गाजीपुर। जिले के ग्रामीण इलाकों में स्थित सीएचसी-पीएचसी पर स्वास्थ्य सुविधाएं नदारद हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की जहां जबरदस्त कमी बनी हुई है। वहीं दवाओं एवं जांच तक की भी सुविधा नहीं है। हालत यह है कि कहीं फार्मासिस्टों के सहारे अस्पताल चलाया जा रहा है तो कहीं चिकित्सकों के अभाव के कारण ताला केंद्र पर लटका रहता है। तहसील एवं ब्लाक स्तर पर 12 सामुदायिक और पांच प्राथमिक स्वास्थ्य के अलावा गांव स्तर पर 57 न्यू पीएचसी हैं। सीएचसी-पीएचसी पर डॉक्टरों के 197 पद सृजित हैं, जबकि 107 की तैनाती है। वहीं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के भी अधिकांश पद खाली हैं। यही नहीं एक सीएचसी पर सात डॉक्टरों के पद सृजित होते हैं, जिसमें जनरल सर्जन, फिजीशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बेहोशी के डॉक्टर, एक बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, एक डॉक्टर होना चाहिए। जबकि वर्तमान समय में फिजीशियन, सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, बेहोशी के डॉक्टर एवं रेडियोलॉजिस्ट का अभाव है। यही नहीं अल्ट्रासाउंड की मशीन नहीं है। कहीं एक्स-रे मशीन है तो विशेषज्ञ नहीं है। जांच की सुविधा शायद ही किसी केंद्र पर मिले। जखनिया सीएचसी के चिकित्सा अधिकारी डा. योगेंद्र यादव बताते हैं कि तीन डॉक्टर हैं। इसमें मात्र एक ही चिकित्सक रहते हैं। विशेषज्ञ डाक्टर का पद रिक्त है। इसके तहत आने वाले धर्मागतपुर पीएचसी का भवन जर्जर हो चुका है। नंदगंज न्यू पीएचसी पर दो डाक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक वार्ड ब्वाय और एक स्वीपर मौजूद है। मुहम्मदाबाद सीएचसी अधीक्षक सहित छह डाक्टर तैनात हैं। इसमें एक आयुर्वेदिक और एक होमियोपैथी डाक्टर शामिल हैं। यहां सर्जन, फिजीशियन, महिला चिकित्सक, बेहोशी के डाक्टर, आर्थो सर्जन एवं आंख के डाक्टर नहीं हैं। एक्स-रे मशीन लगी है, लेकिन मरीजों को बाहर से एक्स-रे कराना पड़ता है। जांच की व्यवस्था नहीं हैं। कासिमाबाद सीएचसी पर दो चिकित्सक तैनात हैं। अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन नहीं है। यहां खांसी, बुखार और जुकाम तक की दवा नहीं है। रेवतीपुर ब्लाक स्थित सीएचसी में कुल 72 पद सृजित हैं। इसमें एक चिकित्सा अधीक्षक, तीन डाक्टर समेत महज 31 कर्मी ही हैं। शेष अन्य पद रिक्त चल रहे हैं। जमानिया के बरुइन स्थित सीएचसी पर एक डेंटल सर्जन सहित चार चिकित्सक तैनात हैं। एक्स-रे मशीन धूल फांक रही है। सीबीसी मशीन का छह माह बाद भी संचालन नहीं सका है। डेढ़ वर्ष से प्रसव नहीं होता है। जीवन रक्षक दवाओं का अभाव है। यही हाल अन्य सीएचसी एवं पीएचसी की भी है। सीएमओ डा. जीसी मौर्या ने बताया कि सीएचसी-पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों की ड्यूटी कोविड अस्पताल में लगाई गई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मिल सके। इसके लिए नोडल अधिकारियों द्वारा लगातार मानीटरिंग की जा रही है।