{"_id":"5efe0c408ebc3e4342527683","slug":"honorarium-has-not-been-received-for-six-months-ghazipur-news-vns533563829","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह माह से नहीं मिला मानदेय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह माह से नहीं मिला मानदेय
विज्ञापन
गाजीपुर। कोविड-19 में ड्यूटी कर रहे चिकित्सकों, नर्सों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों को कोरोना योद्धा की संज्ञा दे कर कभी फूल बरसाए जा रहे है तो कभी सम्मानित किया जा रहा है। लेकिन ठीक उन्हीं की तरह हाट स्पाट के बैरियरों, क्वारंटीन सेंटरों पर, कोरोना मरीजों के भर्ती किए गए अस्पतालों में या कोरोना से जुड़ी कई प्रकार की गतिविधियों में ड्यूटी कर रहे होमगार्डों के साथ नाइंसाफी हो रही है। इन पर फूल बरसाने या सम्मानित करने की बात तो दूर छह माह से वेतन तक नहीं दिया गया है। फरवरी माह से इनका वेतन नही मिलने से यह भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। उन्होंने अपने मानदेय के लिए कई बार गुहार भी लगाई, लेकिन बार-बार बजट का अभाव बताकर अधिकारी पल्ला झाड़ ले रहे है।
कोरोना की शुरुआत के बाद से ही प्रशासन होमगार्डों की सेवा ले रहा है। इसमें सामान्य ड्यूटी के अलावा अतिरिक्त ड्यूटी पर भी होमगार्डों की तैनाती कर दी गई। जिलेभर में करीब 700 होमगार्ड कोरोना की ड्यूटी में लगाए गए हैं, जिसमें यातायात से जुड़े जवान भी है। अधिकतर होमगार्डों की ड्यूटी उन स्थानों पर लगाई गई है, जहां प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोरोना के मरीजों का संबंध बना हुआ है। जिले में बनाए गए हाटस्पाट पर सुबह से शाम तक धूप या बरसात में यह अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। इनके साथ ही ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों को सुरक्षा की दृष्टि से विभाग की ओर से मास्क और सैनिटाइजर भी बांटा गया लेकिन इन होमगार्डों को कोरोना से सुरक्षा के लिए कोई खास सामग्री नहीं दिया गया। तमाम अवरोधों के बाद भी यह फरवरी से ही ड्यूटी पर लगे हुए है और जुलाई माह शुरू हो गया लेकिन इन्हें अब तक मानदेय नहीं मिला। होमगार्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय बहादुर ने बताया कि वेतन को ले कर कई बार कमांडेट से बात की गई लेकिन वह बजट की कमी का हवाला देकर लौटा देते हैं।
विज्ञापन
कोरोना की शुरुआत के बाद से ही प्रशासन होमगार्डों की सेवा ले रहा है। इसमें सामान्य ड्यूटी के अलावा अतिरिक्त ड्यूटी पर भी होमगार्डों की तैनाती कर दी गई। जिलेभर में करीब 700 होमगार्ड कोरोना की ड्यूटी में लगाए गए हैं, जिसमें यातायात से जुड़े जवान भी है। अधिकतर होमगार्डों की ड्यूटी उन स्थानों पर लगाई गई है, जहां प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोरोना के मरीजों का संबंध बना हुआ है। जिले में बनाए गए हाटस्पाट पर सुबह से शाम तक धूप या बरसात में यह अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। इनके साथ ही ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों को सुरक्षा की दृष्टि से विभाग की ओर से मास्क और सैनिटाइजर भी बांटा गया लेकिन इन होमगार्डों को कोरोना से सुरक्षा के लिए कोई खास सामग्री नहीं दिया गया। तमाम अवरोधों के बाद भी यह फरवरी से ही ड्यूटी पर लगे हुए है और जुलाई माह शुरू हो गया लेकिन इन्हें अब तक मानदेय नहीं मिला। होमगार्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय बहादुर ने बताया कि वेतन को ले कर कई बार कमांडेट से बात की गई लेकिन वह बजट की कमी का हवाला देकर लौटा देते हैं।
विज्ञापन