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Ghazipur News: स्वास्थ्यकर्मियों को मिला प्रशिक्षण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर रहा फोकस
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जमानिया। नीति आयोग द्वारा चयनित आकांक्षात्मक विकास खंड रेवतीपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सभागार में मंगलवार को स्वास्थ्यकर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमर कुमार ने किया।
कार्यक्रम के तहत पांच बैचों में कुल 239 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाना है, जिनमें आशा, आशा संगिनी, एनएनएम (एएनएम) एवं सीएचओ शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के त्रैमासिक चिह्नांकन, प्रसव पूर्व चार अनिवार्य जांचों की जानकारी देना और बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए संपूर्ण टीकाकरण करना है।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. अमर कुमार ने कहा कि बीएचएनडी दिवस एवं एएनएम क्लीनिक दिवस पर गर्भवती महिलाओं की जरूरी जांचें की जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिकायत की स्थिति में संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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कहा कि जन्म से दो वर्ष तक के बच्चों को उम्र के अनुसार सभी टीके देकर संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी पुरुष एवं महिलाओं की ब्लड प्रेशर और मधुमेह की जांच नियमित की जाए।
यूनिसेफ बीएमसी इम्तियाज़ अहमद ने बताया कि प्रथम त्रैमास में गर्भवती महिलाओं का चिह्नांकन कर उनका पंजीकरण, फोलिक एसिड का नियमित सेवन और पीएमएसएमए दिवस पर अनिवार्य जांच सुनिश्चित कराई जाए।
बच्चों को उम्र के अनुसार टीके लगाने और गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के लिए पौष्टिक आहार की सिफारिश की गई। साथ ही संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहन देने पर भी बल दिया गया।
कार्यक्रम में बीसीपीएम सुनील कुमार, बीपीएम बबीता सिंह, एआरओ संदीप यादव, अनीश कुशवाहा, अमित मौर्या, अभिषेक उपाध्याय, प्रियांशी सिंह, शैलजा, शैलेश आदि उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम के तहत पांच बैचों में कुल 239 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाना है, जिनमें आशा, आशा संगिनी, एनएनएम (एएनएम) एवं सीएचओ शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के त्रैमासिक चिह्नांकन, प्रसव पूर्व चार अनिवार्य जांचों की जानकारी देना और बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए संपूर्ण टीकाकरण करना है।
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प्रशिक्षण के दौरान डॉ. अमर कुमार ने कहा कि बीएचएनडी दिवस एवं एएनएम क्लीनिक दिवस पर गर्भवती महिलाओं की जरूरी जांचें की जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिकायत की स्थिति में संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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कहा कि जन्म से दो वर्ष तक के बच्चों को उम्र के अनुसार सभी टीके देकर संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी पुरुष एवं महिलाओं की ब्लड प्रेशर और मधुमेह की जांच नियमित की जाए।
यूनिसेफ बीएमसी इम्तियाज़ अहमद ने बताया कि प्रथम त्रैमास में गर्भवती महिलाओं का चिह्नांकन कर उनका पंजीकरण, फोलिक एसिड का नियमित सेवन और पीएमएसएमए दिवस पर अनिवार्य जांच सुनिश्चित कराई जाए।
बच्चों को उम्र के अनुसार टीके लगाने और गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के लिए पौष्टिक आहार की सिफारिश की गई। साथ ही संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहन देने पर भी बल दिया गया।
कार्यक्रम में बीसीपीएम सुनील कुमार, बीपीएम बबीता सिंह, एआरओ संदीप यादव, अनीश कुशवाहा, अमित मौर्या, अभिषेक उपाध्याय, प्रियांशी सिंह, शैलजा, शैलेश आदि उपस्थित रहे।