कर सके। जिन किसानों की धान की नर्सरी पानी से घिरी थी, उसे मजदूरों के सहारे उखाड़ने में जुटे रहे। 

इस संबंध में हरदापुर श्रीकांत राय ने कहा कि लगातार हुई बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि राहत के नाम पर आसमान से आफत बरसेगी। दुबिहा ने नंदू कुशवाहा ने कहा कि बारिश न होने पर डीजल इंजन के सहारे खेत में पानी भरवाकर तीन बीघा धान की रोपाई कराया था। आस लगाया था कि बाद में हल्की बारिश होने पर फसल को लाभ मिलेगा, लेकिन अधिक बारिश होने से फसल डूबकर चौपट हो गई।


गोविंदपुर के राजमंगल यादव ने कहा कि बारिश के नाम पर क्षेत्र के किसानों के लिए आसमान से आफत बरसी है। किसी तरह खेतों की सिंचाई कर धान की रोपाई कराया था, लेकिन फसल पानी में डूब गई। बीज भी समाप्त होने से अब दोबारा कैसे फसल की बुआई होगी। लालपिपरी के श्रीकांत राजभर ने बताया किडीजल इंजन के सहारे किसी तरह पेशगी पर धान की रोपाई कराया था। लेकिन परेशानी बढ़ गई।     

 
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